विज्ञापन
Home » Economy » PolicyReliance says not violating US sanctions on Venezuela, bought oil with knowledge of US authorities

पलटवार / अमेरिका ने मुकेश अंबानी पर लगाया था बड़ा आरोप, अब Reliance ने दिया करारा जवाब

कहा- अमेरिकी प्रशासन की मंजूरी के बाद खरीदा गया कच्चा तेल

1 of

नई दिल्ली। देश के दिग्गज कारोबारी मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने वेनेजुएला से तेल खरीद मामले में अमेरिकी पाबंदी के उल्लंघन मामले में करारा जवाब दिया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शनिवार एक बयान जारी कर कहा कि उसने तेल खरीद में वेनेजुएला पर अमेरिकी पाबंदियों का कोई उल्लंघन नहीं किया है। रिलायंस ने कहा कि लैटिन अमेरिकी देश से रूस की रोसनेफ्ट जैसी कंपनियों से कच्चे तेल की खरीद की है और इसकी पूरी जानकारी अमेरिकी प्रशासन को है।

नकद भुगतान की रिपोर्ट को गलत बताया
रिलायंस ने अपने बयान में कहा कि वेनेजुएला की राष्ट्रीय तेल कंपनी पीडीवीएसए को तेल आपूर्ति के लिए तीसरे पक्ष के जरिए नकद भुगतान की रिपोर्ट पूरी तरह गलत और निराधार है। बयान में कहा गया है कि रिलायंस ने वेनेजुएला से कच्चे तेल की खरीद रोसनेफ्ट (रूस की कंपनी) जैसी कंपनियों से की है। यह खरीद अमेरिकी पाबंदी से पहले की गई। बयान में कहा गया है कि पाबंदी लगने के बाद से रिलायंस ने जो भी खरीद की, वह अमेरिकी विदेश विभाग (यूएसडीओएस) की जानकारी तथा मंजूरी से की। रिलायंस ने यूएसडीओस को मात्रा तथा लेन-देन के बारे में जानकारी दी है। इस प्रकार के लेन-देन से पीडीवीएसए को कोई भुगतान नहीं हुआ तथा इससे अमेरिकी प्रतिबंधों या नीतियों का उल्लंघन नहीं होता।

रूसी कंपनी रोसनेफ्ट के जरिए किया गया भुगतान


रिलायंस ने कहा कि ऐसे विक्रेताओं के साथ कीमत समझौता बाजार भाव पर हुआ तथा भुगतान का निपटान नकद या द्विपक्षीय रूप से उत्पाद की आपूर्ति के माध्यम से हुआ। बयान में कहा गया है कि यह रिपोर्ट पूरी तरह से गलत है कि रिलायंस ने रोसनेफ्ट के जरिए पीडीवीएसए को भुगतान किया। इन सौदों में पीडीवीएसए केवल मूल आपूर्तिकर्ता रहा है क्योंकि कच्चे तेल उसके निर्यात संयंत्रों से आता है। 

वेनेजुएला से कच्चे तेल का बड़ा आयातक है रिलायंस


पिछले महीने रिलायंस ने कहा था कि उसने अमेरिकी प्रतिबंध झेल रहे वेनेजुएला से सभी तेल निर्यात बंद कर दिया है और जबतक पाबंदी नहीं हटाई जाती, बिक्री शुरू नहीं की जाएगी। रिलायंस वेनेजुएला से कच्चे तेल का बड़ा आयातक रहा है। उसने अपनी खरीद में एक तिहाई की कमी की है। अमेरिका ने वेनेजुएला पर जनवरी 2019 में पाबंदी लगाई। इसका मकसद देश के कच्चे तेल के निर्यात पर अंकुश लगाना तथा समाजवादी राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पद छोड़ने के लिए दबाव बनाना है।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन