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मिसाल / मोजे दान करने के आइडिया से 22 गुना बढ़ा टर्नओवर, 24 घंटे में मिल गए 17 लाख रु

कारोबार शुरू करने के बाद जितने मौजे बिकते, उतने ही कर देते हैं दान

The idea of donating money to 22 times turnover was increased, 17 lakh rupees in 24 hours
  • कंपनी के फाउंडर कहते हैं कि जरूरतमंदों की मदद कर उन्हें जो खुशी मिलती है उसका कोई मोल नहीं है 

नई दिल्ली. बिजनेस में नए आइडिया और स्टार्टअप बेहद सफल हो रहे हैं। ऐसे ही एक आइडिया की वजह से न केवल एक कंपनी को चार साल में 22 गुना की बढ़ोतरी हासिल हुई बल्कि परोपकारी कार्यों के लिए भी खूब सराहना मिली। उनके इस आइडिया को खूब पंसद किया गया कि कोई यदि एक जोड़ी मोजे खरीदेगा तो कंपनी भी इतना ही दान करेगी। दिलचस्प बात यह है कि कंपनी ने दान के लिए मदद मांगी तो महज 24 घंटे में 17 लाख रुपए मिल गए, जबकि लक्ष्य एक महीने में 10 लाख रुपए का था। 

 

यह है कंपनी का आइडिया

अमेरिका में बोम्बाज नाम के एक स्टार्टअप के संस्थापकों डेविड हीथ (36) और रैंडी गोल्डबर्ग (40) के लिए यह न सिर्फ एक बड़ा बिजनेस है, बल्कि वे इनके जरिए लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाने में मदद भी कर रहे हैं। साल 2013 में स्थापित इनके स्टार्टअप को अमेरिकी बिजनेस संबंधी रियलिटी टेलीविजन सीरीज शॉर्क टैंक के स्टार डेमंड जॉन का भी समर्थन प्राप्त है। जॉन का कहना है कि हीथ और गोल्डबर्ग के काम का हिस्सा बनने से उन्हें वास्तव में बेहद खुशी होती है। खास बात यह है कि बोम्बाज का जो बिजनेस मॉडल है वह कारोबार के साथ-साथ समाज सेवा भी कर रहा है। यह कंपनी अलग-अलग प्रकार के मोजे बनाती है। मोजे की हर एक जोड़ी बेचने पर एक जोड़ी बेघर जरूरतमंदों को दान करती है। 

 

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बेघरों के शिविर में सबसे ज्यादा मौजे की मांग आई तो सूझा आइडिया 

बोम्बाज के सीईओ डेविड हीथ कहते हैं, 'बोम्बाज के बिजनेस में दान का पहलू बाद में नहीं जुड़ा, बल्कि यही पहला आइडिया था। साल 2011 में मैं एक फेसबुक पोस्ट में यह पढ़कर चौंक गया था कि बेघरों के शिविर में सबसे अधिक अनुरोध मोजे मुहैया कराने का किया जाता है। मैंने सोचा कितने दु:ख की बात है कि जिस चीज के बारे में सोचने के लिए मैं कुछ ही सेकंड ध्यान देता हूं। वह किसी के लिए लग्जरी वस्तु भी हो सकती है।' उस समय हीथ और गोल्डबर्ग एक मीडिया स्टार्टअप में काम कर रहे थे। उन्होंने अपने विचार दोस्तों के साथ साझा किए। उस समय बाय वन-गेट वन का चलन शुरू पर था। इसी से आइडिया आया कि यदि वे इसे मोजों के बिजनेस में आएं तो गरीबों की सेवा करने का उद्देश्य भी पूरा हो सकता है। बोम्बाज के चीफ ब्रांड ऑफिसर गोल्डबर्ग कहते हैं, हमने कभी सोचा नहीं सोचा था कि हम कभी एक सॉक्स कंपनी खोलेंगे। लेकिन हम पर मोजों का जुनून सवार था। बाजार में मौजूद हर प्रकार के मोजे देखे। महसूस किया कि ज्यादातर लोग मोजे पहनकर असहज महसूस करते हैं। तब हमें लगा कि हम मोजों को बेहतर बनाने पर काम कर सकते हैं। यहीं से बोम्बाज का सफर शुरू हुआ।' शुरुआत में बोम्बाज सिर्फ टखनों और पिंडलियों के मोजे बनाकर बेचती थी। कारोबार बढ़ने पर सभी प्रकार के मोजे बनाने लगी। इसमें घुटने तक के मोजे और एथलेटिक मोजे भी शामिल हैं। अमेरिका में बोम्बाज के पुरुषों के एक जोड़ी मोजे की कीमत 832 रुपए और महिलाओं के एक जोड़ी मोजे की कीमत 728 रुपए है। बोम्बाज अब सिर्फ मोजे ही नहीं टी-शर्ट भी बना रही है। ताकि वह उन जरूरतमंदों की मदद कर पाए जो साफ-सुथरे कपड़े पहनने की सोच भी नहीं सकते हैं। कंपनी अपैरल की श्रेणी में और भी प्रोडक्ट्स लॉन्च करने की योजना बना रही है। 

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ऐसे शुरू अभियान 

साल 2013 में हीथ और गोल्डबर्ग ने नौकरी छोड़ दी। क्राउडफंडिंग यानी दान जुटाने वाली वेबसाइट इंडीगोगो के जरिए पैसे जुटाने का अभियान शुरू किया। शुरुआत में उन्होंने 30 दिन में 10 लाख रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा था। लेकिन पहले 24 घंटों में ही 17 लाख रुपए से ज्यादा रकम जुटा ली। कुल-मिलाकर बोम्बाज को 97 लाख रुपए की क्राउडफंडिंग मिली। इस पूंजी के साथ अक्टूबर 2013 में कारोबार की शुरुआत की। 2014 में दोस्त-परिवार से 7 करोड़ रुपए जुटाए। दोनों एबीसी पर प्रसारित होने वाले रियलिटी शो शार्क टैंक में हिस्सा लिया था। 

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चार साल में 32 करोड़ का टर्नओवर पहुंच गया 707 करोड़ रुपए 

वर्ष - टर्नओवर (करोड़ रुपए में) 
2015  32 
2016  52 
2017  323 
2018  707 

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