हेल्थकेयर पर GST नहीं: फोन बिल महंगा होगा, लग्जरी होटल्स पर 28% टैक्स

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जीएसटी लागू होने के साथ देश में फाइनेंशियल सर्विसेज महंगी हो जाएंगी। (फाइल) जीएसटी लागू होने के साथ देश में फाइनेंशियल सर्विसेज महंगी हो जाएंगी। (फाइल)

moneybhaskar

May 21,2017 12:54:00 PM IST
श्रीनगर/नई दिल्‍ली. गुड्स एंड सर्विसेज टैक्‍स (जीएसटी) काउंसिल की मीटिंग के दूसरे दिन सर्विसेज पर टैक्स रेट तय किए गए। अरुण जेटली ने बताया कि एजुकेशन और हेल्थकेयर को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है। फाइनेंशियल सर्विसेज 18% टैक्स स्लैब में हैं। साफ है कि बैंकिंग, इन्श्योरेंस और दूसरी फाइनेंशियल सर्विसेज महंगी हो जाएंगी। इसके अलावा फोन का बिल भी बढ़ जाएगा। मल्टीप्लेक्स में मूवी देखना सस्ता हो सकता है। ब्रांडेड कपड़े पहनना महंगा हो जाएगा। गोल्ड पर टैक्स रेट 3 जून को होने वाली GST काउंसिल की मीटिंग में तय होगा। Q&A में समझें GST से क्या बदलाव होंगे...
क्या है GST, कब से लागू होगा?
- GST का मतलब गुड्स एंड सर्विसेस टैक्‍स है। आसान शब्‍दों में कहें ताे जीएसटी पूरे देश के लिए इनडायरेक्‍ट टैक्‍स है, जो भारत को एक जैसा बाजार बनाएगा।
- संसद इसका बिल पास कर चुकी है। 10 राज्य स्टेट जीएसटी पास कर चुके हैं। 1 जुलाई से GST देशभर में लागू होना है।
इसे क्यों लाया गया?
- 17 साल की कवायद के बाद GST इसलिए लाया गया कि अभी एक ही चीज के लिए दो राज्यों में अलग-अलग कीमत चुकानी पड़ती है। जीएसटी लागू होने पर सभी राज्यों में लगभग सभी गुड्स एक ही कीमत पर मिलेंगे। GST को केंद्र और राज्‍यों के 17 से ज्‍यादा इनडायरेक्‍ट टैक्‍स के बदले में लागू किया जा रहा है।
- इससे एक्‍साइज ड्यूटी, सेंट्रल सेल्स टैक्स (सीएसटी), स्टेट के सेल्स टैक्स यानी वैट, एंट्री टैक्स, लॉटरी टैक्स, स्टैंप ड्यूटी, टेलिकॉम लाइसेंस फीस, टर्नओवर टैक्स, बिजली के इस्तेमाल या सेल्स और गुड्स के ट्रांसपोर्टेशन पर लगने वाले टैक्स खत्म हो जाएंगे।
शुक्रवार को क्या हुआ?
गुड्स की तरह सर्विसेस को भी 5, 12, 18, 28% के टैक्स स्लैब में बांटा गया है।
किन सर्विसेस को GST के दायरे से बाहर रखा गया है?
हेल्थकेयर: अभी इस सेक्टर में इक्विपमेंट, मशीनरी, स्‍टेंट, फार्मा सेक्‍टर पर वैट लगता है। हॉस्पिटल के बिल पर कोई टैक्‍स नहीं लगता है। हेल्थकेयर को GST के दायरे से बाहर रखा गया है।
एजुकेशन: इस सेक्‍टर को GST से बाहर रखा गया है। इस पर अभी भी कोई टैक्स नहीं है। लेकिन, हायर एजुकेशन जैसे IITs, IIMs की फीस पर सर्विस टैक्स देना पड़ता है।
लॉटरी: इसे GST के दायरे से बाहर रखा गया है।
किन्हें कम टैक्स स्लैब में रखा गया?
- रेलवे, एयर और ट्रांसपोर्ट को 5% के सबसे कम स्लैब में रखा गया है क्योंकि ये पेट्रोलियम इंडस्ट्री पर निर्भर हैं। पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स को GST से बाहर रखा गया है।
टेलिकॉम और फाइनेंशियल सर्विसेस किस दायरे में हैं?
