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Home » Economy » TaxationYou can not take more then 20000 rupees on debt from you wife and friends

पत्नी से 20,000 से अधिक नकदी लेने पर होगी कार्रवाई, कारोबारी लेनदेन सिर्फ 10,000 तक

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के नियमों से कसा शिकंजा

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नई दिल्ली। आज हर कोई अपने व्यापार और अन्य जरुरतों के लिए परिजनों-दोस्तों आदि से रुपया उधार लेता है। कभी-कभार जरूरत पड़ने पर पत्नी से भी रुपया लेना पड़ सकता है। यदि आपने परिजनों, दोस्तों और पत्नी से 20 हजार से अधिक रुपया कैश लिया है तो यह आपको मुश्किल में डाल सकता है। 

 

कर्ज लेना-देना पड़ सकता है भारी
दरअसल केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने मनी लॉन्ड्रिंग और काले कानून पर लगाम लगाने के लिए आयकर एक्ट में कई संशोधन किए थे। इन संशोधनों के बाद आयकर एक्ट की धारा 269एसएस के अनुसार, 20 हजार रुपए से अधिक का कैश लेन-देन पूरी तरह से अवैध हो गया है। इसमें दोस्तो, परिजनों या पत्नी से कर्ज के तौर पर ली गई रकम भी शामिल हैं। यदि कोई व्यक्ति 20 हजार रुपए से अधिक का कैश लेनदेन करता है तो वह आयकर एक्ट की धारा 271डी के अनुसार जुर्माना का दोषी है। इस धारा के तहत आयकर विभाग 20 हजार से अधिक के कैश लेनदेन के बराबर जुर्माना वसूलता है। यह नियम कर्ज लेने और देने वाले दोनों पर लागू होते हैं।

संपत्ति खरीद-फरोख्त में भी नहीं कर सकते कैश ट्रांजेक्शन


सीबीडीटी के नियमों के अनुसार, अचल संपत्ति यानी भूमि आदि खरीदने में भी 20000 रुपए से अधिक का कैश ट्रांजेक्शन नहीं किया जा सकता है। यह प्रतिबंध बयाना या पेशगी पर भी लागू होता है।
ऐसे मामलों में 20 हजार रुपए से अधिक कैश ट्रांजेक्शन करने पर खरीदार और विक्रेता दोनों को नोटिस जारी किया जा सकता है। खरीदार से धन का स्रोत के बारे में पूछा जा सकता है, जबकि विक्रेता से
20 हजार के अधिक राशि के बराबर जुर्माना देने के लिए कहा जा सकता है। जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में कालाधन खपाए जाने की गुंजाइश रहती है इसलिए इसमें कैश ट्रांजेक्शन की सीमा
कम रखी गई है।

10 हजार रुपए से अधिक कारोबारी व्यय नहीं


सीबीडीटी के नियमों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति कर्ज के अलावा अन्य कार्यों के लिए रोजाना 2 लाख रुपए का नकद लेन-देन कर सकते हैं। इसमें किसी भी व्यापारी से जेवरात या अन्य सामान की
खरीदारी शामिल हैं। हालांकि, कारोबार में होने वाले व्यय के नियम बेहद कठिन हैं। मसलन कोई भी कारोबारी एक दिन और एक लेनदेन में 10000 रुपए से अधिक का कैश ट्रांजेक्शन नहीं कर सकता
है। दरअसल, कई कारोबारी नकद लेनदेन का हवाला देकर कर छूट का दावा कर रहे थे। इसलिए यह पाबंदी लगाई गई है। 

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