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कॉरपोरेट्स से 50 हजार करोड़ टैक्स नहीं वसूल पाया IT, राइट ऑफ करने की प्रक्रिया शुरू

कॉरपोरेट प्लेयर्स ने हजारों करोड़ का टैक्स वसूल पाने में फेल होने के बाद आईटी ने अब उसे राइट ऑफ करना शुरू कर दिया है।

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मुंबई। देश के अलग-अलग कॉरपोरेट प्लेयर्स ने हजारों करोड़ का टैक्स वसूल पाने में फेल होने के बाद आईटी डिपार्टमेंट ने अब उसे राइट ऑफ करना शुरू कर दिया है। देशभर में करीब 50 हजार करोड़ का टैक्स है, जिसे वसूलने में आईटी डिपार्टमेंट फेल   रहा है। इसमें अकेल पुणे और महाराष्‍ट्र रीजन से 33157.97 करोड़ रुपए का टैक्स बकाया है। इस बात का खुलासा एक आरटीआई के तहत मिली जानकारी से हुआ है। 

 

CBDT ऑफिशियल ने भी मानी बात 

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स के एक टॉप ऑफिशियल ने भी यह बात मानी है कि आईटी ने बड़े कॉरपोरेट ड्यू को राइट ऑफ करना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि यह एक तय प्रोसिजर से और तय केस में हो रहा है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि यह टैक्सपेयर्स की जिम्मेदारी को खत्म कर दिया गया है। जब भी टैक्स पेयर्स की फाइनेंशियल स्टेटस में बदलाव आता है, रिकवरी के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। 

 

एक्सपर्ट्स ने जताई चिंता
इस बारे में एक्सपर्ट्स का कहना है कि 50 हजार करोड़ का टैक्स देशभर से वसूलने में फेल होना चिंता की बात है। राइट ऑफ के मसले पर उनका कहना है कि बैंकों और आईटी डिपार्टमेंट का करंट ट्रेंड देखकर लगता है कि डिफाल्टर्स को ये रियायत देने के मूड में चल रहे हैं। उनका कहना है कि एक ओर स्माल टैक्स पेयर्स या सैलरीड क्लास लगातार टैक्स भर रहे हैं, दूसरी ओर कॉरपोरेटस को इतनी छूट मिल रही है, जो गलत है। 

 

बैंकों को 25775 करोड़ का नुकसान
आरटीआई के तहत प्राप्त जानकारी से खुलासा हुआ है कि बीते फाइनेंशियल ईयर में बैंकिंग फ्रॉड के अलग-अलग मामलों की वजह से बैंकों को करीब 25775 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है। आरटीआई के जवाब में आरबीआई ने यह जानकारी दी है। पंजाब नेशनल बैंक को सबसे ज्यादा 6461.13 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। 

 

आरटीआई के तहत मिली जानकारी के मुताबिक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को 2390.75 करोड़ रुपए, बैंक ऑफ इंडिया को 2224.86 करोड़ रुपए, बैंक ऑफ बड़ौदा को 1928.25 करोड़ रुपए, इलाहाबाद बैंक को 1520.37 करोड़ रुपए, आंध्रा बैंक को 1303.30 करोड़ रुपए, यूको बैंक को 1224.64 करोड़ रुपए, आईडीबीआई बैंक को 1116.53 करोड़ रुपए, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को 1095.84 करोड़ रुपए, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 1084.50 करोड़ रुपए, बैंक ऑफ महाराष्ट्र को 1029.23 करोड़ रुपए और इंडियन ओवरसीज बैंक को 1015.79 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। 

 

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