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Home » Economy » TaxationShivsena chief says General Category with annual income of 8 lakh must be exempted from paying Income Tax

8 लाख तक की आय पर ना लगे इनकम टैक्स, मोदी सरकार के बड़े सहयोगी की सलाह

Election Budget 2019: कहा- सरकार ने गरीब करार दिया तो टैक्स क्यों?

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार की ओर से हाल ही में 8 लाख तक की आय वाले गरीब सवर्णों को आरक्षण दिए जाने के बाद देश में गरीबी की परिभाषा को लेकर बहस छिड़ी हुई है। इस बीच केंद्र की एनडीए सरकार के मुख्य सहयोगी शिवसेना ने केंद्र सरकार से आठ लाख रुपए तक की आय वालों पर इनकम टैक्स नहीं लगाने की मांग की है। 

 

सीट बंटवारे के दौरान रखी मांग

दरअसल, लोकसभा चुनावों को लेकर भाजपा और शिवसेना में सीटों के बंटवारे को लेकर वार्ता चल रही है। इस वार्ता के दौरान शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा से मांग की है कि सरकार ने 8 लाख कमाने वाले जिन 10 फीसदी गरीब सवर्णों को आरक्षण दिया है, उनको टैक्स के भुगतान में भी छूट देनी चाहिए। शिवसेना नेता का कहना है कि जब सरकार ने इन लोगों को गरीब करार दे दिया है तो इनको टैक्स में भुगतान की छूट भी दी जाए। 
 

हाल ही में मिला है गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण


केंद्र की मोदी सरकार ने हाल ही में संविधान संशोधन के जरिए आठ लाख तक की आय वाले गरीब सवर्णों को नौकरियों और शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया है। यह आरक्षण अनुसूचित जाति/जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग को दिए जा रहे आरक्षण से अलग हैं। 

इनको मिलेगा आरक्षण का लाभ 


कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, सालाना 8 लाख रुपए से कम कमाने वाले सवर्णों को ही इस आरक्षण का लाभ मिलेगा। इसमें सभी स्रोतों से होने वाली कमाई को जोड़ा जाएगा। इसके अलावा पांच एकड़ से अधिक कृषि भूमि, एक हजार वर्ग फुट से बड़े फ्लैट, नगर निगमों में 100 वर्ग गज या इससे बड़े प्लॉट और गैर-अधिसूचित स्थानीय निकायों में 200 वर्ग गज या इससे बड़े प्लॉट वाले सवर्णों को इस आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा।

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