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राज्यसभा में बिना संशोधन के GST से जुड़े 4 बिल पास, लोकसभा से भी मंजूरी

राज्यसभा में बिना संशोधन के GST से जुड़े 4 बिल पास, लोकसभा से भी मंजूरी
 
नई दिल्ली.संसद में जीएसटी से जुड़े चार बिलों के पारित होने के साथ ही ऐतिहासिक गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) बिल के 1 जुलाई से लागू होने का रास्ता साफ हो गया। दिलचस्प यह रहा कि राज्यसभा में कांग्रेस ने कोई संशोधन पेश नहीं किया, जहां सरकार के लिए उसका समर्थन मिलना खासा अहम रहा। राज्यसभा में पास होने के लोकसभा में भी इन्हें मंजूरी मिल गई।
 
 
अपोजिशन पार्टी द्वारा सुझाए गए संशोधनों के साथ राज्यसभा ने जीएसटी से जुड़े चार बिलों सेंट्रल जीएसटी (C-GST),  इंटिग्रेटेड जीएसटी (आई-GST), यूनियन जीएसटी (यूटी-GST) और जीएसटी (कम्पन्सेशन टू स्टेट्स) को वापस भेज दिया था।
 
अब राज्यों से पारित होना है एक बिल
 
लोकसभा ने इन बिलों को 29 मार्च को मंजूरी दी थी। अब सभी राज्यों को स्टेट्स जीएसटी बिल पास करने होंगे, जिसके बाद ही नया इनडायरेक्ट टैक्स रेजीम लागू हो सकता है।
 
जीएसटी से नहीं बढ़ेगी इनफ्लेशन
 
इससे पहले 8 घंटे तक चली बहस के दौरान फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने कहा कि जीएसटी के कारण इनफ्लेशन नहीं बढ़ेगी, जैसे कि कुछ तबकों में आशंका जताई जा रही है। जीएसटी रेट्स कोलेकर 18-19 मई को होने वाली जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में चर्चा होगी।
 
जेटली ने कहा कि जीएसटी के लागू होने के साथ विभिन्न अथॉरिटीज द्वारा कारोबारियों का शोषण खत्म होगा और भारत में ‘एक देश, एक टैक्स’ सिस्टम लागू होगा।
 
 
तृणमूल कांग्रेस ने पेश किया संशोधन
 
तृणमूल कांग्रेस ने पावरफुल जीएसटी काउंसिल द्वारा की गई सिफारिशों को संसद में मंजूरी को अनिवार्य बनाने वाले संशोधन की मांग की। काउंसिल के अध्यक्ष फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली हैं और राज्यों के फाइनेंस मिनिस्टर्स भी इसमें सदस्य के तौर पर मौजूद हैं।
 
 
20 मार्च को कैबिनेट ने दी थी बिलों को मंजूरी
 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में 20 मार्च को हुई कैबिनेट ने जीएसटी से जुड़े बिलों को मंजूरी दी थी। जहां इन चारों बिलों को संसद की मंजूरी की जरूरत है, वहीं स्‍टेट जीएसटी को राज्‍यों की विधानसभाओं से मंजूरी लेनी पड़ेगी। सरकार ने फिर इरादा जताया है कि वह 1 जुलाई से इसे लागू करने की पूरी कोशिश कर रही है। संसद का वर्तमान सत्र 12 अप्रैल तक चलेगा। 
 
16 सितंबर से पहले इसे लागू करने जरूरी
 
केंद्र सरकार के लिए इसे 16 सितंबर से पहले इसे लागू कराना जरूरी है। सरकार संसद में पहले ही संविधान संशोधन बिल पास करा चुकी है जिसके तहत 16 सितंबर के बाद इनडायरेक्‍ट टैक्‍स की वसूली नहीं की हो सकेगी।  

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