लाेकसभा चुनाव परिणाम /जेटली बने रह सकते हैं वित्त मंत्री, विदेश मंत्रालय में हो सकता है बदलाव

  • वित्त मंत्रालय देश का ऐसा मंत्रालय है जिसका नियंत्रण हरेक मंत्रालय पर होता है

Money Bhaskar

May 23,2019 01:01:00 PM IST

मनी भास्कर नई दिल्ली।

मतगणना के रुझान से स्पष्ट हो गया है कि केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है। जीत स्पष्ट होने के बाद अब सत्ता के गलियारों में मंत्रालय के बंटवारों को लेकर अटकलें तेज हो गई।

पीएम मोदी गोयल को अगले वित्त मंत्री की रूप में तैयार कर रहे हैं

सबसे अधिक संशय वित्त मंत्रालय को लेकर चल रही है। क्योंकि वर्तमान वित्त मंत्री अरुण जेटली की सेहत उनका साथ नहीं दे रही है, लेकिन वित्त मंत्रालय में उनकी गहरी दिलचस्पी को देखते हुए इस बात का अनुमान लगाया जा रहा है कि फिलहाल यह मंत्रालय उनके पास ही रहने दिया जाएगा। हालांकि जेटली के बीमार होने के दौरान दो बार रेलवे मंत्री पीयूष गोयल वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी गोयल को अगले वित्त मंत्री की रूप में तैयार कर रहे हैं।

अंतरिम बजट पीयूष गोयल ने पेश की थी

प्रधानमंत्री मोदी की नजर में गोयल की छवि का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2014 में मोदी सरकार के गठन पर गोयल को बिजली राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया और लगभग तीन साल के बाद उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा देते हुए रेलवे मंत्री बना दिया गया। वहीं इस साल फरवरी में जेटली की गैरमौजूदगी में अंतरिम बजट पेश करने के लिए गोयल को वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया गया जबकि सुरेश प्रभु जैसे मंत्री भी सरकार के पास मौजूद थे। फिलहाल गोयल रेलवे के साथ कोयला मंत्री भी है।

वित्त मंत्रालय देश का ऐसा मंत्रालय है जिसका नियंत्रण हरेक मंत्रालय पर होता है

वित्त मंत्रालय देश का ऐसा मंत्रालय है जिसका नियंत्रण हरेक मंत्रालय पर होता है। किसी भी मंत्रालय को अगर किसी भी स्कीम या योजना के लिए पैसे की आवश्यकता होती है तो उसे वित्त मंत्रालय का दरवाजा खटखटाना पड़ता है।

वित्त मंत्रालय के साथ विदेश मंत्रालय में भी नए चेहरे लाए जाने की संभावना जाहिर की रही है। जेटली की तरह ही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी पूरी तरह से स्वस्थ्य नहीं है। यही वजह है कि स्वराज ने चुनाव मैदान में नहीं उतरी। सूत्रों के मुताबिक स्वराज की जगह मौजूदा सरकार के किसी वरिष्ठ मंत्री को विदेश मंत्रालय की कमान सौंपी जा सकती है।

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के कामकाज से भी प्रधानमंत्री मोदी काफी खुश है

सूत्रों के मुताबिक गोयल के साथ देश की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के कामकाज से भी प्रधानमंत्री मोदी काफी खुश है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में लगभग तीन साल के कार्यकाल के बाद उन्हें प्रमोट करते हुए रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंप दी गई। राफेल मुद्दे पर भी संसद से लेकर सड़क तक पर सीतारमण ने प्रधानमंत्री मोदी का साथ दिया है। पार्टी प्रवक्ता के रूप में भी वे समय-समय पर पार्टी को संकट से उबारने का काम करती रहती है। सूत्रों के मुताबिक सीतारमण को रक्षा मंत्रालय के समकक्ष के किसी अन्य मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जा सकती है।

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