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कामयाबी / स्विस घड़ियों को पछाड़कर दुनिया में तेजी से आगे बढ़ी सरकारी हिस्सेदारी वाली यह कंपनी

घड़ी और लक्जरी आइटम बेचने वाली टाइटन को तेजी से विस्तार करने के मामले में मिली चौथी रैंक

This company, with a fast and large public shareholding in the world, has overtaken Swiss watches
  • वर्ष 2002 से लेकर अब तक इस कंपनी के शेयर की वैल्यू 300 गुना बढ़ गई है।
  • टॉप 100 ग्लोबल लक्जरी कंपनियों की सूची में 27वां रैंक मिला है।

नई दिल्ली. टाटा समूह और सरकारी कंपनी तमिलनाडु इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (टिडको) की साझेदारी वाली कंपनी टाइटन दुनिया की सबसे तेजी से विस्तार करने वाली चौथी लक्जरी कंपनी बन गई है। घड़ी और आभूषण बनाने वाली इस कंपनी का साल 2014-15 से 2016-17 के बीच औसतन 19.7 फीसदी की रफ्तार से फैलाव हुआ है। इसने कई नामी स्विस वाचेस बनाने वाली कंपनियों को पछाड़ दिया है। यही नहीं, टॉप 100 ग्लोबल लक्जरी कंपनियों की सूची में 27वां रैंक मिला है।

टॉप 100 में चार दूसरी भारतीय कंपनियां भी 

डेलॉय द्वारा तैयार की गई सूची में टॉप 100 में भारत की चार और कंपनियों को जगह मिली है। सूची में कल्याण ज्वेलर्स को 35वां, पीसी ज्वेलर को 40वां, जोयालुक्कास इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को 47वां और त्रिभुवनदास भीमजी झावेरी को 87वीं रैंक मिली है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2016-17 में टाइटन कंपनी की बिक्री 23.6 फीसद बढ़ी। नए स्टोरों, नए ब्रांड की लांचिंग, ऑनलाइन बिक्री का बेहतर परफॉर्मेंस जैसी वजहों से कंपनी की रिटेल बिक्री में जबरदस्त इजाफा हुआ है।

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लक्जरी आइटम से कंपनियों ने कमाए 17.15 लाख करोड़ रुपए 

टॉप 100 लक्जरी कंपनियों ने 2016-17 में कुल 247 अरब डॉलर (17.15 लाख करोड़ रुपये) की कमाई की। 76 फीसद कंपनियों ने लक्जरी बिक्री में बढ़ोतरी दर्ज की। इनमें से करीब आधी कंपनियों की बिक्री दहाई अंकों में बढ़ी। डेलॉय इंडिया के पार्टनर अनिल तलरेजा के मुताबिक बड़े महानगरों के अलावा दूसरे शहरों में भी तेजी से बाजार बढ़ने के कारण भारत में लक्जरी बिक्री में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसमें एक ऐसे ग्राहक वर्ग के उभरने की भी भूमिका रही जो अभी अमीरों में शामिल तो नहीं हुए हैं, लेकिन जिनकी कमाई काफी अधिक है। साल 2002 से लेकर अब तक टाइटन के शेयर की वैल्यू 300 गुना बढ़ गई है। 

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