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रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे पेट्रोल-डीजल के दाम, सरकार ने दिए एक्‍साइज ड्यूटी घटाने के संकेत

मंगलवार को दिल्‍ली में पेट्रोल की कीमत 72.38 रुपए प्रति लीटर तो डीजल की कीमत 63.20 रुपए प्रति लीटर जा पहुंची।

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नई दिल्‍ली. मंगलवार को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया। दिल्‍ली में पेट्रोल की कीमत 72.38 रुपए प्रति लीटर तो डीजल की कीमत 63.20 रुपए प्रति लीटर जा पहुंची। डीजल की कीमतों में यह अब तक का उच्‍च स्‍तर है, वहीं 2014 से अब तक बीजेपी सरकार के कार्यकाल में पेट्रोल की यह सबसे ज्यादा कीमत है। पेट्रोल-डीजल की इतनी ऊंची कीमतों ने पेट्रोलियम मंत्रालय पर एक्‍साइज ड्यूटी में कटौती के लिए दबाव बना दिया है। 

 

कितनी एक्‍साइज ड्यूटी लेती है सरकार 

केन्‍द्र सरकार पेट्रोल पर 19.48 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 15.33 रुपए प्रति लीटर एक्‍साइज ड्यूटी लगाती है। वहीं दिल्‍ली में पेट्रोल पर वैट 15.39 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 9.32 रुपए प्रति लीटर है। 

 

मुंबई में कितनी है कीमत 

सरकारी ऑयल कंपनियों के मुताबिक, मुंबई की बात करें तो दिसंबर मध्‍य के बाद से वहां पेट्रोल की कीमतों में 3.31 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 4.86 रुपए प्रति लीटर की तेजी आई है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 80 रुपए प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर गई है, जो पूरे देश में सबसे ज्‍यादा है। वहीं मुंबई में डीजल की कीमत 67.30 रुपए प्रति लीटर है। 

 

वित्‍त मंत्री को भेज दिया है एक्‍साइज ड्यूटी में कटौती का प्रस्‍ताव 

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इतनी तेजी की वजह अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर तेल की कीमतों में बढ़ोत्‍तरी है। इस तेजी की वजह से पेट्रोलियम मंत्रालय ने वित्‍त मंत्रालय से यूनियन बजट 2018-19 में एक्‍साइज ड्यूटी में कटौती करने की मांग की है। अधिकारियों के मुताबिक, यह मांग वित्‍त मंत्री अरुण जेटली को भेजे गए प्री-बजट मेमारेंडम का हिस्‍सा है। ऑयल सेक्रेटरी केडी त्रिपाठी ने सोमवार को कहा था कि मंत्रालय ने इंडस्‍ट्री से प्राप्‍त हुई सिफारिशों को आगे बढ़ा दिया है। हालांकि उन्‍होंने इस बारे में ज्‍यादा जानकारी देने से मना कर दिया था। 

 

अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर क्‍या है तेल की कीमत 

अंतराष्‍ट्रीय स्‍तर पर ऑयल की कीमतों की बात करें तो सबसे ज्‍यादा ट्रेडिंग वाले ब्रेंट और यूएस वेस्‍ट टेक्‍सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमतें मंगलवार को क्रमश: 69.41 डॉलर प्रति बैरल और 63.99 डॉलर प्रति बैरल हो गईं। 15 जनवरी को ब्रेंट की कीमत तीन साल के उच्‍च स्‍तर 70.37 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई थी। वहीं WTI ने 16 जनवरी को 64.89 डॉलर प्रति बैरल का स्‍तर छू लिया था, जो दिसंबर 2014 के बाद से इसका सर्वाधिक उच्‍च स्‍तर है।  

 

एक्‍साइज ड्यूटी में 9 बार बढ़ोत्‍तरी, 1 बार कटौती 

मौजूदा एनडीए सरकार ने नवंबर 2014 से जनवरी 2016 के बीच एक्‍साइज ड्यूटी में 9 बार बढ़ोत्‍तरी की है, वहीं अब तक केवल एक बार अक्‍टूबर 2017 में एक्‍साइज ड्यूटी में 2 रुपए प्रति लीटर की कटौती की थी। इस कटौती की वजह दिल्‍ली में पेट्रोल का 70.88 रुपए प्रति लीटर और डीजल का 59.14 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच जाना रहा था। एक्‍साइज ड्यूटी घटने से 4 अक्‍टूबर 2017 को डीजल 56.89 रुपए प्रति लीटर और पेट्रोल 68.38 रुपए प्रति लीटर पर आ गया था। 

 

सरकार को कितना लगा झटका, कितने का हुआ फायदा 

एक्‍साइज ड्यूटी घटाए जाने से सरकार को सालाना रेवेन्‍यू में 26,000 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा था। साथ ही बाकी के बचे मौजूदा वित्‍त वर्ष में सरकार को लगभग 13,000 करोड़ का नुकसान होगा। 9 बार में सरकार ने पेट्रोल पर कुल 11.77 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 13.47 रुपए प्रति लीटर की एक्‍साइज ड्यूटी बढ़ाई। इससे सरकार को एक्‍साइज ड्यूटी से होने वाली आय 2016-17 में दोगुनी से ज्‍यादा बढ़कर 2,42,000 करोड़ रुपए हो गई, जो 2014-15 के दौरान 99,000 करोड़ रुपए थी।  

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