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नोटबंदी के बाद बैंक में जमा हुए 15 करोड़ बेनामी प्रॉपर्टी घोषित, स्‍पेशल कोर्ट का फैसला

दिल्‍ली के एक बैंक में नोटबंदी के बाद कैश जमा कराए गए 15.93 करोड़ रुपए को बेनामी प्रॉपर्टी घोषित कर दिया गया।

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नई दिल्‍ली.  दिल्‍ली के एक बैंक में नोटबंदी के बाद कैश जमा कराए गए 15.93 करोड़ रुपए को बेनामी प्रॉपर्टी घोषित कर दिया गया। कैश जमा कराने वाले और उसका लाभ लेने वाले, दोनों की पहचान नहीं होने के बाद एक स्‍पेशल कोर्ट ने यह फैसला दिया। ध्‍यान देने वाली बात नए एंटी-ब्‍लैकमनी कानून के तहत दर्ज पहले मामलों में आया यह एक फैसला है।  

 

यह मामला पुरानी दिल्‍ली के नया बाजार इलाके में रहने वाले रमेश चंद शर्मा से जुड़ा है। बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ब्‍लैक मनी पर लगाम लगाने के लिए  पिछले साल 1 नवंबर से नया बेनामी ट्रांजैक्‍शन (प्रोहिबिशन) अमेंडमेंट एक्‍ट लेकर आई।

 

सर्वे में आईटी डिपार्टमेंट को हुआ शक

नोटबंदी के बाद ब्‍लैकमनी पर चलाए गए अपने अभियान के तहत इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ने पिछले साल दिसंबर में केजी मार्ग पर कोटक महिंद्रा बैंक ब्रांच में सर्वे किया। उन्‍होंने पाया कि नोटबंदी के बाद शर्मा ने तीन कंपनियों के अकाउंट में पुराने 500 और 100 रुपए के नोट में 15,93,39,136 कैश जमा कराए। डिपार्टमेंट को फेक कंपनियों का अकाउंट होने का शक था। टैक्‍स अधिकारियों ने पाया कि कैश डिपॉजिट करने के बाद इसे खपाने के लिए गुमनाम लोगों के एक समूह को डिमांड ड्रॉफ्ट जारी किए गए। डिपार्टमेंट ने इन डीडी को फ्रीज कर इन्‍हें बेनामी फंड बताते हुए अटैच कर दिया।

 

बैंक में दिए पते पर नहीं मिला कैश जमा कराने वाला

नए कानून के तहत, एक अथॉरिटी इन मामलों को देखती है। अथॉरिटी के चेयरपर्सन मुकेश कुमार और  मेम्‍बर-कानून, तुषार वी शाह की  डिविजन बेंच ने अपने आदेश में कहा कि सर्वे, तलाशी व जांच में मिली जानकारी के अनुसार कोई संदेह नहीं है, कि 15.93 करोड़ रुपए की यह रकम बेनामी प्रॉपर्टी है। इसमें पैसे जमा कराने वाले रमेश चंद शर्मा और इससे  लाभ लेने वालों की कोई पहचान नहीं हो पाई या ये काल्‍पनिक हैं। बेंच ने यह भी कहा कि शर्मा जांच में अथॉरिटी के सामने नहीं आए, किस भी समन का जवाब नहीं दिया।

 

डिपार्टमेंट ने यह भी पाया कि शर्मा ने एसेसमेंट ईयर 2006-07 के लिए 3 लाख इनकम डिक्‍लेयर करते हुए इनकम टैक्‍स रिटर्न भरा था। साथ ही, शर्मा की ओर से बैंक में केवाईसी  में दिए गए पते पर उनके नाम का कोई व्‍यक्ति नहीं रहता है। पुरानी दिल्‍ली के इस पते पर रहने वाले पड़ोसियों ने भी रमेश चंद शर्मा नाम के किसी शख्‍स की पहचान नहीं बताई।

 
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