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बर्बादी / Income Tax विभाग ने किराए पर खर्च कर दिए टैक्सपेयर्स के 1000 करोड़, खाली जमीन पर निर्माण नहीं कराया, देते रहे किराया

पीएमओ की  सख्ती से जागा इनकम टैक्स, सीएजी की रिपोर्ट में इनकम टैक्स के कारनामे का खुलासा

Income tax department spent 1000 crores rupees of taxpayers, on rent but not built own building
  • मुंबई के नरीमन प्वाइंट में 1992 में आवंटित हो गई थी जमीन
  • अब जून 2020 तक बिल्डिंग बनाने का किया जा रहा दावा

नई दिल्ली। इनकम टैक्स विभाग भी टैक्सपेयर्स के पैसे को पानी की तरफ खर्च करने में पीछे नहीं है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है। मामले के मुताबिक, इनकम टैक्स के पास खाली जमीन थी, लेकिन विभाग ने उस जमीन पर भवन का निर्माण नहीं कर किराया देना मुनासिब समझा। किराए के मद में विभाग ने 1000 करोड़ रुपए खर्च कर दिए। 

1992 में आवंटित की गई थी जमीन
मामले के मुताबिक, इनकम टैक्स विभाग के पास मुंबई के नरीमन प्वाइंट जैसे प्राइम इलाके में जमीन है जिसे 1992 में आवंटित किया गया था। तब से यह जमीन खाली पड़ी है और इसका कोई इस्तेमाल नहीं हो रहा है। इस दौरान किराए के मद में विभाग ने 1000  करोड़ रुपए खर्च कर दिए, जबकि मात्र 200-250  करोड़ रुपए खर्च कर नरीमन प्वाइंट में खाली पड़ी जमीन पर भवन बनाए जा सकते थे। सीएजी की रिपोर्ट के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से सख्ती दिखाने के बाद इनकम टैक्स विभाग की नींद खुल गई है। अब नरीमन प्वाइंट के 2700 वर्गमीटर जमीन पर अगले साल यानी कि 2020 जून तक हर हाल में भवन निर्माण का फैसला किया गया है। इतना ही नहीं, सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (सीबीडीटी) ने इस भवन निर्माण के काम की देखरेख के लिए बकायदा एक कमेटी बना दिया है। इस टाक्स फोर्स के कहा  गया है कि हर हाल में जून 2020 तक नरीमन प्वाइंट इलाके में खाली पड़ी जमीन पर भवन का निर्माण हो जाना चाहिए। 2700 वर्गमीटर की इस जगह पर कम से कम 100000 वर्ग फीट की निर्माण हो सकता है। मुंबई स्थित इनकम टैक्स विभाग के प्रमुख आयुक्त इस टास्क फोर्स के हेड बनाए गए हैं। 

2008 में ही मिल गई थी निर्माण की अनुमति
वर्ष 2017 में भी इनकम टैक्स विभाग ने इस जमीन पर भवन निर्माण के लिए टेंडर फ्लोट किया था, लेकिन तब टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी। विभाग को इस जमीन पर निर्माण कराने की मंजूरी 2008 में ही मिल गई थी। इस निर्माण को लेकर सीबीडीटी की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि टास्क फोर्स से हर सप्ताह निर्माण संबंधी रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। टास्क फोर्स से यह भी कहा गया है कि इस काम में लोक निर्माण विभाग की हर संभव मदद करे और किसी भी प्रकार की मंजूरी में दिक्कत आने पर उसे दूर करने का तत्काल प्रयास किया जाए। समझा जा रहा है कि इस नरीमन प्वाइंट पर निर्माण के पूरा होने के बाद टैक्स विभाग के जगह की कमी दूर हो जाएगी। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि वर्ष 2020 के जून तक इस काम को पूरा करना चुनौती भरा होगा।

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