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जेल की हवा खिला देंगी नोटबंदी की गलतियां, सरकार ने दिया आखिरी मौका

नोटबंदी के दौरान अगर कुछ गलतियां की हैं तो सरकार ने उसे सुधारने का एक मौका दिया है।

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नई दिल्‍ली. नोटबंदी के दौरान अगर कुछ गलतियां की हैं तो सरकार ने उसे सुधारने का एक मौका दिया है। अभी भी देश में लाखों लोग ऐसे हैं, जिन्‍होंने नोटबंदी के दौरान अपने बैंक खातों में हिसाब-किताब से ज्‍यादा पैसा जमा किया है और 31 मार्च 2017 के बाद इनकम टैक्‍स रिटर्न भी फाइल नहीं किया है। ऐसे लोग 31 मार्च के पहले रिटर्न फाइल करके अपनी गलती को सुधार सकते हैं। ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ सरकार 31 मार्च के बाद अभियान चला सकती है। इस दौरान पकड़े जाने वालों पर जहां भारी जुर्माना लगेगा, वहीं उनको जेल तक जाना पड़ सकता है।

 

नोटिस नहीं मिला तो बच गए न मान लें

सीए और टैक्स सलाहकार पवन कुमार जायसवाल के अनुसार सरकार बैंक खातों में जमा पैसे के अलावा भी कई तरह से जानकारी एकत्र करती है। इसलिए अगर किसी को लगता है कि उसको अभी तक इनकम टैक्‍स विभाग का नोटिस नहीं मिला है तो वह बच गया है, तो यह उसकी भूल है। सरकार 31 मार्च के बाद नोटबंदी के दौरान एकत्र की गई जानकारी के हिसाब से कार्रवाई को तेज गति से चला सकती है।

 

 

कितने तरह से हो सकता है डाटा एकत्र

-सरकार बैंकों में जमा पर नजर रखे हैं। नोटबंदी के दौरान जिन लोगों या कंपनियों के बैंक खातों में सीमा से ज्‍यादा का लेनदेन हुआ और रिटर्न फाइल नहीं है, या है तो उस डाटा के हिसाब से सही नहीं है तो उन पर कार्रवाई होगी।

 

-अगर किसी ने बड़े पैमाने पर खरीदारी की है तो उसे भी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी खरीदारी का रिकॉड कई जगह पर होता है। लोगों को लग रहा है कि नगद देकर बड़ा सामान जैसे वाहन, कीमती सामान आदि खरीद लिया है तो बच जाएंगे। पवन जायसवाल के अनुसार यह लोगों की भूल है। सामान बिकने के बाद उसका हिसाब हिताब उन लोगों को भी जमा कराना होता है, जहां से यह बिका है। सरकार ऐसे स्राेतों से भी जानकारी एकत्र करती है।

 

-जमीन-जायदाद के सौदे भी सरकार की निगाह में हैं। कई लोगों ने नोटबंदी के दौरान जमीन, मकान या फ्लैट की खरीदारी की है। अगर इसका हिसाब किताब लोगों ने अपने रिटर्न में नहीं दिखाया है तो उन लोगों को बाद में दिक्‍कत हो सकती है।

 

 

क्‍या हो सकती है कार्रवाई

सीए और टैक्स सलाहकार पवन कुमार जायसवाल के अनुसार ऐसे लोगों पर बेनामी पैसों का 78 फीसदी तक जुर्माना होगा और इनकम टैक्‍स अफसर चाहे तो 10 फीसदी और जुर्माना लगा सकता है। इसके अलावा विभाग ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी करेगा। इस कार्रवाई के तहत 6 माह से लेकर 7 साल तक की सजा हो सकती है।

 

 

आगे पढ़ें : कितने लोग निशाने पर

 

 

 

लाखों कंपनियां और लोग निशाने पर

आयकर विभाग ने नोटबंदी के बाद बैंक खातों में 25 लाख रुपए से अधिक जमा कराने और निर्धारित तारीख तक रिटर्न नहीं दाखिल करने वाले 1.16 लाख लोगों और कंपनियों को नोटिस कर चुका है। यह जनकारी केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन सुशील चंद्रा पहले ही दे चुके हैं। उन्होंने 28 नवबंर को बताया था कि इसके अलावा ऐसे लोग जिन्होंने अपना आयकर रिटर्न दाखिल कर दिया है, लेकिन उन्होंने बैंक खातों में बड़ी रकम जमा कराई है, उनकी भी जांच चल रही है। इनकम टैक्‍स विभाग नोटबंदी के बाद 500 और 1,000 के बंद किए गए ढाई लाख रुपये से अधिक के नोट जमा कराने वाले लोगों की पड़ताल लगातार कर रहा है।

 

आगे पढ़ें : कई तरह से लोगों को छांटा गया है

 

 

 

कंपनियों और लोगों की बनाई अलग श्रेणी

जानकारी के अनुसार इनकम टैक्‍स विभाग ने ऐसे लोगों और कंपनियों को अलग-अलग किया गया है जिन्होंने अभी तक अपना आयकर रिटर्न नहीं जमा किया है। इन लोगों को दो श्रेणियों 25 लाख रुपए से अधिक जमा कराने वाले और 10 से 25 लाख रुपये तक जमा कराने वालों के बीच बांटा गया है। चंद्रा ने कहा, ‘‘नोटबंदी के बाद बंद नोटों में 25 लाख रुपये अथवा इससे अधिक जमा कराने वाले लोगों की संख्या 1.16 लाख है। इन लोगों ने अभी तक अपना रिटर्न जमा नहीं कराया है।’’ चंद्रा ने बताया कि 2.4 लाख लोग ऐसे हैं जिन्होंने बैंक खातों में 10 से 25 लाख रुपये जमा कराए हैं, लेकिन उन्होंने अभी तक उनका रिटर्न दाखिल नहीं किया है।

 

 

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