विज्ञापन
Home » Economy » PolicyThe youth did not like the promise of Congress's 24 lakh jobs.

समीक्षा / युवाओं को नहीं लुभा पाया 24 लाख नौकरियों का वादा, रुझान में कांग्रेस को झटका

लोकसभा चुनाव परिणाम : एक साल में नौकरियां देने के वादे पर लोगों को यकीन ही नहीं हुआ

The youth did not like the promise of Congress's 24 lakh jobs.

नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव के लिए मतगणना के शुरूआती रुझानों में भाजपा अपनी दम पर सरकार बनाते हुए नजर आ रही है। कांग्रेस बहुमत से बहुत दूर है लेकिन वर्ष 2014 के अपने प्रदर्शन में सुधार दिख रहा है। भाजपा 300 से अधिक सीटों पर आगे है तो कांग्रेस  90 से अधिक सीटों पर। इसका मतलब है कि कांग्रेस युवाओं को लुभा नहीं पाई है। कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र 'हम निभाएंगे' में  एक साल के भीतर सरकारी नौकरियों के लिए 24 लाख पद भरे जाने का वादा किया था। लेकिन यह वादा लोगों के बीच असरकारी साबित नहीं हो पाया। 

 

यह है वजह 


कांग्रेस ने 24 लाख पद भरने का वादा जरूर किया लेकिन भर्ती का कोई मैकनिज्म नहीं बताया। लोगों को यह भरोसा ही नहीं हुआ कि एक साल में इतनी भर्तीयां कैसे की जा सकती हैं? दरअसल, भर्ती के लिए अब तक अपनाई जाने वाली प्रक्रिया में आरक्षण, विज्ञापन, परीक्षा समेत कई चरण होते हैं जिसकी वजह से एक साल में नौकरी देना संभव नहीं है। यही नहीं 24 लाख में से आधे से ज्यादा पद राज्य सरकारों के मातहत हैं। राज्यों में अधिकांश भाजपा सरकारें हैं। ऐसे में यह वादा पूरा कर पाना संभव नहीं था। 

यह भी पढ़ें : बढ़त से भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह, लड्‌डू बंटने शुरू, पार्टी दफ्तर आ सकते हैं PM मोदी

 

ग्रामीण युवाओं को भी नहीं लुभा पाई कांग्रेस 

 

ग्रामीण युवाओं को रोजगार देने का वादा मेनिफेस्टो में किया गया था। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ऐलान किया था कि उनकी सरकार पंचायतों और स्थानीय निकायों में 10 लाख सेवा मित्रों की नियुक्ति के साथ-साथ सरकारी परीक्षाओं और सरकारी पदों के लिए होने वाली परीक्षा से आवेदन शुल्क हटाएगी। चुनाव में इसकी बेहद कम चर्चा रही। इसी वजह से कांग्रेस को कोई फायदा नहीं मिला है।

 

दक्षिण भारत ने दिया साथ 


कांग्रेस के वादे दक्षिण भारत को रास आए हैं। केरल, तमिलनाडू, पुडुचेरी आदि में कांग्रेस क्लीन स्वीप कर रही है। ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस ने यहां जमीनी स्तर पर अपने वादे लोगों तक पहुंचाएं। उत्तर भारत में पार्टी का काडर बेस कमजोर होने की वजह से कांग्रेस अपनी बात लोगों तक पहुंचा नहीं पाई। 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन