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सेनेटरी नैपकीन पर नहीं लगेगा GST, TV-फ्रिज और वॉशिंग मशीन हुए सस्‍ते, GST काउंसिल ने घटाए रेट

वित्‍त मंत्री पीयूष गोयल की अध्‍यक्षता में हुई जीएसटी काउंसिल की 28वीं बैठक में लिया गया फैसला....

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नई दिल्‍ली।  आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए GST काउंसिल ने टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसे घरेलू आयटम्‍स पर लगने वाले टैक्‍स के रेट कम कर दिए हैं। काउंसिल के इस कदम  से आने वाले दिनों में ये चीजें पहले के मुकाबले और ज्‍यादा सस्‍ती हो जाएंगी। सेनेटरी नैपकीन पर  अब जीएसटी नहीं लगेगा। वित्‍त मंत्री पीयूष गोयल की अध्‍यक्षता में हुई जीएसटी काउंसिल की 28वीं बैठक में यह फैसला लिया गया। 

सेनेटरी नैपकीन पर अभी तक  इसपर अभी तक 12 फीसदी की दर से जीएसटी वसूला जाता था। महिलाओं की सेहत और स्‍वच्‍छता के लिए बेहद जरूरी होने के चलते 12 फीसदी टैक्‍स की  अलोचना भी हो रही थी।  कई महिला संगठनों ने इसको लेकर नाराजगी जाहिर की थी। बांस पर लगने वाले टैक्‍स को घटाकर 12 फीसदी कर दिया गया है। नई दरें 27 जुलाई से प्रभावीं होंगी। अनुमान के मुताबिक, रेट कट से सरकारी खजाने पर 7 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्‍त बोझ पड़ेगा। 

 

100 प्रोडक्‍ट पर पड़ेगा असर 

वित्‍त मंत्री गोयल ने कहा कि जीएसटी काउंसिल की ओर से रेट कम किए जाने का राजस्‍व पर बेहद मामूली असर होगा। ताजा फैसले का असर करीब 100 प्रोडक्‍ट्स पर पड़ेगा। वित्‍त मंत्री ने दावा किया कि नए फैसलों से उपभोक्‍ताओं और छोटे कारोबारियों को राहत मिलेगी। 

 

 

14 प्‍वाइंट्स में समझिए GST काउंसिल ने किन चीजों के रेट घटाए 


1- वॉशिंग मशीन, फ्रिज, टीवी (सिर्फ 27 इंच तक), वीडियो गेम, वैक्‍यूम क्‍लीनर, ट्रेलर, जूस मिक्‍सर, ग्राइंडर, शावर एंड हेयर ड्रायर, वाटर कूलर, लीथियन आयन बैट्री, इले‍क्‍ट्रॉनिक आयरन (प्रेस) जैसे घरेलू उपयोग के 17 आयटम्‍स पर अब 18 फीसदी जीएसटी लगेगा। पहले इनपर 28 फीसदी लगता था। इस हिसाब से 10 फीसदी की कटौती की गई है।  

 

2- सेनेटरी नैपकीन पर अब कोई जीएसटी नहीं लगेगा। अभी तक तक इसपर 12 फीसदी के रेट से टैक्‍स लगता था। 

 

3 - 5 करोड़ रुपए तक टर्नओवर वाले ट्रेडर्स को अब हर महीने रिटर्न भरने की जरूरत नहीं होगी। काउंसिल ने उनके लिए तिमाही रिटर्न भरने को मंजूरी दे दी है। इससे कारोबारी वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि टैक्‍स पेमेंट मंथली होगी। इससे करीब 93 फीसदी कारोबारियों को राहत होगी। वहीं असम, अरुणाचल, हिमाचल, सिक्किम और हिमालय क्षेत्र में छूटी की लिमिट को 10 से बढ़ाकर 20 लाख कर दिया गया है। 

 

4- काउंसिल ने रिटर्न फाइलिंग के प्रोसेस को और सरल कर दिया है। 

 

5- डिक्‍लेयर्ड टैरिफ की बजाय और एक्‍चुअल टैरिफ के आधार पर होटल से टैक्‍स वसूला जाएगा। 

 

6- पेंट, वॉल पुट्टी और वार्निश जैसी रंग रोगन वाली चीजों पर भी रेट 10 फीसदी कम किया गया है। इनपर अब 28 फीसदी की जगह 18 फीसदी टैक्‍स लगेगा। 

 

