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    Home »Economy »Taxation» This Is How GST Will Change Old Tax Structure VAT

    फैक्ट्री से कन्ज्यूमर तक ऐसे लगेगा GST, टैक्स का बोझ होगा कम

    नई दिल्ली।गुड्स और सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) 1 जुलाई से लागू होने की तैयारियां तेज हो गई हैं। जीएसटी आने के बाद भारत का टैक्स स्ट्रक्चर बदल जाएगा। अभी तक एक्साइज ड्यूटी, वैट, प्रोफेशनल टैक्स, लग्जरी टैक्स, एंट्री टैक्स, एंटरटेनमेंट टैक्स, सर्विस टैक्स अलग-अलग चुकाते आए हैं। लेकिन अब ये सभी टैक्स जीएसटी में शामिल हो गए हैं। इससे आम लोगों का टैक्स का बोझ और कारोबारियों का पेपर वर्क कम हो जाएगा। आइए जानते हैं कैसे बदलेगा टैक्स स्ट्रक्चर...
     
    जीएसटी में बदलेगा टैक्स स्ट्रक्चर
     
    जीएसटी में मैन्युफैक्चरर से लेकर कस्टमर के लिए अलग-अलग स्तर पर टैक्स लगेगा। अगर किसी प्रोडक्ट की फैक्ट्री कॉस्ट 1 हजार रुपए है, तो उस पर अलग-अलग वैट और एक्साइज नहीं लगेगा। उस पर जीएसटी की एक समान दर लगेगी।
     
     
    जीएसटी से कम होगा पेपरवर्क
     
    अभी अलग-अलग प्रोडक्ट पर एक्साइज ड्यूटी से लेकर वैट जैसे सभी टैक्स मिलाकर करीब 25 से 30 फीसदी टैक्स देना होता है। लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद अलग-अलग टैक्स के लिए पेपर वर्क और टैक्स दोनों कम हो जाएंगे।
     
    टैक्स का बोझ होगा कम
     
    कस्टमर की जेब पर टैक्स का बोझ करीब 3.5 फीसदी कम हो जाएगा। यानी 1 हजार रुपए के प्रोडक्ट पर कस्टमर से करीब 200 रुपए का टैक्स बोझ कम हो जाएगा।

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