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SEZ के लिए खत्‍म हो सकता है सनसेट क्‍लॉज, कॉमर्स मिनिस्‍ट्री ने वित्‍त मंत्रालय को लिखा पत्र

कॉमर्स मिनिस्‍ट्री ने स्‍पेशल इकोनॉमिक जोन (सेज) की यूनिट्स को टैक्‍स में मिलने वाली छूट को जारी रखने का फैसला किया है।

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नई दिल्‍ली. कॉमर्स मिनिस्‍ट्री ने स्‍पेशल इकोनॉमिक जोन (सेज) की यूनिट्स को टैक्‍स में मिलने वाली छूट को जारी रखने का फैसला किया है। मंत्रालय का मानना है कि इससे एक्‍सपोर्ट और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा। एक अधिकारी ने बताया कि वित्‍त मंत्रालय को लिखे पत्र में डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स ने सेज पर से मिनिमम अल्‍टरनेट टैक्‍स हटाने की भी मांग की है। 

बजट 2016-17 में वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि नई सेज यूनिटों में से केवल उन्‍हीं यूनिटों को इनकम टैक्‍स में लाभ मिलेगा, जो 31 मार्च 2020 से पहले अपनी गतिविधियां शुरू कर देंगे। कॉमर्स मिनिस्‍ट्री इस सनसेट क्‍लॉज को हटाना चाहती थी क्‍योंकि उसका मानना है कि इस क्‍लॉज से सेज की ग्रोथ पर नकारात्‍मक प्रभाव पड़ेगा। 

 

क्‍या है सनसेट क्‍लॉज?  

इंडस्‍ट्री के एक्‍सपर्ट्स के मुताबिक, सनसेट क्‍लॉज टैक्‍स में मिलने वाली छूट बंद हो जाने की तारीख को दर्शाता है। यह क्‍लॉज प्रगति के बजाय पीछे धकेलता है और सेज में होने वाले इन्‍वेस्‍टमेंट्स और रोजगार सृजन को प्रभावित करता है। एक्‍सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर EOUs एंड SEZs (EPCES) के पूर्व चेयरमैन राहुल गुप्‍ता ने कहा कि सनसेट क्‍लॉज के चलते मार्च 2020 तक पूरा न हो सकने वाले प्रोजेक्‍ट अलाभकारी बन सकते हैं। इसलिए सरकार को इसे हटाने पर विचार करना चाहिए। 

 

सेज को टैक्‍स से कितनी छूट? 

सेज मे मौजूद यूनिटों को एक्‍सपोर्ट से हुई आय पर पहले 5 सालों तक इनकम टैक्‍स से 100 फीसदी छूट मिलती है। अगले 5 सालों के लिए 50 फीसदी और उसके अगले 5 सालों के लिए एक्‍सपोर्ट प्रॉफिट के 50 फीसदी की छूट मिलती है। सेज देश में बड़े एक्‍सपोर्ट हब के रूप में उभरे हैं। हालांकि इन्‍हें तब झटका लगा, जब सरकार ने मिनिमम अल्‍टरनेट टैक्‍स और सनसेट क्‍लॉज को लागू कर दिया।  

 

1 दिसंबर तक 423 सेज को मिली मंजूरी 

अप्रैल-सितंबर 2017-18 के दौरान सेज से एक्‍सपोर्ट 13 फीसदी बढ़कर लगभग 2.67 लाख करोड़ रुपए रहा था। सितंबर 2017 तक सेज में लगभग 4.49 लाख करोड़ रुपए का इन्‍वेस्‍टमेंट हुआ। 1 दिसंबर 2017 तक सरकार 423 सेज को मंजूरी दे चुकी थी, जिनमें से 222 अभी ऑपरेशनल हैं।  

 

बोर्ड ऑफ अप्रूवल को मिलें अतिरिक्‍त अधिकार 

पिछले माह कॉमर्स मिनिस्‍ट्री द्वारा नियुक्‍त किए गए एक पैनल ने सुझाव दिया था कि सेज के लिए फैसला लेने वाले बोर्ड ऑफ अप्रूवल को यूनिटों और डेवलपर्स को कुछ नियमों से छूट देने के लिए अतिरिक्‍त अधिकार दिए जाएं ताकि सेज को प्रमोट किया जा सके।

 

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