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अब सिर्फ 1 दिन में प्रोसेस होगा ITR, सरकार की 4242 करोड़ के प्रोजेक्ट को मंजूरी

इन्फोसिस डेवलप करेगी नई पीढ़ी का इनकम टैक्स फाइलिंग सिस्टम 

Govt clears Rs 4,242cr IT-filing project, selects Infosys as developer

इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईटी) सर्विसेस कंपनी इन्फोसिस (Infosys) सरकार के लिए 4,241.97 करोड़ रुपए की लागत अगली पीढ़ी का इनकम टैक्स फाइलिंग सिस्टम डेवलप करेगी। सरकार ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि इससे रिटर्न का प्रोसेसिंग टाइम 63 दिन से घटकर एक दिन रह जाएगा और रिटर्न में तेजी आएगी।


नई दिल्ली. इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईटी) सर्विसेस कंपनी इन्फोसिस (Infosys) सरकार के लिए 4,241.97 करोड़ रुपए की लागत अगली पीढ़ी का इनकम टैक्स फाइलिंग सिस्टम डेवलप करेगी। सरकार ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि इससे रिटर्न का प्रोसेसिंग टाइम 63 दिन से घटकर एक दिन रह जाएगा और रिटर्न में तेजी आएगी।

 

कैबिनेट ने दी 4,241 करोड़ के प्रोजेक्ट को मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग के बाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, ‘4,241.97 करोड़ रुपए की लागत से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के इंटिग्रेटेड ई-फाइलिंग और सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर 2.0 प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए मंजूरी दे दी गई है।’ 

 

63 दिन से घटकर एक दिन रह जाएगा ITR प्रोसेसिंग टाइम 

मीडिया को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि मौजूदा वक्त में इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) का प्रोसेसिंग टाइम 63 दिन है और इस प्रोजेक्ट के लागू होने के बाद टाइम घटकर एक दिन रह जाएगा। गोयल ने कहा कि यह प्रोजेक्ट 18 महीने में पूरा होने का अनुमान है और तीन महीने की टेस्टिंग के बाद इसे लॉन्च कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिडिंग प्रोसेस के बाद इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए इन्फोसिस (Infosys) को चुना गया है।

 

ज्यादा टैक्स फ्रेंडली होगा नया सिस्टम

उन्होंने कहा कि मौजूदा सिस्टम सफल रहा है और नया प्रोजेक्ट ज्यादा टैक्स फ्रेंडली होगा। ई-फाइलिंग और सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (सीपीसी) प्रोजेक्ट्स से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के भीतर सभी प्रक्रियाओं का एंड-टू-एंड ऑटोमेशन संभव हो जाएगा। टैक्सपेयर सर्विसेस के लिए कई इनोवेटिव मेथड मिलेंगे और वॉल्युंटरी कंप्लायंस को प्रोत्साहन मिलेगा।

 

1,482 करोड़ के एक अन्य प्रोजेक्ट को भी मंजूरी

कैबिनेट ने 2018-19 तक मौजूदा सीपीसी-आईटीआर 1.0 प्रोजेक्ट के लिए कंसॉलिडेटेड कॉस्ट के तौर पर 1,482.44 करोड़ रुपए को भी मंजूरी दी गई। गोयल ने यह भी बताया कि चालू वित्त वर्ष में अभी तक 1.83 लाख करोड़ रुपए के टैक्स रिफंड जारी कर दिए गए हैं। इस फैसले से तेज रिटर्न प्रोसेसिंग के अलावा पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी। इसके अलावा इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के साथ किसी इंटरफेस के बिना सीधे तौर पर टैक्सपेयर्स के बैंक अकाउंट में रिफंड जमा होना सुनिश्चित होगा।

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