7- 1000 रुपए तक की कीमत वाले जूतों पर अब मात्र 5 फीसदी टैक्‍स वसूला जाएगा। मतलब अब जूते आपको सस्‍ते मिलेंगे। 

 

9- पेट्रोलियम प्रोडक्‍ट में मिलाया जाने वाला और गन्‍ने तथा अन्‍य फसलों से तैयार होने वाले एथेनॉल ऑयल अब 5 फीसदी टैक्‍स के दायरे में आएगा। अभी तक इसपर 18 फीसदी जीएसटी था। 

 

10 बांस आधारित फ्लोरिंग पर अब 12 फीसदी का टैक्‍स लगेगा। हैंडीक्रॉफ्ट आयटम्‍स को भी अब 12 फीसदी जीएसटी के दायरे में रखा गया।  

 

11- हैंड बैग, ज्‍वैलरी बॉक्‍स, पेंटिंग से जुड़े वुडेन बॉक्‍स, शीशे के कलात्‍मक सामान, अर्नामेंट के फ्रेम वाले शीशे, हाथ से बने लैंप, पर अब 12 फीसदी का टैक्‍स लगेगा। 

 

12- आयातित यूरिया पर अब मात्र 5 फीसदी जीएसटी वसूला जाएगा। 

 

13- काउंसिल ने कुल 46 बदलाव किए, जिन्‍हें ससंद में पास कराया जाएगा। 

 

14- ट्रांसपोटर के सिरदर्द को कम करने के लिए जीएसटी नेटवर्क यानी (GSTN) के साथ RFID टैग भी लाया जाएगा। 

 

 

लिस्‍ट के जरिए जानें बदलाव के बाद कौन सा सामान किस टैक्‍स कैटेगरी में आया 

नए GST रेट  आयटम्‍स 
0 % सेनेटरी नैपकीन राखी, मार्बल, पत्‍थर  और लकड़ी की भगवान की मूर्तियां, पाश्‍च्‍युराज्‍ड दूध 
5 % कंपनियों के लिए एथेनॉल ऑयल, 1000 रुपए की कीमत वाले कॉमन यूज के जूते-चप्‍पल 
12 % हैंडीक्रॉफ्ट आयटम्‍स, हैंडबैग, बांस की फ्लोरिंग, ज्‍वैलरी बॉक्‍स, लकड़ी के बॉक्‍स (पेंटिंग के लिए), शीशे से बनी कलाकृतियां, स्‍टोन एंडेवर,   अर्नामेंट के फ्रेम वाले शीशे, हाथ से बने लैंप
18% वॉशिंग मशीन, फ्रिज, टीवी (सिर्फ 27 इंच तक), वीडियो गेम, वैक्‍यूम क्‍लीनर, ट्रेलर, जूस मिक्‍सर, ग्राइंडर, शावर एंड हेयर ड्रायर, वाटर कूलर, लीथियन आयन बैट्री, इले‍क्‍ट्रॉनिक आयरन (प्रेस), सेंट, टॉयलेट स्‍प्रे, वॉल पुट्टी, वॉर्निश, विशेष वाहन जैसे एंबुलेंस, वर्क ट्रक और ट्रेलर 
28% -------

 

आगे पढ़ें- शुगर  सेस पर अगली बैठक में फैसला 

 

 

 

 

शुगर  सेस पर अगली बैठक में फैसला 

वहीं महाराष्‍ट्र के वित्‍त मंत्री सुधीर मुनगंटीवा ने दावा किया कि चीनी पर सेस को लेकर अगली बैठक में फैसला लिया जा सकता है। जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक केरल में होने तय है। वित्त मंत्री का कार्यभार संभालने के बाद पीयूष गोयल की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की यह पहली बैठक थी। 

 

आगे पढ़ें- जीएसटी रेट में पहले भी हो चुके 2 बड़े बदलाव

 

 

जीएसटी रेट में पहले भी हो चुके 2 बड़े बदलाव
नवंबर 2017 की बैठक में 213 सामानों को अधिकतम 28% जीएसटी स्लैब से निकालकर 18% के स्लैब में शामिल किया। 5% जीएसटी के दायरे में शामिल 6 सामानों पर टैक्स खत्म कर दिया गया था। फाइव स्टार होटल के रेस्त्रां को छोड़कर बाकी होटलों पर जीएसटी 18% से घटाकर 5% किया गया था। जनवरी 2018 में 54 सेवाओं और 29 वस्तुओं पर टैक्स कम किया गया था। 

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