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देना चाहते हैं कितना इनकम टैक्स, 2 अप्रैल तक खुद सरकार को बताएं

देश में 55 साल पुराने इनकम टैक्‍स के नियम अभी भी चल रहे हैं। मोदी सरकार अब इसे बदलना चाहती है।

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नई दिल्‍ली. देश में 55 साल पुराने इनकम टैक्‍स के नियम अभी भी चल रहे हैं। मोदी सरकार अब इसे बदलना चाहती है। इसके लिए उसने एक कमेटी बनाई है। लेकिन सरकार चाहती है कि इस कमेटी की सिफारिशों में आमलोगों की राय भी शामिल हो। इसके लिए सेंट्रल बोर्ड आॅफ डायरेक्‍ट टैक्‍सेस (CBDT) ने 2 अ्प्रैल 2018 तक लोगों से यह सुझाव देने के लिए कहा है।

 

 

कैसे दे सकते हैं सुझाव

विभाग ने अपनी वेबसाइट www.incometaxindiaefiling.gov.in पर इसके लिए एक फार्म उपलब्‍ध कराया है। लोगों को यह फार्म डाउनलोड करना होगा और इसे भर कर सीधे भेजना होगा या भरे हुए फार्म को स्‍कैन कराके rewriting-itact@gov.in पर E-mail करना होगा।

 

 

दुनियाभर के इनकम टैक्‍स के कानून का हो रहा अध्‍ययन

अभी देश में इनकम टैक्‍स एक्‍ट 1961 लागू है। हालांकि इसमें कई बार बदलाव हुआ है, लेकिन सरकार का मानना है कि इसमें पूरी तरह से सुधार की जरूरत है। इसके लिए उसने एक कमेटी बनाई जिसकी अध्‍यक्षता चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर अरविंद सुब्रमणियम कर रहे हैं। यह कमेटी दुनियाभर के इनकम टैक्‍स कानून का देखेगी और फिर देश की अर्थव्‍यवस्‍था के अनुरूप अपने सुझाव देगी। इसके बाद डायरेक्‍ट टैक्‍स ला (DTL) तैयार किया जाएगा।

 

 

फीड बैक फार्म जारी

विभाग ने अपनी वेबसाइट पर एक फार्म उपलब्‍ध कराया है। इसमें कई बातों पर राय मांगी गई है। इनमें रिटर्न भरने में आने वाली दिक्‍कतें, टैक्‍स क्रेडिट, प्रोसेसिंग एंड स्‍क्रूटनी ऑफ रिटर्न, लिट्टिगेशन एंड रिकवरी ऑफ डिस्‍प्‍यूट के अलावा पेनाल्‍टी जैसे मामले में राय मांगी गई है। इसके अलावा भी इस फार्म में आपकी कई तरह से राय मांगी जा रही है।

 

6 माह में आनी है रिपोर्ट

सितंबर 2017 में पीएम नरेन्‍द्र मोदी ने डायरेक्‍ट टैक्‍स एक्‍ट को दोबारा तैयार की जरूरत बताई थी। इसके बाद इस कमेटी का गठन किया गया। इस कमेटी को 6 माह में रिपोर्ट देने को कहा गया है।

 

 

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कांग्रेस लाई थी डायरेक्‍ट टैक्‍स कोड

कांग्रेस सरकार ने डायरेक्‍ट टैक्‍स कोड (DTC) के नाम से डायरेक्‍ट टैक्‍स को लेकर सुधार की कोशिश की थी। बजट 2005-06 में यूनाइटेड प्रोग्रेसिव अलाइंस (UPA) ने आसान टैक्‍स लॉ लाने का ऐलान किया था। बाद में जुलाई 2009 में डायरेक्‍ट टैक्‍स कोड (DTC) नाम से बिल लाया गया था। बाद में लोगों के सुझाव लेने के बाद इस बिल को अगस्‍त 2010 में संसद में पेश किया गया था। इसके बाद इसमें और सुधार किया गया और फिर संसद में मई 2014 में पेश किया गया। लेकिन इसके बाद इस पर कुछ नहीं हुआ। अब मोदी सरकार नए सिरे से डायरेक्‍ट टैक्‍स सिस्‍टम में सुधार लाना का प्रयास कर रही है।

 

 

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