Startups-छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत, Angel Tax से मिलेगी छूट, निवेश की सीमा भी बढ़ाई

Government relaxes norms, investment limit for angel tax concession to startups: केंद्र सरकार ने Startups में निवेश की सीमा को बढ़ाकर 25 करोड़ से बढ़ाकर करने का फैसला किया है। इसके लिए इनकम टैक्‍स कानून 1961 की धारा 56(2)( viib) के तहत निवेश पाने के नियमों को आसान बनाया जाएगा।

Money Bhaskar

Feb 19,2019 04:12:00 PM IST

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने Startups को बड़ी राहत दी है। सरकार ने Startups के एंजल टैक्स में राहत देने के लिए नियमों में बदलाव के फैसला किया है। एक अधिकारी के अनुसार, केंद्र सरकार ने Startups में निवेश की सीमा को बढ़ाकर 25 करोड़ से बढ़ाकर करने का फैसला किया है। इसके लिए इनकम टैक्‍स कानून 1961 की धारा 56(2)( viib) के तहत निवेश पाने के नियमों को आसान बनाया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में जल्द नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।

बदलेंगे Startup के नियम
अधिकारी ने बताया कि सरकार ने स्टार्टअप ने नियमों में भी बदलाव का फैसला लिया है। अधिकारी के अनुसार, पंजीकरण या स्थापना से 10 साल तक संचालन होने वाले संस्थानों को Startup माना जाएगा। अधिकारी ने बताया कि बताया कि जिन कंपनियों का टर्नओवर 100 करोड़ रुपए से कम है उसको भी स्टार्टअप माना जाएगा। अधिकारी के अनुसार 100 करोड़ रुपए के नेटवर्थ या 250 करोड़ रुपए के टर्नओवर वाली रजिस्टर्ड कंपनी पात्र स्टार्टअप में निवेश कर सकती है और इनकम टैक्‍स कानून की धारा 56(2)( viib) के तहत छूट भी मिलेगी।

ये होता है एंजल टैक्स
स्टार्टअप्स अपना कारोबार बढ़ाने के लिए बाहर से पैसा जुटाते हैं। इसके लिए वे पैसे देने वाली कंपनी या संस्था को अपने शेयर जारी करते हैं। अधिकांश मामलों में यह शेयर असली कीमत के मुकाबले ज्यादा कीमत पर जारी किए जाते हैं। शेयरों की इस अतिरिक्त कीमत को इनकम माना जाता है। इस पर इनकम टैक्स लगाया जाता है। इसी इनकम टैक्स को एंजल टैक्स कहा जाता है। एंजल टैक्स की शुरुआत 2012 में तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने बजट में ऐलान के साथ की थी। तब इसे मनी लॉन्ड्रिंग पर रोक लगाने के उद्देश्य से पेश किया गया था।

छोटे कारोबारी भी ले सकते हैं स्टार्टअप के लाभ
केंद्र सरकार की ओर से 100 करोड़ रुपए से कम टर्नओवर वाले संस्थानों को स्टार्टअप का दर्जा देने से छोटे कारोबारियों को राहत मिलेगी। इस नए नियम के अस्तित्व में आने के बाद छोटे कारोबार स्टार्टअप्स को मिलने वाले लाभ ले सकते हैं। आपको बता दें कि स्टार्टअप्स को कारोबार बढ़ाने के लिए कम ब्याज दर पर लोन और टैक्स में छूट समेत कई प्रकार की सुविधाएं मिलती हैं।

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