सरकार की सोच /दो अक्टूबर को तीन फिल्मों ने कमाए 120 करोड़, इसलिए आर्थिक सुस्ती नहीं : रविशंकर प्रसाद

  • भारत की सुस्ती संबंधी आईएमएफ के बयान पर कहा, उसकी गणना अधूरी है
  • आईएमएफ ने हाल में कहा था, दुनिया के 90 फीसदी हिस्से में इस साल सुस्ती रहेगी
  • भारत और ब्राजील में सुस्ती का असर और भी अधिक दिखेगा

Moneybhaskar.com

Oct 12,2019 08:32:00 PM IST

नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शनिवार को कहा कि दो अक्टूबर को छुट्‌टी के दिन बॉलीवुड की तीन फिल्मों ने 120 करोड़ रुपए कमाए। इससे पता चलता है कि अर्थव्यवस्था मजबूत है। कुछ ही दिनों पहले अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक सुस्ती का माहौल है और भारत व ब्राजील में इस साल सुस्ती का असर अधिक गंभीर दिखेगा। प्रसाद के पास कानून और न्याय, संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की जिम्मेदारी है।

अर्थव्यवस्था मजबूत नहीं, तो सिर्फ तीन फिल्मों ने इतना अधिक कैसे कमाया

एजेंसी की खबरों के मुताबिक एक सवाल के जवाब में प्रसाद ने कहा कि मुझे बताया गया है कि दो अक्टूबर को राष्ट्रीय अवकाश के बावजूद तीन हिंदी फिल्मों ने 120 करोड़ रुपए कमा लिए। यदि अर्थव्यवस्था मजबूत नहीं है, तो सिर्फ तीन फिल्मों ने एक ही दिन में इतनी बड़ी राशि कैसे कमा ली। प्रसाद भाजपा का चुनाव प्रचार करने के लिए मुंबई गए हुए थे। महाराष्ट्र में 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव है।

भारत को लेकर आईएमएफ की गणना अधूरी

आईएमएफ की एमडी क्रिस्टीना जॉर्जीवा ने हाल में कहा था कि इस साल दुनिया के 90 फीसदी हिस्से में विकास दर काफी कम रहेगी। भारत और ब्राजील में सुस्ती का असर अपेक्षाकृत अधिक दिखेगा। आईएमएफ के इस बयान पर टिप्पणी मांगे जाने पर प्रसाद ने कहा कि भारत को लेकर आईएमएफ की गणना अधूरी है। और यह न भूलिए कि जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, भारत ग्यारहवें नंबर पर था। आज हम पांचवीं सबसे बड़ी (अर्थव्यवस्था) हैं। हमने फ्रांस को भी पीछे छोड़ दिया है।

वैश्विक प्रतिस्पर्धा में पिछड़ा भारत, उद्योग का प्रदर्शन सात साल में सबसे बुरा

अर्थव्यवस्था में गिरावट की चर्चा को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग, इन्फोर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी सेक्टर, मुद्रा लोन और वाणिज्यिक सेवा का प्रदर्शन काफी अच्छा है। संयोग है कि प्रसाद का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब विश्व प्रतिस्पर्धा सूचकांक में भारत 10 पायदान पीछे खिसक गया है। वहीं, शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में औद्योगिक उत्पादन में 1.1 फीसदी गिरावट आई। यह गत साल में उद्योग का सबसे बुरा प्रदर्शन है। विश्व प्रतिस्पर्धा सूचकांक की रिपोर्ट के बारे में प्रसाद ने कहा कि इनोवेशन, स्टार्टअप्स और बाजार के आकार जैसे पैमाने पर हमारी स्थिति सुधरी है। हां यह सच है कि कुछ अन्य पैमाने पर हम पीछे हुए हैं। विश्व आर्थिक मंच द्वारा तैयार इंडेक्स में भारत को 58वां स्थान मिला है।

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