- इन पर पहले 15% टैक्स लगता था। GST में इसे 18% के स्लैब में रखा गया है। 3% टैक्स बढ़ने से ये सर्विसेस महंगी हो जाएंगी।
ट्रैवलिंग पर कितना असर?
- रेवेन्यू सेक्रेटरी हसमुख अधिया ने कहा, "मेट्रो, लोकल ट्रेन में ट्रैवल, धर्म यात्रा और हज यात्रा को GST के दायरे से बाहर रखा गया है। इकोनॉमी क्लास एअर ट्रैवल पर 5% टैक्स और बिजनेस क्लास पर 12% GST लगाया जाएगा।"
- नॉन एसी ट्रेन ट्रैवल को GST के दायरे से बाहर रखा गया है। वहीं, एसी ट्रैवल टिकट पर 5% GST लगाया जाएगा।
होटलों-रेस्टोरेंट्स पर कितना लगेगा टैक्स?
- 50 लाख या उससे कम सालाना टर्नओवर वाले रेस्टोरेंट्स 5% टैक्स लगेगा।
- नॉन AC होटल्स पर 12%, AC, लिकर लाइसेंस वाले होटल्स की सर्विसेस पर 18% टैक्स लगेगा।
- एक कमरे का 1000 रुपए से कम किराया लेने वाले लॉज-होटल की सर्विसेस को टैक्स के दायरे से बाहर रखा गया है।
- 1000 रुपए से 2500 रुपए प्रति कमरा किराया चार्ज करने वाले होटल्स की सर्विसेस पर 12% टैक्स लगेगा।
- 2500 रुपए से 5000 रुपए प्रति कमरा किराया लेने वाले होटल्स की सर्विसेस पर 18% टैक्स लगेगा।
- किराया 5000 से ज्यादा होने पर होटल्स की सर्विस पर 28% टैक्स लगेगा।
क्या मूवी देखने जाना सस्ता हो जाएगा?
- अलग-अलग राज्यों में सिनेमा हॉल्स और मल्टीप्लेक्सेस पर सर्विस टैक्स और एंटरटेनमेंट टैक्स मिलाकर अभी 40% से 55% टैक्स लग रहा है। ये खत्म होकर GST के दायरे में आ जाएगा। अब यह 28% हो जाएगा। लेकिन, सिनेमा टिकट का सस्ता होना स्टेट्स पर निर्भर करता है, क्योंकि इंटरटेनमेंट के मामले में लोकल चार्ज लगाने का अधिकार उनके पास ही है।
- यूपी में अभी मूवी टिकट पर 40% टैक्स लगता है। वहां फिल्म देखना सस्ता हो जाएगा। लेकिन तमिलनाडु में 15% टैक्स लगता था। 28% GST के बाद अब वहां मूवी देखना अब महंगा हो जाएगा।
गोल्ड, बायोडीजल पर क्या पड़ेगा असर?
- जेटली के मुताबिक, अभी इस पर फैसला नहीं हुआ है। गोल्ड, बायोडीजल से जुड़े प्रोडक्ट्स, बीड़ी, सिगरेट, टेक्सटाइल्स, फुटवियर, एग्रीकल्चर मशीनरी पर 3 जून को होने वाली GST काउंसिल की मीटिंग में फैसला होगा।
ब्रांडेड कपड़ों की कीमत पर क्या असर पड़ेगा?
- अभी ब्रांडेड कपड़ों पर 8% से 10% सर्विस टैक्स लगता है। GST लागू होने के बाद इन पर 18% टैक्स लगेगा।
गैंबलिंग पर कितना GST लगेगा?
-गैंबलिंग, रेसकोर्स और बेटिंग को 28% टैक्स के दायरे में रखा गया है।
ऐप से कैब बुक कराने पर कितना टैक्स?
-जीएसटी के तहत कैब एग्रीगेटर्स पर 5% की दर से टैक्स लिया जाएगा। अभी तक इस पर 6% सर्विस टैक्स लगता था।
GST से क्या राज्यों को नुकसान भी होगा?
- इकोनॉमिस्‍ट डीएच पई पनंदिकर ने moneybhaskar.com को बताया कि GST से मैन्‍युफैक्‍चरिंग स्‍टेट घाटे में रहेंगे, वहीं कंज्‍यूमर स्‍टेट को फायदा होगा। महाराष्‍ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, हरियाणा, कर्नाटक, पंजाब और वेस्‍ट बंगाल मैन्‍युफैक्‍चरिंग स्‍टेट में आते हैं। इसकी वजह यह है कि इन राज्यों में कंज्यूमर गुड्स के प्लांट्स ज्यादा हैं।
- उन्होंने बताया कि यूपी, बिहार, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, मध्‍य प्रदेश, छत्‍तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और जम्‍मू-कश्‍मीर ऐसे राज्‍य हैं जिनकी इकोनॉमी मैन्‍युफैक्‍चरिंग पर बेस्‍ड नहीं है।
- पनंदिकर के मुताबिक, GST लागू होने के बाद किसी भी प्रोडक्‍ट पर टैक्स एंड यूजर पर लगेगा। मतलब अगर कोई प्रोडक्‍ट गुजरात में बनता है और यूपी में बिकता है तो टैक्‍स यूपी में लगेगा। ऐसा होने पर तमिलनाडु को सालाना करीब 3,500 करोड़ रुपए, महाराष्ट्र को करीब 14,000 करोड़ रुपए और गुजरात को 10,800 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। इस नुकसान की भरपाई केंद्र करेगा। (पूरी खबर यहां पढ़ें...)
आगे पढ़िए- GST से फायदा किसे होने वाला है?
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GST से फायदा किसे होने वाला है? कंज्यूमर: टैक्स पर टैक्स के हालात खत्म होने से कंज्यूमर को फायदा होगा। अभी सामान पर कुल मिलाकर 31% तक टैक्स लगता है। यह कम हुआ तो इम्प्लॉयमेंट बढ़ेगी। ट्रेडर: सिर्फ एक टैक्स से बिजनेस आसान होगा। टैक्स प्रॉसेस भी ट्रांसपैरेंट होगी। देश एक मार्केट बन जाएगा। कारोबारियों को पहले चुकाए टैक्स का इनपुट क्रेडिट मिलेगा। सरकार: टैक्स बेस बढ़ने से केंद्र और राज्यों का रेवेन्यू बढ़ेगा। सरकार के लिए इस पर नजर रखना भी आसान होगा। साथ ही, टैक्स की चोरी भी कम होगी। इकोनॉमी: दाम कम होने से भारत में बने प्रोडक्ट दूसरे देशों में कॉम्पीटिटिव होंगे। इसका फायदा एक्सपोर्ट में मिलेगा। इन्वेस्टमेंट का माहौल बेहतर होने से एफडीआई आएगा। सरकार का अनुमान है कि जीएसटी लागू होने के बाद जीडीपी ग्रोथ रेट 1.5 से 2% तक बढ़ जाएगी। कंज्यूमर फ्रेंडली टैक्स रेट, नहीं बढ़ेगी महंगाई: जेटली - अरुण जेटली ने कहा, GST देश का सबसे असरदार टैक्स सिस्टम होने के साथ ही कंज्यूमर फ्रेंडली होने जा रहा है। GST से महंगाई नहीं बढ़ने जा रही है। मौजूदा रेट्स को या तो बरकरार रखा गया है या उनको नीचे लाया गया है। ज्यादातर सर्विसेज 12 से 18% टैक्स स्लैब में आएंगी। किन देशों में GST लागू हुआ तो GDP गिरी? - ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जापान, मलेशिया और सिंगापुर ने 1991 से 2000 के बीच जीएसटी लागू किया। 1994 में जब सिंगापुर ने जीएसटी लागू किया तो उस साल जीडीपी में बड़ी गिरावट दर्ज हुई। आईएमएफ के मुताबिक जीएसटी लागू होने से पहले सिंगापुर की जीडीपी 5.5% थी, जबकि जीएसटी लागू करने के बाद यह नेगेटिव में चली गई और -3% तक लुढ़क गई। कंज्यूमर फ्रेंडली टैक्स रेट, नहीं बढ़ेगी महंगाई: जेटली - अरुण जेटली ने कहा, GST देश का सबसे असरदार टैक्स सिस्टम होने के साथ ही कंज्यूमर फ्रेंडली होने जा रहा है। GST से महंगाई नहीं बढ़ने जा रही है। मौजूदा रेट्स को या तो बरकरार रखा गया है या उनको नीचे लाया गया है। ज्यादातर सर्विसेज 12 से 18% टैक्स स्लैब में आएंगी।
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जीएसटी लागू होने के साथ देश में फाइनेंशियल सर्विसेज महंगी हो जाएंगी। (फाइल)जीएसटी लागू होने के साथ देश में फाइनेंशियल सर्विसेज महंगी हो जाएंगी। (फाइल)
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