• Home
  • The goddess of the sea said to contest the election, so it will leave the work of making iphones 52 thousand crores of property

अजब-गजब /समुद्र की देवी ने चुनाव लड़ने के लिए कहा, इसलिए आईफोन बनाने का काम छोड़ेंगे 52 हजार करोड़ रुपए की संपत्ति के मालिक

  • दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में = 442वें स्थान पर हैं टैरी गोउ।
  • गोउ 2020 में होने वाले इस चुनाव के लिए विपक्षी पार्टी केएमटी की ओर से दावेदारी पेश कर सकते हैं।

money bhaskar

Apr 18,2019 10:16:40 AM IST

नई दिल्ली. दूसरे क्षेत्र से राजनीति में आए लोग चुनाव लड़ने के लिए बहुतेरे तर्क देते हैं। लेकिन एक अरबपति ने चुनाव लड़ने के लिए समुद्र की देवी को बीच में ला दिया है। एप्पल की सबसे बड़ी सप्लायर कंपनी फॉक्सकॉन के फाउंडर टैरी गोउ ताइवान में राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ना चाहते हैं। गोउ मंगलवार को समुद्र की देवी का दर्शन करने एक मंदिर गए थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि समुद्र की देवी ने उन्हें चुनाव लड़ने का आदेश दिया है। यही नहीं गोउ ने कहा कि वे फॉक्सकॉन कंपनी का शीर्ष पद छोड़ना चाहते हैं और युवाओं का आगे बढ़ने का मौका देना चाहते हैं।

विपक्षी पार्टी की ओर से कर सकते हैं दावेदारी

गोउ 2020 में होने वाले इस चुनाव के लिए विपक्षी पार्टी केएमटी की ओर से दावेदारी पेश कर सकते हैं। गोउ ताइवान के सबसे धनी व्यक्ति हैं। फोर्ब्स के मुताबिक उनकी नेटवर्थ 760 करोड़ डॉलर (करीब 52 हजार करोड़ रुपए) है। वे दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में 442वें स्थान पर हैं। ताइवान में केएमटी पार्टी और गोउ, दोनों को चीन समर्थक माना जाता है।

यह भी पढ़ें - बड़ी नाकामयाबी / मोदी सरकार के कार्यकाल में नोटबंदी के बाद 50 लाख नौकरियां गईं

युवाओं को देना चाहते हैं मौका

गोउ ने कहा था कि वे फॉक्सकॉन कंपनी का शीर्ष पद छोड़ना चाहते हैं और युवाओं का आगे बढ़ने का मौका देना चाहते हैं। गोउ ने केएमटी के मुख्यालय जाकर कहा कि शांति, स्थिरता और ताइवान की अर्थव्यवस्था में तेजी लाना उनका मुख्य लक्ष्य है। गोउ तभी राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ पाएंगे जब उन्हें केएमटी की ओर से स्वीकृति मिले। विशेषज्ञों के मुताबिक गोउ यह स्वीकृति हासिल कर चुके हैं, तभी इतने आत्मविश्वास से बोल रहे हैं। गोउ का यह फैसला सत्तारूढ़ पार्टी के लिए झटका माना जा रहा है। हाल के ओपिनियन पोल में राष्ट्रपति साई इंग वेन की अगुवाई वाली सत्तारूढ़ पार्टी डीपीपी की स्थिति कमजोर मानी जा रही थी। अगर गोउ जैसा उम्मीदवार विपक्ष की ओर से खड़ा होता है तो डीपीपी और भी कमजोर हो सकती है। डीपीपी चीन से पूरी तरह अलगाव का रुख रखती है। इसके लिए वह अमेरिका की मदद लेने के लिए भी तैयार है। चीन को आशंका है कि साई ताइवान की औपचारिक आजादी दिलाने की दिशा में काम कर रही हैं।

यह भी पढ़ें - बिडंबना / बंगाल टाइगर के घर कहलाने वाले एक खूबसूरत द्वीप में नौजवानों से कोई शादी के लिए तैयार नहीं

पहले पूरे चीन पर था केएमटी का शासन, गृह युद्ध के बाद 1949 में ताइवान में सिमटी

केएमटी पार्टी एक समय पूरे चीन पर शासन करती थी। लेकिन चीन में वामपंथियों के साथ गृह युद्ध शुरू होने पर पार्टी 1949 में सिर्फ ताइवान में सिमट गई। केएमटी का कहना है कि अगर वह ताइवान में सत्ता में आती है तो चीन के साथ शांति समझौता करेगी। केएमटी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि गोउ 50 साल से पार्टी के सदस्य हैं। उन्होंने 2016 में पार्टी को 15 लाख डॉलर (10 करोड़ रुपए) का ब्याज मुक्त कर्ज भी दिया था।

यह भी पढ़ें - पर्यटन / यदि आप व्यस्क हैं तो ये टूरिस्ट प्लेस बना सकते हैं आपकी छुट्‌टी को यादगार

X

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.