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  • World's largest solar power plant to be electrified in Delhi by running Metro train for Rs 1200 crore

उपलब्धि /दुनिया के सबसे बड़े सोलर पावर प्लांट की बिजली से दिल्ली में दौड़ी मेट्रो ट्रेन, 1200 करोड़ रुपए की होगी बचत

  • 750 मेगावाट बिजली को होगा उत्पादन जो अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित 550 मेगावॉट क्षमता की रेगिस्तानी प्रकाश सौर ऊर्जा संयंत्र से अधिक है।
  • दिल्ली मेट्रो को 25 सालों तक 1220 करोड़ रुपए और मप्र को 2086 करोड़ का फायदा होगा। 

money bhaskar

Apr 19,2019 11:42:55 AM IST

नई दिल्ली. देश के दो राज्यों के नाम एक अनूठी उपलब्धि हासिल हुई है। मध्यप्रदेश के रीवा स्थित गूढ़ में निर्माणाधीन दुनिया के सबसे बड़े अल्ट्रा मेगा सोलर पावर प्लांट से बिजली दिल्ली भेजी गई और यहां इसी बिजली से दिल्ली मेट्रो दौड़ी। इससे दिल्ली मेट्रो को 25 सालों तक 1220 करोड़ रुपए और मप्र को 2086 करोड़ का फायदा होगा।

पहली बार मेट्रो सौर ऊर्जा से दौड़ी


राजधानी दिल्ली में पहली बार सौर ऊर्जा से मेट्रो का परिचालन किया गया। मेट्रो की वायलेट लाइन पर जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से केंद्रीय सचिवालय के बीच इसका परिचालन किया गया। डीएमआरसी को मध्यप्रदेश स्थित रीवा में बने सोलर पावर पार्क से समझौते के तहत गुरुवार को 27 मेगावाट ऊर्जा की आपूर्ति की गई। बिजली की लागत कम करने के लिए सौर ऊर्जा के प्रयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।

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99 मेगावाट बिजली मिलेगी

मेट्रो के 371 किलोमीटर लंबे नेटवर्क को चलाने के लिए फिलहाल 180 से 200 मेगावाट बिजली की जरूरत है। मेट्रो को रीवा से कुल 99 मेगावाट सौर ऊर्जा की आपूर्ति होगी, जो अभी 27 मेगावाट से शुरू की गई है। दिल्ली मेट्रो फिलहाल स्टेशन और पार्किंग की छतों पर सोलर पावर प्लांट की मदद से 28 मेगावाट बिजली का उत्पादन कर रही है। इस तरह रीवा से आपूर्ति होने के बाद उसके पास कुल 127 मेगावाट सौर ऊर्जा उपलब्ध होगी।

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100 फीसदी सौर ऊर्जा का प्रयोग करने वाली बन जाएगी मेट्रो

मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक, सौर ऊर्जा का प्रयोग मेट्रो के परिचालन के साथ स्वचालित सीढियां, लिफ्ट समेत अन्य कामों में भी होगा। दिल्ली मेट्रो का मकसद सौर ऊर्जा नीति के तहत अगले कुछ वर्षों में अपना पूरा परिचालन सौर ऊर्जा पर स्थानांतरित करने का है। ऐसा होने पर दिल्ली मेट्रो दुनिया की पहली 100 फीसदी सौर ऊर्जा पर चलने वाली मेट्रो बन जाएगी।

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अमेरिका के प्लांट से भी बड़ा है रीवा का प्लांट

जिले के गुढ़ पहाड़ में स्थापित सोलर प्लांट से तैयार होने वाली बिजली से मध्यप्रदेश की परियोजनाओं को अगले 25 साल में 2086 करोड़ और दिल्ली मेट्रो को 1220 करोड़ रुपए का फायदा होगा। यह देश की पहली और एक मात्र सोलर पार्क परियोजना है, जिसे विश्व बैंक से आर्थिक सहायता मिली है और उत्पादित बिजली का विक्रय ओपेन एक्सेस उपभोक्ता दिल्ली मेट्रो को किया जाएगा। इस प्रस्तावित संयंत्र की क्षमता 750 मेगावॉट होगी, जो अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित 550 मेगावॉट क्षमता की रेगिस्तानी प्रकाश सौर ऊर्जा संयंत्र से अधिक होगी।

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सबसे सस्ती बिजली


यह परियोजना अपने आप में काफी सस्ती है। इस परियोजना में न्यूनतम दर 2.97 रुपए प्रति यूनिट में बिजली का टेरिफ मिलेगा। यह कोयला एवं अन्य श्रोतों द्वारा तैयार विद्युत के टैरिफ से भी कम है।

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