Home »Economy »Taxation» New Online System Will Help Officials Collect Data From Banks, I-T Department And FIU

ब्‍लैकमनी की जांच के लिए CBI को मिलेगा नया ऑनलाइन सिस्‍टम; बैंकों, I-T से कलेक्‍ट कर सकेगी डाटा

नई दिल्‍ली. ब्‍लैकमनी और इलीगल संपत्ति के मामलों की जांच के लिए जांच एजेंसी सीबीआई को नया ऑनलाइन सिस्‍टम मिलेगा। इससे एजेंसी को जांच में मदद मिलेगी। नए सिस्‍टम के जरिए सीबीआई के अफसर बैंक, इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट और फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट जैसी विभिन्‍न एजेंसियों से डाटा कलेक्‍ट कर सकेंगे। सेंट्रल विजिलेंस कमीशन की ओर से मल्‍टी डिसिप्‍लेनरी कमिटी बनाने के बाद यह कदम उठाया गया है। यह कमिटी करप्‍शन मामले की जांच में सीबीआई पर नजर रखेगी और मौजूदा सिस्‍टम में बदलाव के सुझाव देगी।
 
 
- सीवीसी का मानना था कि आय से अधिक संपत्ति की कैलकुलेशन का मौजूदा सिस्‍टम कई साल पुराना है। इसमें जानकारियां एक्‍सेस करने के सीमित अवसर है।
- ऑफिशियल डॉक्‍यूमेंट के अनुसार, आय से अधिक संपत्ति की कैलकुलेशन के लिए सिस्‍टम में सुधार की जरूरत थी। इसमें सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट भी शामिल है, जोकि जांच एजेंसी को केस से जुड़े इनकम और खर्चों का सही-सही ब्‍योरा दे सके।
- सीवीसी का यह भी मानना था कि मौजूदा सिस्‍टम में बैंकों, एफआईयू, टैक्‍स डिपार्टमेंट्स जैसी एजेंसियों के साथ डाटा अनिवार्य रूप से हासिल नहीं किया जा सकता है।
 
क्‍या है मल्‍टी डिसिप्‍लेनरी कमिटी? 
- जांच एजेंसियों के बीच तालमेल बेहतर बनाने और उस कामकाज की देखरेख के लिए सीवीसी, सीबीआई, एफआईयू और पर्सनल एवं ट्रेनिंग डिपार्टमेंट के अफसरों को लेकर मल्‍टी डिसिप्‍लेनरी कमिटी बनाई गई।
- एक सीनियर सीवीसी अफसर ने बताया कि पैनल ने सीबीआई पर आगे के इनपुट के साथ अपनी एक रिपोर्ट सौंप दी है। जिसे स्‍वीकार कर लिया गया है।
- अफसर के अनुसार, नया सिस्‍टम अधिक वैज्ञानिक होगा। इससे जांच करने वाले अफसरों को आधुनिक टूल्‍स के जरिए छुपी हुई इनकम से जुड़ी जानकारियां मालूम करने में मदद मिलेगी।
- प्रिवेंशन ऑफ करप्‍शन एक्‍ट के जरिए आय से अधिक संपत्ति और इलीगल वेल्‍थ के मामले दर्ज किए गए हैं। पिछले साल सीबीआई ने करप्‍शन के 673 मामले दर्ज किए, जिनमें 1300 से ज्‍यादा सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। 

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