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जानें कितनी खतरनाक है इनकम टैक्‍स चोरी, पकड़े गए तो होंगे ये नुकसान

लोग टैक्‍स न देना पड़े इसके लिए अपनी इनकम छिपा जाते हैं और इसलिए सरकार के टैक्‍सेबल पर्सन आंकड़ों में आने से बच जाते हैं

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नई दिल्‍ली. भारत की 125 करोड़ लोगों की आबादी में से लगभग 2 करोड़ लोग ही इनकम टैक्‍स देते हैं। लेकिन ये सभी पूरा 100 फीसदी टैक्‍स नहीं भरते हैं। सबसे ज्‍यादा 26 फीसदी इनकम टैक्‍स इन 2 करोड़ लोगों में से केवल 0.1 फीसदी लोग भरते हैं। 

 

ऐसा नहीं है कि देश में इनकम टैक्‍स के दायरे में आने वालों की संख्‍या केवल इतनी ही है, दरअसल लोग टैक्‍स न देना पड़े इसके लिए अपनी इनकम छिपा जाते हैं और इसलिए सरकार के टैक्‍सेबल पर्सन आंकड़ों में आने से बच जाते हैं। सच्‍चाई तो यह है कि देश में टैक्‍स के दायरे में आने वाले लोगों की वास्‍तविक संख्‍या इन आंकड़ों से कहीं ज्‍यादा होगी। टैक्‍स चोरी के चलते देश के राजकोष को तो नुकसान होता ही है, साथ ही यह आपको भी महंगी पड़ सकती है और आपका नुकसान करा सकती है। आइए आपको बताते हैं कि लोग टैक्‍स के दायरे में आने से बचने के लिए किन-किन हथकंडों को अपनाते हैं और टैक्‍स चोरी कैसे आपके लिए नुकसानदायक है- 

 

नहीं दिखाते पूरी इनकम

ऐसे कई लोग हैं, जो अपनी प्रॉपर जॉब के साथ कुछ एक्‍स्‍ट्रा इनकम के लिए पार्ट टाइम जॉब या कोई साइड बिजनेस करते हैं। कई बार ये काम कैश ओनली बेसिस होते हैं यानी इनकी इनकम बैंक अकाउंट में न आकर कैश में मिलती है। ऐसे में जब इनकम दिखाने की बारी आती है तो ज्‍यादा टैक्‍स से बचने के लिए टोटल इनकम न बताकर केवल प्रॉपर जॉब या बिजनेस से हो रही व्‍हाइट मनी को दिखाया जाता है और बाकी की कैश में हुई कमाई को छिपा लिया जाता है।  

 

आगे पढ़ें- और किन तरीकों की लेते हैं मदद 

 

फर्जी डिडक्‍शंस और क्रेडिट्स

लोग टैक्‍स से बचने के लिए फर्जी डिडक्‍शंस का सहारा लेते हैं। ज्‍यादातर लोग चैरिटी या दान की आड़ में टैक्‍स बचा जाते हैं। इसके अलावा बच्‍चों की पढ़ाई के नाम पर फर्जी फीस रसीदें, फर्जी रेंट रसीदें, बिल, लोन के कागज आदि का इस्‍तेमाल भी किया जाता है। 

 

आगे पढ़ें- क्‍या है अगला तरीका

छिपा जाते हैं गिफ्ट

भारत में बेशकीमती गिफ्ट भी टैक्‍स के दायरे में आते हैं। इन पर टैक्‍स से बचा जा सके, इसके लिए कई लोग इन्‍हें अपने इनकम डिक्‍लेरेशन में दिखाते ही नहीं हैं। 

 

आगे पढ़ें- इसका भी लेते हैं सहारा 

पेमेंट करना लेकिन कहीं दर्ज न करना

टैक्‍स चोरी करने वाले अपनी ब्‍लैकमनी को छिपाने के लिए कई बार पेमेंट कैश में करते हैं। कैश पेमेंट में ये राशि कहीं भी दर्ज नहीं होती, जिससे इसके आने या जाने का कोई ब्‍यौरा नहीं होता। लिहाजा टैक्‍सेबल इनकम या डिडक्‍शन में इनकी गिनती नहीं हो पाती। 

 

आगे पढ़ें- टैक्‍स चोरी के नुकसान 

इनकम टैक्‍स चोरी ऐसे पड़ सकती है आपको महंगी 

सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्‍लानर तारेश भाटिया के मुताबिक, अगर आप इनकम टैक्‍स चोरी करते हैं तो एक न एक दिन आप इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट की नजर में आ ही जाएंगे। आप डिपार्टमेंट की टैक्‍स चोरी करने वालों की लिस्‍ट में शामिल हो जाएंगे। तब आपको अपनी रसीद, बिल या फिर खर्चों और आमदनी का ब्‍यौरा देना होगा। आपको हर रसीद के वास्‍तविकता को साबित करना होगा। एक बार इस लिस्‍ट में आने के बाद आप हर बार डिपार्टमेंट के रडार पर होंगे। साथ ही अगर आप वाकई दोषी पाए गए तो आपको पेनल्‍टी भरनी होगी, ऐसे में आपने फर्जीवाड़े से जितना कमाया है, सब गंवाना भी पड़ सकता है। इसके अलावा सोसायटी में जिल्‍लत का सामना भी करना पड़ सकता है।  

 

आगे पढ़ें- भरते हैं टैक्‍स तो क्‍या हैं फायदे

इनकम टैक्‍स भरने के फायदे

1. तारेश का कहना है कि जब आप रेगुलर और सही तरीके से पूरा इनकम टैक्‍स भरते हैं तो इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट में आपका एक अच्‍छा टैक्‍स फाइलिंग रिकॉर्ड बनता है। 
2. आप अपने टैक्‍स फाइलिंग रिकॉर्ड को दिखाकर आसानी से कोई भी लोन, जैसे होम लोन, बिजनेस लोन, कार लोन या बच्‍चों की पढ़ाई के लिए लोन आदि पा सकते हैं। आपको बहुत ज्‍यादा सवालों का सामना नहीं करना पड़ता है और लोन पास हो जाने के ज्‍यादा चांस होते हैं। 
3. अगर आप कोई बिजनेस करते हैं और चाहते हैं कि आपको बाहर से इन्‍वेस्‍टमेंट मिले तो आपका इनकम टैक्‍स फाइलिंग रिकॉर्ड इसमें काफी काम आ सकता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि इन्‍वेस्‍टर भी आपका रिकॉर्ड देखकर इन्‍वेस्‍ट करने या न करने का फैसला करता है। अगर आपका टैक्‍स फाइलिंग रिकॉर्ड खराब है, तो आपकी इस इमेज के चलते इन्‍वेस्‍टर इन्‍वेस्‍टमेंट करने से कतराते हैं। 
4. जब आप अपना बिजनेस बेचते हैं तो इवैल्‍युएशन के वक्‍त भी खरीदार आपकी टैक्‍स फाइलिंग देखते हैं। 

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