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बजट 2018: बजट से पहले जेटली का इशारा, कहा-बदल सकते हैं GST रेट, बेस बढ़ाने का भी है मौका

जीएसटी का बेस बढ़ाने और भविष्‍य में इसके रेट में बदलाव का मौका मि‍ल गया है।

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नई दि‍ल्‍ली. वि‍त्‍त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि‍ गुड्स एंड सर्वि‍सेज टैक्‍स (GST) सिस्टम में बेहद कम समय में स्थिरता आ गई है, जिससे जीएसटी का बेस बढ़ाने और भविष्‍य में रेट्स में बदलाव का मौका मि‍ल गया है। जीएसटी देश के टैक्‍स सि‍स्‍टम में व्यापक बदलाव लाया है।  जेटली इंटरनेशन कस्टम डे पर हुए एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।

 

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उन्होंने कहा कि अन्‍य मुल्‍कों के मुकाबले यहां जीएसटी जैसे सिस्टम को स्टैब्लाइज करने में कम समय लगा। इससे हमें और सुधार व बदलाव के लि‍ए वक्‍त मि‍ल गया, जि‍सकी अभी गुंजाइश है। 

 

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जीएसटी दरों में कि‍या था बदलाव 
अभी जीएसटी के तहत चार स्‍लैब हैं - 5 फीसदी, 12 फीसदी, 18 फीसदी और 28 फीसदी। गौरतलब है कि नवंबर में हुई जीएसटी काउंसि‍ल की बैठक में 178 चीजों को 28 फीसदी के टैक्‍स ब्रैकेट से नि‍काल कर 18 फीसदी में लाने का फैसला कि‍या गया था। इसी तरह से 13 चीजों पर टैक्‍स को 18 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी कर दि‍या गया । वहीं 8 चीजों को 12 फीसदी के टैक्‍स दायरे से नि‍कालकर 5 फीसदी में रख दि‍या गया। 

 

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घट गया टैक्‍स कलेक्‍शन 
करीब 200 वस्‍तुओं को सेवाओं पर जीएसटी कम कर देने की वजह से नवंबर में टैक्‍स कलेक्‍शन अब तक का सबसे कम रहा था। नवंबर में कुल 80808 करोड़ टैक्‍स के रूप में प्राप्‍त हुआ। हालांकि‍ लगातार दो माह नीचे जाने के बाद दि‍संबर में इसमें कुछ सुधार आया और  कुल 86703 करोड़ रुपए का टैक्‍स मि‍ला। अक्‍टूबर में टैक्‍स कलेक्‍शन 83000 था। गौरतलब है कि सितंबर में जीएसटी कलेक्‍शन 92150 करोड़ रुपए था। 

 

टॉप 50 में आ सकता है भारत 
फाइनेंस मि‍नि‍स्‍टर अरुण जेटली ने कहा कि‍ अगर टैक्‍स डि‍पार्टमेंट के साथ साथ  सभी तंत्र प्रयास करें तो इस बात की बहुत संभावना है कि‍ वर्ल्‍ड बैंक की ईज ऑफ डुइंग बि‍जनेस रैंकिंग में भारत टॉप 50 में जगह बना सकता है। उन्‍होंने कहा कि‍ यह हमारे अपने हि‍त में है कि‍ यहां बि‍जनेस करना आसान हो। देश इस रैंकिंग में बीते 3 सालों में 142वें पायदान से चढ़कर 100वें पर आ गया है। महज एक साल के भीतर हमारे रैंक में 30 अंक का सुधार आया। 

 

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