कवायद /सिलेंडर की तरह रेल किराए में भी सब्सिडी छोड़ने की योजना लाएगा रेलवे, महंगा हो सकता है किराया 

Moneybhaskar.com

Jun 22,2019 01:38:00 PM IST

नई दिल्ली. किराए पर सब्सिडी से हो रहे घाटे से निपटने के लिए रेलवे भी अब तेल कंपनियों की गिव इट अप स्कीम लागू करना चाहता है। जैसे सिलेंडर पर सब्सिडी छोड़ने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जाता है वैसे ही रेलवे भी टिकट पर लोगों से सब्सिडी छोड़ने का आह्वान करेगा। इस मामले की जानकारी रखने वाले एक सीनियर अफसर ने कहा कि रेलवे ने अपनी कमाई बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को 100 दिन का प्लान भेज दिया है। उन्होंने बताया कि अभी रेलवे यात्रा पर आने वाली लागत का सिर्फ 53 फीसदी ही टिकट के रूप में वसूल करता है। इससे रेलवे पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। इसके चलते किराया में बढ़ोतरी हो सकती है।

43 फीसदी की सब्सिडी देता है रेलवे

रेलवे यात्रा पर आने वाली 43 फीसदी लागत का बोझ खुद उठा रहा है। अंग्रेजी अखबार ईटी को अधिकारी ने बताया कि रेलवे का जोर यात्रियों को सब्सिडी छोड़ने के लिए प्रेरित करने पर है। इससे पहले सरकार ने रसोई गैस की सिलेंडर पर लोगों से सब्सिडी छोड़ने की अपील कर चुकी है। इसके अच्छे नतीजे मिले हैं। यात्री को रेलवे सब्सिडी और बगैर सब्सिडी वाला टिकट खरीदने का विकल्प देगा। सब्सिडी छोड़ने वाले यात्रियों को टिकट के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। जानकारी देने वाले अधिकारी ने बताया कि सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (CRIS) आईआरसीटीसी की वेबसाइट में इसके लिए जरूरी बदलाव करेगा।

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56 हजार करोड़ रुपए की कमाई का लक्ष्य

सूत्रों के मुताबिक रेलवे को टिकटों की बिक्री से करीब 50,000 करोड़ रुपये की कमाई होती है। इस बार रेलवे ने ने टिकटों की बिक्री से 2019-20 में करीब 56,000 करोड़ रुपये की कमाई का लक्ष्य रखा है। गिव इट अप स्कीम से इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

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पहले भी बनाई थी योजना पर विरोध के चलते ठंडे बस्ते में गई


रेलवे ने गिव इट अप स्कीम के प्रचार के लिए व्यापक योजना बनाई है। इसे अलग-अलग मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों तक पहुंचाया जाएगा। उन्हें टिकट पर सब्सिडी छोड़ने के लिए कहा जाएगा। पूर्व रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने इस योजना के बारे में सोचा था. लेकिन, कई तबकों के विरोध जताने पर इसे छोड़ दिया गया था। सूत्रों के मुताबिक रेलवे बोर्ड का प्रस्ताव पीएमओ के पास है। इस साल अगस्त तक इसके लागू हो जाने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार 2014 में सत्ता में आने के बाद लोगों से रसोई गैस पर सब्सिडी छोड़ने की अपील की थी। उनकी अपील के बाद 1.25 करोड़ लोगों ने सब्सिडी छोड़ दी है।

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