विज्ञापन
Home » Economy » PolicyWork will start for the country's second bullet train as soon as the new government is formed, the survey of Route of Chennai-Kanyakumari

न्यू प्रोजेक्ट / नई सरकार बनते ही देश की दूसरी बुलेट ट्रेन के लिए शुरू होगा काम, चेन्नई-कन्याकुमारी रूट का हुआ सर्वे

मुंबई-अहमदाबाद के पहले रूट का काम 2022 में होगा खत्म

Work will start for the country's second bullet train as soon as the new government is formed, the survey of Route of Chennai-Kanyakumari

नई दिल्ली. देश की सवा सौ करोड़ जनता को अब बेसब्री से वर्ष 2022 का इंतजार है, जब बुलेट ट्रेन इस देश में पहली बार दौड़ेगी। अहमदाबाद से मुंबई के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेन की अंतिम डेडलाइन दिसंबर 2023 है, लेकिन भारत सरकार इस प्रोजेक्ट को 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इस बीच सरकार ने दूसरी बुलेट ट्रेन  योजना पर काम शुरू कर दिया है। इसके लिए शुरूआत में चेन्नई-कन्याकुमारी और मैसूर-बेंगलुरु-चेन्नई को लिया गया है। हालांकि सूत्र बताते हैं कि नई सरकार का गठन होते ही चेन्नई-कन्याकुमारी रूट पर बुलेट ट्रेन का प्रस्ताव कैबिनेट भेजा जा सकता है। सरकार की योजना है कि जब पहली बुलेट ट्रेन देश में चले तभी दूसरी के लिए काम शुरू हो सके। इसके लिए अभी से जमीन अधिग्रहण व डीपीआर आदि की तैयारी की जाए। 

 

इस रूट का चल रहा था सर्वे 


 मैसूर-बेंगलुरु-चेन्नई  के लिए पिछले 18 महीने से सर्वे किया जा रहा था। बीते दिनों इस बात की जानकारी भारत में जर्मनी के उच्चाधिकारी मार्टिन ने दी थी। यही नहीं, उन्होंने सर्वे रिपोर्ट रेलवे बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष अश्विनी लोहानी को सौंपी थी। अब नई सरकार तय करेगी कि इस रूट पर बुलेट ट्रेन चलाना है या नहीं। या फिर चेन्नई-कन्याकुमारी का रूट ज्यादा मुफीद रहेगा। 

यह भी पढ़ें : अब जावा से नहीं चलेगा काम, नई तकनीक न सीखने वाले कर्मियों को कंपनियां ने बाहर का रास्ता दिखाया

अनुमानित खर्च 1.14 लाख करोड़ रुपए

 

अहमदाबाद से मुंबई के बीच चलाई जाने वाली बुलेट ट्रेन के प्रोजेक्ट की फंडिंग जापान कर रहा है वहीं दूसरी बुलेट ट्रेन के प्रोजक्ट की फंडिंग जर्मनी करेगा। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) अहमदाबाद और मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन परियोजना का संचालन कर रहा है। इस कॉरिडोर की कुल लंबाई 508.17 किमी. है और यह मार्ग दो राज्यों, महाराष्ट्र और गुजरात एवं एक केंद्र शासित प्रदेश, दादरा और नगर हवेली से होकर गुजरेगी। वहीं दूसरे बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट करीब 1.14 लाख करोड़ रुपए तक खर्च आ सकता है।

यह भी पढ़ें : सबसे स्वच्छ शहर में देश का पहला स्मार्ट पोलिंग बूथ, 12 प्रकार की सुविधाएं मिल रही हैं वोटर्स को

 

कुल दस नेटवर्क हैं प्रोजेक्ट में शामिल 


 रिपोर्ट के अनुसार सरकार रेल नेटवर्क में 10 और बुलेट ट्रेन जोड़ने की योजना बना रही है।इस योजना में देश भर से शामिल होने वाले बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 6,000 किमी. होगी। इस बुलेट ट्रेन का प्रस्ताव पहले ही कैबिनेट के पास स्वीकृति के लिए भेजा जा चुका है। प्रस्ताव में पूरे भारत में 10 संभावित बुलेट ट्रेन परियोजनाओं के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के साथ परीक्षण करने की अनुमति भी मांगी गई है।

यह भी पढ़ें : देश की पहली बुलेट ट्रेन में नौकरी करनी है तो जापानी भाषा जानना जरूरी, 4 जून तक नौकरी के कर सकते हैं आवेदन

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन