निराशाजनक /मौसम विभाग का पूर्वानुमान फेल, अब केरल में 8 जून तो दिल्ली में 10 जुलाई तक दस्तक देगा मानसून

Moneybhaskar.com

Jun 06,2019 03:09:00 PM IST

नई दिल्ली. मौसम विभाग का पूर्वानुमान एक बार फिर फेल हो गया है। अब मौसम का पूर्वानुमान जारी करने वाली निजी संस्था स्काईमेट ने 8 जून को केरल में मानसून के दस्तक देने की उम्मीद जताई है। जबकि भारतीय मौसम विभाग ने छह जून का पूर्वानुमान जताया था। इससे एक दिन पहले ही आईएमडी ने 7 जून तक इसके केरल पहुंचने की बात कही थी। सामान्य तौर पर मानसून 1 जून को पहुंचता है। वहीं, दिल्ली में इस बार मानसून 10 से 15 जुलाई के बीच आमद दर्ज करा सकता है। दिल्ली में मानूसन की सामान्य तारीख 29 जून है। केरल के एक महीने बाद दिल्ली में मानसून आता है लेकिन इस बार इसमें 40 दिन लग सकते हैं। उधर, मौसम की मार से पूरे देश में भीषण गर्मी जारी है। इसके चलते बिजली, पानी आदि का खर्च भी बढ़ गया है। यही नहीं, यदि मौसम सामान्य नहीं रहा तो अर्थव्यवस्था पर भी असर हो सकता है।

यह आर्थिक नुकसान

कृषिप्रधान देश होने की वजह से अर्थव्यवस्था मानसून पर निर्भर है। यदि मानसून ने दगा दिया तो खेती प्रभावित हो जाएगी। जिससे एक बार फिर भारत की जीडीपी ग्रोथ घटने की आशंका बनेगी। ज्यादा गर्मी से देश में बिजली खपत बढ़ गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून में आठ दिन की देरी की वजह से 30 प्रतिशत ज्यादा बिजली खर्च होगी। जलसंकट भी लंबा खिंच गया है। देश भर में पानी के परिवहन पर रोजाना 150 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इसके अलावा, तेज गर्मी से स्वास्थ्य, काम करने की क्षमता आदि पर भी विपरीत असर पड़ रहा है।

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प्रीमानसून ने दिया धोखा


65 सालों में पहली बार प्रीमानसून ने इतना ज्यादा दगा दिया है। हालात यह हैं कि देश के 80 प्रतिशत भाग में प्रीमानसून बारिश न के बराबर हुई है। इससे इन इलाकों में गर्मी और ज्यादा बढ़ गई है।

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दिल्ली में भी 10 से 15 दिन की देरी हो सकती है


स्काई मेट के वैज्ञानिक समर चौधरी ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मानसून पहुंचने में 10-15 दिन की देरी हो सकती है। दिल्ली और इसके आसपास के प्रदेशों में आमतौर पर मानसून जून अंत तक पहुंच जाता है। इस बार अल नीनो और ग्लोबल वॉर्मिंग के चलते मानसून के कमजोर रहने के आसार हैं। उम्मीद है कि मानसून की बारिश करीब 93% (औसत से कम) तक होगी। मौसम विभाग ने भी इस सीजन में 96% बारिश की संभावना जाहिर की थी।

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कई इलाकों में पारा 50 के आसपास

नार्थवेस्ट इंडिया के कई इलाकों में पारा 50 डिग्री के आसपास लगातार बना हुआ है। लोगों को कई जगह पानी की किल्लत से भी दो-चार होना पड़ रहा है। राजस्थान के रेतीले इलाकों
में तो जीना दुश्वार हो गया है। चुरू में पारा 50 डिग्री के निशान को भी पार कर 51 तक पहुंच चुका है। राजस्थान के ही जोधपुर में तमाम जलाशय सूख चुके हैं। ग्रामीण इलाकों में पानी का संकट और गहरा गया है। जून के महीने में शहर का औसत अधिकतम तापमान 47.7 डिग्री दर्ज हुआ है।

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पिछले साल तीन दिन पहले पहुंच गया था मानसून


मानसून 2014 में 5 जून को, 2015 में 6 जून को और 2016 में 8 जून को आया था। जबकि, 2018 में मानसून ने केरल में तीन दिन पहले 29 मई को ही दस्तक दे दी थी। पिछले साल सामान्य बारिश हुई थी। यह भी पढ़ें : आरबीआई की रिपोर्ट: एटीएम की बजाय किराना दुकान से ले सकेंगे कैश

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