प्रापर्टी में पति-पत्नी दोनों के नाम हो तो मिलेंगे 4 टैक्स बेनीफिट 

 

आशियाने का सपना साकार करने के लिए न जाने कितने जतन करते हैं लेकिन जब बारी टैक्स बेनीफिट की आती है तो इसमें कई बार चूक जाते हैं। आज हम आपको ऐसे ही टैक्स बेनीफिट के बारे में बताने जा रहे हैं। अभी तक हम यह सोचते थे कि प्रॉपर्टी यदि पत्नी के नाम पर खरीदेंगे तो स्टाम्प ड्यूटी आदि में छूट मिल जाएगी।

money bhaskar

Mar 17,2019 07:23:00 AM IST

नई दिल्ली. आशियाने का सपना साकार करने के लिए न जाने कितने जतन करते हैं लेकिन जब बारी टैक्स बेनीफिट की आती है तो इसमें कई बार चूक जाते हैं। आज हम आपको ऐसे ही टैक्स बेनीफिट के बारे में बताने जा रहे हैं। अभी तक हम यह सोचते थे कि प्रॉपर्टी यदि पत्नी के नाम पर खरीदेंगे तो स्टाम्प ड्यूटी आदि में छूट मिल जाएगी। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि ज्वाइंट नाम से खरीदे गए मकान पर ज्यादा टैक्स छूट मिलती है। यही नहीं यह भी जरूरी नहीं कि सहयोगी नाम आपके माता-पिता या जीवनसाथी ही हों। वे आपके रिश्तेदार, दोस्त या पार्टनर भी हो सकते हैं।

दोनों नामों पर दो-दो लाख रुपए की टैक्स छूट
होम लोन के इंट्रेस्ट के भुगतान पर Income टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। यदि मकान में खुद रहते हैं, तो इंट्रेस्ट के भुगतान पर साल में 2 लाख रुपये तक के टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। लेकिन अगर मकान को किसी के साथ मिलकर खरीदा है, तो मकान में हिस्सेदार दोनों व्यक्ति 2-2 लाख रुपये तक के टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं।

किराए की आमदनी में भी फायदा
मिलकर खरीदे गए मकान से मिलने वाले किराये की आमदनी पर दोनों को कर छूट का लाभ मिलेगा। इस मामले में दोनों मालिकों के बीच किराये की आमदनी बंट जाएगी। अगर एक को-ओनर निचले टैक्स स्लैब में आता है, तो वह अपने हिस्से की किराये की आमदनी पर कम टैक्स रेट का फायदा उठा सकता है।

केपिटल गेन से पीछा छुड़ा सकते हैं
घर बेचने पर कैपिटल गेन पर टैक्स लगता है। आयकर कानून की धारा 54 के तहत अगर कोई व्यक्ति निर्धारित समय के अंदर इस रकम से दूसरा घर खरीदता है, तो नए घर में निवेश की गई रकम टैक्सेबल कैपिटल गेन से घट जाती है। मकान संयुक्त रूप से खरीदने पर दोनों को-ओनर के लिए कैपिटल गेन को अलग-अलग कैलकुलेट किया जाएगा। इस तरह दोनों इस प्रावधान का फायदा उठाकर टैक्सेबल कैपिटल गेन से पीछा छुड़ा सकते हैं।


मकान बेचने के बाद निवेश में भी छूट
प्रॉपर्टी अगर मिलकर खरीदी गई है तो दोनों को-ओनर अलग-अलग केपिटल गेन में छूट वाले निर्धारित बॉन्डों में निवेश कर सकते हैं। निवेश पर उन्हें अलग-अलग 50-50 लाख रुपये के टैक्स छूट का लाभ मिलेगा। सेक्शन 54ईसी के तहत नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन (REC) के बॉन्डों में निवेश किया जा सकता है।

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