विज्ञापन
Home » Economy » TaxationIncome Tax department to soon decide on startups to be exempt from angel tax

स्टार्टअप्स को एंजल टैक्स से मिलेगी छूट, इनकम टैक्स विभाग तय करेगा किनको मिलेगा लाभ

स्टार्टअप संस्थापकों के सुझावों पर CBDT के चेयरमैन सुशील चंद्र की प्रतिक्रिया

1 of

नई दिल्ली। स्टार्टअप्स पर लगाए गए एंजल टैक्स से छुटकारा मिल सकता है। यह बात केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के चेयरमैन सुशील चंद्र ने कही है। सुशील का कहना है कि एंजल टैक्स को हटाने को लेकर CBDT के पास कई सुझाव आए हैं। अब इनकम टैक्स विभाग को तय करना है कि किन स्टार्टअप्स से एंजल टैक्स से छूट दी जाए।

 

स्टार्टअप्स ने की है एंजल टैक्स हटाने की मांग
चंद्रा ने बताया कि बीते सप्ताह स्टार्टअप इंडस्ट्री के लोगों ने डिपार्टमेंट फॉर प्रोमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) और इनकम टैक्स विभाग के अधिकारियों से मुलाकात कर एंजल टैक्स हटाने को लेकर सुझाव दिए थे। उन्होंने कहा कि DPIIT की ओर जिन स्टार्टअप को आयकर एक्ट की धारा 56(2) के तहत छूट मिली हुई है, उनको इनकम टैक्स की ओर से भेजे गए नोटिस पर रोक लगा दी है। चंद्रा का कहना है कि स्टार्टअप इंडस्ट्री की ओर से मिले सुझावों के बाद इनकम टैक्स विभाग असली स्टार्टअप्स की पहचान करेगा और उनको आयकर एक्ट की धारा 56(2) के तहत टैक्स छूट की संभावनाओं पर विचार करेगा। 

इनकम टैक्स ने भेजे हैं स्टार्टअप्स को नोटिस


दरअसल, इनकम टैक्स विभाग ने 2018 में करीब 80 स्टार्टअप्स को एंजल टैक्स देने के लिए नोटिस जारी किए हैं। इन स्टार्टअप्स के संस्थापकों का कहना है कि इनकम टैक्स विभाग ने नोटिस भेजकर उनको मिले फंड का करीब 30 फीसगी टैक्स के तौर पर चुकाने के लिए कहा है। साथ ही नोटिस में स्टार्टअप्स को अपनी आय का स्रोत, बैंक अकाउंट स्टेममेंट और दूसरे वित्तीय आंकड़े पेश करने के लिए भी कहा है।

ये होता है एंजल टैक्स


स्टार्टअप्स अपना कारोबार बढ़ाने के लिए बाहर से पैसा जुटाते हैं। इसके लिए वे पैसे देने वाली कंपनी या संस्था को अपने शेयर जारी करते हैं। अधिकांश मामलों में यह शेयर असली कीमत के मुकाबले ज्यादा कीमत पर जारी किए जाते हैं। शेयरों की इस अतिरिक्त कीमत को इनकम माना जाता है। इस पर इनकम टैक्स लगाया जाता है। इसी इनकम टैक्स को एंजल टैक्स कहा जाता है। एंजल टैक्स की शुरुआत 2012 में तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने बजट में ऐलान के साथ की थी। तब इसे मनी लॉन्ड्रिंग पर रोक लगाने के उद्देश्य से पेश किया गया था।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन