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नोटबंदी में डिपॉजिट का हिसाब नहीं देने वालों पर जनवरी से शुरू होगी I-T जांच

आईटी डिपार्टमेंट टैक्स चोरी के मामलों में अगले साल जनवरी से एसेसमेंट प्रोसीडिंग्स शुरू कर देगा।

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नई दिल्ली. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ( I-T) अब ऐसे लोगों पर सख्ती करने जा रहा है, जिन्होंने नोटबंदी के बाद बैंकों में 'संदिग्ध' पैसा जमा किया, लेकिन अभी तक इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल नहीं किया। I-T डिपार्टमेंट ऐसे मामलों में अगले साल जनवरी से एसेसमेंट प्रोसीडिंग्स शुरू कर देगा। बता दें कि सरकार ने पिछले साल नोटबंदी की थी। इसके तहत 500 और एक हजार के नोट बंद किए गए थे। 

 

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31 दिसंबर तक भेज दिए जाएंगे सभी नोटिस

-  I-T डिपार्टमेंट के लिए पॉलिसीज बनाने वाले सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (सीबीडीटी) ने कहा कि ऐसी एंटिटीज को नोटिस देने का काम 31 दिसंबर तक खत्म हो जाएगा।

 

जनवरी से शुरू होगी जांच

- एक सीनियर अफसर ने कहा, 'डिपार्टमेंट आई-टी नोटिस के बाद मिले जवाब के आधार पर ऐसे एसेसीज के खिलाफ एसेसमेंट प्रोसीडिंग जनवरी के आखिर में शुरू कर देगा।' उन्होंने कहा कि जिन मामलों में नोटिस के जवाब मिल चुके हैं, उनका एनालिसिस किया जा रहा है।

 

तैयार है 18 लाख एसेसीज की लिस्ट

- यह कवायद ऑपरेशन क्लीन मनी (ओसीएम) का हिस्सा है, जिसे नोटबंदी के बाद ब्लैकमनी पर शिकंजा कसने के लिए इस साल के शुरुआत में लॉन्च किया गया था।

- ओसीएम में ऑनलाइन वैरिफिकेशन के पहले फेज के दौरान मिली जानकारी और डाटा एनालिटिक्स के आधार पर लगभग 18 लाख एसेसीज की लिस्ट तैयार की गई है, जिन्होंने नोटबंदी के दौरान (8 नवंबर से 30 दिसंबर, 2016) के अपने बैंक अकाउंट्स में काफी कैश जमा किया था, लेकिन एसेसमेंट ईयर 2017-18 के लिए आईटीआर अभी तक नहीं भरा।

 

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