Home » Economy » Policyराष्ट्रपति राम नाथ कोविंद - इनसॉल्वेंसी और बैंकरप्सी कोड संशोधन अध्यादेश को राष्ट्रपति की मंजूरी

डिफॉल्टर्स नहीं कर पाएंगे बिडिंग, इनसॉल्वेंसी लॉ में संशोधन को मिली मंजूरी

प्रेसिडेंट कोविंद ने इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड में अमेंडमेंट के लिए ऑर्डिनेंस को मंजूरी दे दी है।

1 of

नई दिल्ली. प्रेसिडेंट राम नाथ कोविंद ने इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड में अमेंडमेंट (संशोधन) के लिए ऑर्डिनेंस (अध्यादेश) को मंजूरी दे दी है। जिसके चलते अब नॉन प्रॉफिटेबल एसेट (NPA) में आए विलफुल डिफॉल्टर्स और कंपनियां अपने एसेट्स के लिए बिडिंग नहीं कर पाएंगी। इसके साथ ही कर्ज ना लौटाने वाली कंपनियों से निश्चित समयसीमा के भीतर वसूली का रास्ता भी साफ हो जाएगा। यह ऑर्डिनेंस रिजॉल्युशन प्लान्स पर लागू होगा, जिन्हें इनसॉल्वेंसी लॉ के तहत मंजूरी मिलनी बाकी है।

 

 

विंटर सेशन में रखा जाएगा ऑर्डिनेंस

- कैबिनेट ने बुधवार को ही इनसॉल्‍वेंसी एंड बैंकरप्‍सी कोड में संशोधन के लिए अध्‍यादेश लाने को मंजूरी दी थी। 
- सूत्रों के मुताबिक, इस अध्यादेश को राष्ट्रपति से मंजूरी मिल गई है। अब इस संशोधन बिल को संसद के विंटर सेशन में पेश किया जा सकता है। बता दें कि विंटर सेशन 15 दिसंबर से 5 जनवरी तक चलेगा।


बैंकों को होगा फायदा

- बैंकरप्सी कानून में होने वाले बदलाव से सरकारी बैंकों को बड़ा फायदा होगा। वहीं बैंकरप्सी प्रॉसेस से गुजर रहे भूषण स्टील, मोनेट स्टील जैसी कंपनियों के लिए इसे बुरी खबर माना जा रहा है।


300 से ज्‍यादा केस दर्ज हुए

- इस वक्‍त तक 300 से ज्‍यादा केस इस कोड के तहत दर्ज हो चुके हैं। इन्हें नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्‍यूनल (एनसीएलटी) इस कोड के तहत मंजूरी मिल चुकी है। 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट