स्पष्टीकरण /कोलकाता की दुर्गा पूजा समितियों को इस साल कोई नोटिस नहीं भेजा: आयकर विभाग

  • कहा- इस साल किसी भी समिति को नोटिस नहीं भेजा, मीडिया में चल रही खबरों का किया खंडन

Moneybhaskar.com

Aug 13,2019 05:45:51 PM IST

नई दिल्ली। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकर विभाग की ओर से कोलकाता की दुर्गा पूजा समितियों को टैक्स की मांग को लेकर भेजे गए नोटिस की खबरों का खंडन किया है। सीबीडीटी ने एक बयान जारी कर कहा है कि उसने इस साल किसी भी दुर्गा पूजा समिति को नोटिस नहीं भेजा है।

दिसंबर 2018 में भेजे गए थे नोटिस

बयान में कहा गया है कि आयकर विभाग को पिछले साल दिसंबर में सूचना मिली थी कि दुर्गा पूजा समितियों में काम करने वाले 30 ठेकेदारों और इवेंट मैनेजरों ने करों का भुगतान नहीं किया था। इस पर आयकर विभाग ने दिसंबर 2018 में समितियों को नोटिस जारी करके ठेकेदारों को किए गए भुगतान पर काटे गए टीडीएस की जानकारी मांगी थी। यह पूरी प्रक्रिया विभाग की टीडीएस विंग ने अपनाई थी। इसका मकसद ठेकेदारों और इवेंट मैनेजरों को समय से बकाया करों का भुगतान करने के बारे में सूचित करना था। सीबीडीटी के अनुसार, कई समितियों ने यह जानकारी दी है कि उन्होंने नियमानुसार टीडीएस की कटौती की है और उस धन को सरकारी खाते में जमा करा दिया है।

कुछ समितियों ने मांगा था समय

सीबीडीटी ने अपने बयान में कहा है कि कुछ दुर्गा पूजा समितियों ने टीडीएस के प्रावधान जानने के लिए एक विशेष शैक्षणिक सेशन आयोजित करने की मांग की थी। समितियों की मांग पर आयकर विभाग ने 16 जुलाई को कार्यक्रम आयोजित कर टीडीएस के प्रति जागरूक किया था। इस विशेष सेशन में 8 समितियों के सदस्यों ने हिस्सा लिया था। आयकर विभाग ने कहा कि यह प्रक्रिया किसी भी तरह से दुर्गा पूजा समितियों के खिलाफ नहीं है। साथ ही विभाग चाहता है कि सभी ठेकेदार और इवेंट मैनेजर अपने सभी बकाया टैक्स समय पर जमा कर दें।

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