• Home
  • Separate minimum wage in different states, apart from housing allowance

मनी भास्कर खास /अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग न्यूनतम मजदूरी, इसके अलावा हाउसिंग भत्ता भी

  • खाने एवं अन्य खर्चों के आधार पर मिलेगी न्यूनतम मजदूरी
  • हड़ताल करने के लिए दो सप्ताह पहले नोटिस देना होगा अनिवार्य
  • संसद के पहले सत्र में लेबर बिल होगा पेश, श्रम मंत्रालय की प्राथमिकता में
  • मंत्रालय की एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिश, जल्द ही कैबिनेट में

Money Bhaskar

May 28,2019 05:27:32 PM IST

मनी भास्कर, नई दिल्ली.

श्रम कानून में सुधार (लेबर रिफॉर्म) नई सरकार की पहली प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पिछले साल ही श्रम कानून में सुधार एवं व्यापक बदलाव का संकेत दे चुकी है। इस सुधार के लिए श्रम मंत्रालय की तरफ से एक्सपर्ट कमेटी बनाई गई थी। कमेटी की रिपोर्ट मार्च में सौंप दी थी जिसपर स्टेकहोल्डर्स एवं अन्य मंत्रालयों से राय मांगी गई थी। रायशुमारी का काम लगभग पूरा हो चुका है। अब मंत्रालय कमेटी की सिफारिश के आधार पर श्रम कानून में सुधार को अपनी पहली प्राथमिकता बता रहा है। पहले इन सिफारिशों को कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। नई सरकार के पहले संसद सत्र में इसे संसद के समक्ष पेश किया जाएगा।

भौगोलिक आधार पर होगी मजदूरी

अब भौगोलिक आधार पर न्यूनतम मजदूरी तय होगी। मसलन दिल्ली-मुंबई से अधिक मजदूरी हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ एवं हिमाचल प्रदेश में मिलेगी। इसकी मुख्य वजह है कि अब न्यूनतम मजदूरी मुख्य रूप से खाद्य एवं गैर खाद्य आइटम पर होने वाले खर्च के आधार पर तय होगी। इसके अलावा 55 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से हाउसिंग भत्ता मिलेगा।

राज्यों को पांच रिजन में बांटा गया है

रिपोर्ट के मुताबिक न्यूनतम मजदूरी के लिए राज्यों को पांच रिजन में बांटा गया है। एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिश को सरकार मान लेती है तो न्यूनतम मजदूरी की सबसे अधिक दर 446.6 रुपए प्रतिदिन होगी। यह दर रिजन चार के लिए तय की गई है। रिजन चार में हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा एवं चंडीगढ़ शामिल हैं। यानी कि इन राज्यों में किसी भी कामगार से एक दिन काम कराने के बदले 446.6 रुपए देने ही पड़ेंगे। इस हिसाब से महीने में 26 दिन काम करने पर 11,611 रुपए की मजदूरी मिलेगी।

रिजन तीन के लिए न्यूनतम मजदूरी प्रतिदिन 414.4 रुपए तय की गई है

रिजन तीन के लिए न्यूनतम मजदूरी प्रतिदिन 414.4 रुपए तय की गई है। रिजन तीन में गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल एवं पांडिचेरी शामिल हैं। इन जगहों पर 26 दिन काम करने पर कम से कम 10,775.5 रुपए मिलेंगे। रिजन पांच के लिए 385.8 रुपए प्रतिदिन की न्यूनतम मजदूरी तय की गई है। इस रिजन में नार्थ-ईस्ट के सभी राज्य शामिल हैं। यहां 26 दिन काम करने पर कम से कम 10030 रुपए मिलेंगे। न्यूनतम मजदूरी के मामले में दिल्ली-उत्तर प्रदेश के लिए अपेक्षाकृत कम दरें तय की गई हैं। दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश को बिहार, झारखंड, उड़ीसा, मध्यप्रदेश एवं पश्चिमबंगाल के साथ रिजन एक में शामिल किया गया है। इस रिजन के लिए न्यूनतम मजदूरी की दर सिर्फ 341.5 रुपए तय की गई है। यानी कि इन राज्यों में 26 दिन काम करने पर 8879 रुपए मिलेंगे जो कि हिमाचल, पंजाब एवं हरियाणा के मुकाबले लगभग 3000 रुपए कम है।

रिजन दो में 380.2 रुपए प्रतिदिन की न्यूनतनम मजदूरी होगी

रिजन दो में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर एवं राजस्थान शामिल हैं। इन राज्यों के लिए 380.2 रुपए प्रतिदिन की न्यूनतनम मजदूरी होगी। यहां 26 दिनों तक काम करने पर 9885.2 रुपए मिलेंगे। इसके अलावा सभी रिजन में रहने के लिए अलग से हाउसिंग भत्ता देना होगा जो कि 55 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से दिया जाएगा। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में खाने के लिहाज से रिजन तीन एवं चार को अन्य रिजन के मुकाबले महंगा बताया है। न्यूनतम मजदूरी तय करने के दौरान प्रति व्यक्ति रोजाना 2400 कैलोरी के उपभोग को ध्यान में रखा गया। एक घर में 3.6 यूनिट के उपभोग के हिसाब से खाने एवं अन्य खर्च को ध्यान में रखते हुए न्यूनतम मजदूरी तय की गई है। कमेटी ने हर पांच साल पर इस न्यूनतम मजदूरी की दरों को रिवाइज करने की भी सिफारिश की है।

हड़ताल के लिए दो सप्ताह पहले नोटिस

सिफारिश के मुताबिक श्रमिक कभी भी अपनी मर्जी के मुताबिक हड़ताल पर नहीं जा सकेंगे। हड़ताल पर जाने से दो सप्ताह पहले उन्हें प्रबंधक को नोटिस देना होगा। अभी श्रमिक कभी भी अपनी मर्जी से हड़ताल पर चले जाते हैं जिससे उत्पादन प्रभावित होता है।

X

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.