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खत्‍म होना चाहि‍ए 28% GST का स्‍लैब, समान दर से लागू हो सेस : अरविंद सुब्रमण्‍यन

सरकार के मुख्‍य आर्थि‍क सलाहकार ने कहा सेस बरकरार रह सकता है क्‍योंकि कुछ प्रोडक्‍ट पर ज्‍यादा रेट रखना होगा।

GST 28 per cent tax slab has to go says Subramanian

नई दि‍ल्‍ली। सरकार के मुख्‍य आर्थि‍क सलाहकार अरविंद सुब्रमण्‍यन ने बुधवार को कहा GST को और सहज बनाने के लि‍ए सबसे पहले 28 फीसदी के टैक्‍स स्‍लैब को हटाना होगा और समान दर से सेस लागू करना होगा। उन्‍होंने कहा, 'अभी जीएसटी की दरें 0 फीसदी, 3 फीसदी, 5 फीसदी, 12 फीसदी, 18 फीसदी और 28फीसदी हैं। हमें इन्‍हें तर्कसंगत करना होगा, मगर मेरा मानना है कि‍ सबसे पहले 28 फीसदी वाली दर को खत्‍म करना होगा।' अरविंद ने यह बात इंडि‍यन एक्‍सप्रेस के आइडि‍या एक्‍सचेंज प्रोग्राम में कही। 


सेस में कई तरह के रेट ना हों 

अरविंद से जब यह पूछा गया कि क्‍या सभी प्रकार के सेस को खत्‍म कर देना चाहि‍ए तो उन्‍होंने कहा कि मैं कह रहा हूं कि एक आदर्श सि‍स्‍टम के लि‍ए 28 फीसदी के स्‍लैब को जाना होगा। सेस बरकरार रह सकता है क्‍योंकि कुछ प्रोडक्‍ट पर ज्‍यादा रेट रखना होगा मगर तब भी कई तरह के रेट नहीं होने चाहि‍ए। अपनी रि‍पोर्ट में हमने एक 18 फीसदी और दूसरा 40 फीसदी रेट रखा था। सेस दरअसल 40 फीसदी के रेट को लागू करने का एक अन्‍य तरीका है। 

 

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बड़े स्‍तर पर हो रही GST की चोरी
इस बीच GST, इंटेलिजेंस के डीजी जॉन जोसेफ का कहना है कि इन्‍वेस्टिगेशन विंग ने दो महीने के भीतर 2,000 करोड़ रुपए से अधिक की टैक्‍स चोरी का पता लगाया है, लेकिन यह बहुत कम है। डाटा विश्लेषण से पता चला है कि अब तक GST में रजिस्‍टर्ड 1.11 करोड़ से अधिक कारोबारियों में से केवल 1 फीसदी कारोबारी 80 फीसदी टैक्‍स का भुगतान करते हैं। 


सिस्‍टम में खामियों की स्‍टडी जरूरी 
जॉन जोसेफ, जो CBEC के सदस्य भी हैं ने कहा कि छोटे कारोबारी तो जीएसटी रिटर्न दाखिल करते समय गलतियां कर ही रहे हैं, बल्कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों और बड़े कॉरपोरेट भी गलती कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि हमारे पास 1 करोड़ से अधिक एंटरप्राइजेज का पंजीकरण है, लेकिन यदि आप यह देखते हैं कि टैक्‍स कहां से आ रहा है, तो टैक्‍स के 80 प्रतिशत हिस्‍से का भुगतान करने वाले 1 लाख से भी कम लोग हैं। ऐसे में यह स्‍टडी करना बेहद जरूरी है कि सिस्‍टम में कहां खामी है। 

 

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