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हर सौदे में होगी आपकी जीत, ये हैं मोलभाव के 6 टॉप टि‍प्‍स

नेगोशि‍एट करना सबके बस की बात नहीं है।

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नई दि‍ल्‍ली। अमेरि‍का के प्रेसि‍डेंट डोनाल्‍ड ट्रंप ने अपने पहले भाषण में ही कहा था कि‍ अमेरि‍की कंपनि‍यां दवा के मामले में मोलभाव नहीं करतीं। जब ट्रंप ऐसी बात कह सकते हैं तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि‍ नेगोसि‍एशन क्‍या चीज होती है। नेगोशि‍एट करना सबके बस की बात नहीं है। चाहे वो सैलरी के लि‍ए हो या कि‍सी कांट्रैक्‍ट के लि‍ए या फि‍र खरीददारी के वक्‍त। मोलभाव करना एक आर्ट है, जो इसमें माहि‍र हो गया वो हर सौदे में पैसे बचा लेता है।  आज हम आपको मोलभाव में माहि‍र करने वाले 6 टि‍प्‍स दे रहे हैं।

खामि‍यां खोजें
आपको होमवर्क करना होगा और मोलभाव करने की रणनीति‍ के लि‍ए तैयारी करनी होगी। जि‍स चीज पर आप नेगोशि‍एट करने जा रहे हैं उसकी खामि‍यों को खोजने की कोशि‍श करें। मान लें आप कि‍सी शहरी इलाके में मकान, दुकान या स्‍पेस लेने जा रहे हैं तो उस इलाके या इमारत की खामि‍यां खोजें। अगर आपके पास इस तरह की कोई जानकारी नहीं है तो आप समाने वाली पार्टी के आगे घुटने टेकने को मजबूर हो जाएंगे। सवालों और उनके मुमकि‍न जवाबों के साथ खुद को तैयार करें।

 

आगे बढ़ें लीड लें
दूसरी पार्टी आपको ऑफर करे इससे बैटर है कि‍ आप खुद ऑफर करें, पहले दूसरी पार्टी आपको ऑफर करे तो इसका सीधा सा मतलब ये भी जाएगा कि‍ आप इस मामले में ब्‍लैंक हैं। अगर आप प्रोएक्‍टि‍व रहे तो फैसला आपके कंट्रोल में रहेगा और बहुत हद तक मुमकि‍न है वो आपके फेवर में रहेगा। कुछ स्‍डटीज से ये बात सामने आई है कि‍ आगे बढ़ कर बात करने वाले नेगोशि‍एटर उन लोगों के मुकाबले ज्‍यादा सक्‍सेसफुल रहते हैं जो शुरुआत करने में हि‍चकि‍चाते हैं। 

 

सुनें-समझें और जवाब दें
जि‍तना जरूरी ये है कि‍ आप कि‍तना अच्‍छा बोलते हैं उतना ही जरूरी है दूसरे की बात को सुनने की काबीलि‍यत रखना। पेशेंस रखें और सुनें कि‍ सामने वाला क्‍या कह रहा है। इससे आपको कॉन्‍सनट्रेट करने मे मदद मि‍लेगी कि‍ बातचीत कि‍स डायरेक्शन में जा रही है। इससे दोनों पक्षो में भरोसा भी कायम होता है। इससे सामने बैठे शख्‍स को ये लगता है कि‍ आप उसे और उसकी बातों को इज्जत दे रहे हैं और जो कुछ आप कह रहे हैं वो सोच समझकर कह रहे हैं।

 

जीरो सम नेगोसि‍एशन पर न जाएं
जीरो सम नेगोसि‍एशन में एक पार्टी जीतती है और दूसरी हारती है। इसमें एक का फायदा होता है और दूसरी पार्टी खाली हाथ रह जाती है। इसलि‍ए जीरो सम नेगोसि‍एशन पर न जाएं। सामने वाली पार्टी के भरोसे को जीतने के लि‍ए सहयोग भरा रवैया अपनाएं। बेस्‍ट डील वही होती हैं, जि‍नमें दोनों पक्षों को फायदा हो। इसे वि‍न वि‍न नेगोसि‍एशन कहते हैं। इसमें दोनों पक्ष कुछ प्‍वाइंट्स को सामने रखते हैं और कुछ को हटा देते हैं। जैसे कि‍ आपको नौकरी देने वाला इस बात पर राजी हो गया कि‍ हर साल 10 फीसदी इंक्रीमेंट होगा, मगर साथ में यह कंडीशन उसने भी रख दी कि‍ 5 फीसदी इंक्रीमेंट आपकी परफॉर्मेंस पर भी डि‍पेंड करेगा। 

 

बॉडी लैंग्‍वेज पर ध्‍यान दें
मोलभाव करते वक्‍त पूरे कॉन्‍फि‍डेंस और मुस्‍कुराहट के साथ बात करना चाहि‍ए। अपने शोल्‍डर की मूवमेंट का इस्‍तेमाल करते हुए सामने वाले को इस तरह दि‍खाएं कि‍ आपको इस बात का डर नहीं है कि‍ मोलभाव में आप हार सकते हैं। मतलब आप इससे डर नहीं रहे और पूरी तरह से कंट्रोल में हैं। बात करने की आपकी टोन और बॉडी लैंग्‍वेज शब्‍दों से ज्‍यादा मायने रखती है।

 

कॉमन इंटरेस्‍ट तलाशें
 सामने वाला आपका दुश्‍मन तो है नहीं। वो केवल आपसे मोलभाव कर रहा है। कुछ ऐसा तलाशें जि‍समें सामने वाली पार्टी का भी इंटरेस्‍ट हो भले ही वह एक फि‍ल्‍म ही क्‍यों न हो। इनसे बातचीत का माहौल थोड़ा लाइट हो जाता है। यह जरूरी तो नहीं हर बार मोलभाव रुपये पैसे को लेकर ही हो। कभी कभी ऐसा भी होता है कि‍ आप कि‍सी मुसीबत में हों और तब आपको मोलभाव करना पड़ रहा हो भले ही कि‍सी नुकसान से बचने के लि‍ए या खुद को कि‍सी की नजरों में सही साबि‍त करने के लि‍ए। ऐसे में कॉमन इंटरेस्‍ट की चीजों पर बातचीत बहुत काम आती है। नेगोसि‍एशन परि‍वार के सदस्‍यों के बीच भी होता है जैसे माता-पि‍ता, पति-पत्‍नी, भाई-बहन वगैरा। नेगोसि‍एशन कि‍सी से भी हो गि‍व एंड टेक का एटीट्यूट हमेशा काम आता है। 

 

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