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    Home »Economy »Taxation» GST Council Will Take Final Call On Tax Rate For Different Commodities And Services

    1205 आइटम्स पर GST रेट तय: बिजली-कारें होंगी सस्ती, अनाज पर टैक्स नहीं

    श्रीनगर. जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में गुरुवार को 1205 आइटम्स पर GST के रेट तय किए गए।  काउंसिल ने आइटम्स की लिस्ट देर रात 11 बजे जारी कर दी। सरकार का दावा है कि इनमें ज्यादातर सामान या तो सस्ते होंगे या उनकी कीमत जस की तस बनी रहेगी। काउंसिल ने दूध, दही, अनाज जैसी चीजों को टैक्स के दायरे से बाहर रखा है। कोयले पर 11.69 की जगह अब 5% टैक्स लगेगा। माना जा रहा है कि इससे बिजली सस्ती होगी। एसयूवी, सेडान और लग्जरी कारों की कीमतों में कमी आएगी। वहीं, छोटी कारें हो जाएंगी महंगी। साबुन-टूथपेस्ट जैसी रोजमर्रा की जरूरत की चीजें भी सस्ती होंगी। काउंसिल ने तय किया है कि 81 फीसदी आइटम्स पर 18% से कम जीएसटी लगेगा। अरुण जेटली के मुताबिक, शुक्रवार को भी प्रोडक्ट्स और सर्विसेस पर टैक्स रेट तय किए जाएंगे, अगर फैसला नहीं हो सका तो एक और मीटिंग होगी। जीएसटी को चार टैक्स स्लैब में बांटा गया है। किस स्लैब में कितने पर्सेंट आइटम्स...
     
    स्लैबकितना टैक्स कितने प्रोडक्ट
    128%19%
    218%43%
    312%17%
    45%14%
     
    GST काउंसिल ने ऐसे तय किए रेट
     
    1# इन तीन चीजों पर टैक्स नहीं
    - गेहूं-चावल समेत अनाज, दूध और दही को GST के दायरे से बाहर रखा गया है। कुछ राज्यों में अनाज पर VAT लगता है। वहां 1 जुलाई से GST लागू होने के बाद अनाज सस्ता हो जाएगा।
     
    2# बिजली होगी सस्ती
    - कोयले पर अभी 11.69% टैक्स लगता है। लेकिन, GST आने पर यह टैक्स सिर्फ 5% लगेगा। इससे कई राज्यों में बिजली का टैरिफ कम होने की उम्मीद है। 
     
    3# रोजमर्रा की ये चीजें होंगी सस्ती
    - साबुन, टूथपेस्ट और हेयर ऑयल जैसी चीजें 18% टैक्स स्लैब के दायरे में आएंगी। इन चीजों पर अभी तक 22-24% तक टैक्स लगता है।
     
    4# छोटी कारें हो सकती हैं महंगी, लग्जरी गाड़ियों पर लगेगा सेस
    - मौजूदा टैक्स रेट के अनुसार अभी छोटी कारों पर 12.5 फीसदी एक्साइज टैक्स, 14.5 फीसदी तक वैट लगता है। जिसकी वजह से कुल टैक्स देन दारी 27 फीसदी आती है।
    - जीएसटी लागू होने पर 28 फीसदी टैक्स के साथ छोटी कारों पर 1-3 फीसदी का सेस लगेगा। जिससे कुल छोटी कारों पर कुल टैक्स 29 फीसदी से लेकर 31 फीसदी के बीच आएगी। ऐसे में कारों की लागत बढ़ेगी। जिसकी भरपाई कार कंपनियां कीमतें बढ़ाकर कर सकती हैं। 
    - अभी 1500 सीसी से ज्यादा इंजन वालों कारों पर 41.5 फीसदी से लेकर 44.5 फीसदी टैक्स लगता है।
    - जीएसटी लागू होने पर इन कारों पर 43 फीसदी के करीब टैक्स लगेगा। घटे टैक्स को देखते हुए कार कंपनियां कीमतें घटा सकती हैं। 
    - कारों को 28% के स्लैब में रखा गया है। अभी कारों पर 30-32% टैक्स लगता है। GST आने के बाद छोटी कारों पर 28% टैक्स और 1% सेस। इस तरह कुल टैक्स 29% हो जाएगा।
    - मीडियम सेगमेंट की कारों पर 28% टैक्स के अलावा 3% सेस और लग्जरी कारों पर 15% सेस लगेगा। 
     
    5# इन आइटम्स पर असर नहीं
    - रोजाना इस्तेमाल में आने वाले आइटम्स जैसे चाय, कॉफी (इंस्टेंट नहीं), चीनी को 5% टैक्स के स्लैब में रखा गया है। पहले भी इन पर करीब इतना ही टैक्स लगता था। इसलिए इन पर कोई असर पड़ने के आसार नहीं हैं।
     
