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आयकर विभाग ने उड़ाई डिजिटल इंडिया की धज्जियां, टैक्स बकाएदारों की मांगी डिटेल तो भेज दिए 3000 पत्र

3000 चिट्टियों में भेजी लेकिन फिर भी नहीं मिला जवाब

Income Tax Department Against Digital India

नई दिल्ली. पीएम मोदी की ओर से डिजिटल इंडिया की मुहिम चलाई जा रही है। सभी दफ्तरों, लाइब्रेरी से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक के कामकाज को डिजिटल बनाया जा रहा है। लेकिन सरकार के वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले आयकर विभाग तक शायद डिजिटल इंडिया की मुहिम नहीं पहुंची है, तभी आयकर विभाग की ओर से टैक्स बकाएदारों की डिटेल मांगने पर 3000 हजार से ज्यादा पत्र भेज दिए गए हैं।  

3000 पत्र और 50 ईमेल मिले 

दरअसल मध्य प्रदेश के एक आरटीआई एक्टिविस्ट चंद्रशेखर गौड़ ने आयकर विभाग से देश के बड़े टैक्स बकाएदारों की सूचना मांगी तो जवाब में उन्हें अब तक 3000 पत्र और 50 ईमेल जवाब भेज दिए गए, जो उन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों के आयकर दफ्तरों से मिले हैं। गौड़ ने बताया, मैंने सीबीडीटी में 25 फरवरी 2018 को ऑनलाइन आरटीआई अर्जी दायर कर जानना चाहा था कि उसके पास उपलब्ध कुल आंकड़ों के मुताबिक देश के 50 सबसे बड़े कर बकायादार कौन हैं। इन बकाएदारों के बारे में सीबीडीटी से खास तौर पर कुल आंकड़ों की मांग की गई थी। लेकिन सीबीडीटी ने अपने स्तर पर ये आंकड़े भेजने के बजाय मेरी अर्जी को देश भर के विभिन्न स्तरों के आयकर कार्यालयों की ओर बढ़ा दिया। 

चंद्रशेखर ने ईमेल से जानकारी भेजने की रखी मांग

इसका नतीजा यह हुआ कि मुझे इन कार्यालयों से पिछले एक साल से लगातार चिट्ठियां आ रही हैं। जब मैं गिनने बैठा तो इसमें उन्हें करीब 5 घंटे का समय लगा और इनकी कुल तादाद 3,010 निकली। गौड़ ने बताया, मैंने सीबीडीटी से अनुरोध किया था कि मुझे ऑनलाइन जानकारी ही भेजी जाए। लेकिन मुझ पर कागजी चिट्ठियों की बौछार कर दी गयी। जो सवाल मैंने किए थे, उनका मुझे अब तक सीबीडीटी से स्पष्ट जवाब नहीं मिला है।

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