    6# बाकी आइटम्स पर इस तरह लगेगा टैक्स
    - 1 जुलाई से मिठाई पर भी 5% टैक्स देना होगा। 
    - एसी और फ्रिज को 28% के स्लैब में रखा गया है।
    - लाइफ सेविंग ड्रग्स को सबसे कम 5% की स्लैब में डाला गया है।
     
    क्या कहा अरुण जेटली ने?
    - हमने ज्यादातर आइटम्स के लिए टैक्स रेट तय कर लिए हैं। गुरुवार की मीटिंग में जिन चीजों को टैक्स से बाहर रखा जाना है, उनकी भी लिस्ट फाइनल कर ली गई। 
     
    शुक्रवार को क्या होगा?
    - GST काउंसिल की शुक्रवार की मीटिंग में सिगरेट, बीड़ी, टेक्सटाइल्स, गोल्ड, फुटवेयर, ब्रांडेड आइटम्स, बायोडीजल और सर्विसेस के टैक्स रेट तय किए जाएंगे।
     
    EXPERT VIEW
    - ऑल इंडिया टैक्‍स एडवोकेट फोरम के प्रेसिडेंट एमके गांधी ने बताया कि अब तक जो टैक्‍स स्‍ट्रक्‍चर सामने आया है। उसके मुताबिक कहा जा सकता है कि देश में महंगाई कम हो सकती है।
    - बीएमआर एंड एसोसिएट्स में इनडायरेक्‍ट टैक्‍स एक्‍सपर्ट राजीव डिमरी के मुताबिक, जीएसटी दरों की आज हुई घोषणा में कई बातें पॉजिटिव हैं। ज्‍यादातर अाइटम्स को 12 से 18 फीसदी के स्लैब में रखा गया है।
     
    WHAT NEXT?
    - काउंसिल ने रेट तय कर दिए हैं। इस काउंसिल में सभी राज्यों के फाइनेंस मिनिस्टर्स शामिल थे। इन्होंने राज्यों के फाइनेंस सेक्रेटरीज की कमेटी की तरफ से फाइनल किए गए स्लैब और रेट्स पर विचार किया। चूंकि काउंसिल में मिनिस्टर्स शामिल हैं, इसलिए स्टेट लेवल पर इस पर कोई ऑब्जेक्शंस नहीं आएंगे।
    - संसद से GST बिल पास होने के बाद अब सभी राज्य अपनी विधानसभाओं में स्टेट जीएसटी बिल पास करा रहे हैं।
    - इस पूरी कवायद के बाद 1 जुलाई से GST देशभर में लागू हो जाएगा।
     
    क्या है GST?
    - GST का मतलब गुड्स एंड सर्विसेज टैक्‍स है। इसको केंद्र और राज्‍यों के 17 से ज्‍यादा इनडायरेक्‍ट टैक्‍स के बदले में लागू किया जाएगा। यह देशभर में किसी भी गुड्स या सर्विसेज की मैन्‍युफैक्‍चरिंग, बिक्री और इस्‍तेमाल पर लागू होगा।
    - इससे एक्‍साइज ड्यूटी, सेंट्रल सेल्स टैक्स (सीएसटी), स्टेट के सेल्स टैक्स यानी वैट, एंट्री टैक्स, लॉटरी टैक्स, स्टैंप ड्यूटी, टेलिकॉम लाइसेंस फीस, टर्नओवर टैक्स, बिजली के इस्तेमाल या बिक्री और गुड्स के ट्रांसपोर्टेशन पर लगने वाले टैक्स खत्म हो जाएंगे।
    - सरल शब्‍दों में कहें ताे जीएसटी पूरे देश के लिए इनडायरेक्‍ट टैक्‍स है, जो भारत को एक समान बाजार बनाएगा। जीएसटी लागू होने पर सभी राज्यों में लगभग सभी गुड्स एक ही कीमत पर मिलेंगे। अभी एक ही चीज के लिए दो राज्यों में अलग-अलग कीमत चुकानी पड़ती हैं। इसकी वजह अलग-अलग राज्यों में लगने वाले टैक्स हैं। इसके लागू होने के बाद देश बहुत हद तक सिंगल मार्केट बन जाएगा।
     
    चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा भारत 
    - जीएसटी लागू होने से भारत ‘वन नेशन, वन टैक्‍स’ वाला मार्केट बन जाएगा। 
    - जीएसटी के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा, जहां जीएसटी लागू है। 
    - फ्रांस ने सबसे पहले 1954 में जीएसटी को लागू किया था। 
    - उसके बाद से जर्मनी, इटली, ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया, जापान, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे एक दर्जन से अधिक देशों ने जीएसटी लागू किया है। 
    - चीन ने 1994 में और रूस ने 1991 में जीएसटी लागू किया। 
    - सऊदी अरब की योजना 2018 से जीएसटी लागू करने की है। 
     

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