एविएशन सेक्टर /जेट संकट के बीच एयर इंडिया को फिर बेचने की तैयारी, प्रक्रिया तेज करने के निर्देश

money bhaskar

May 25,2019 05:12:00 PM IST

नई दिल्ली. केंद्र में दोबारा से आई मोदी सरकार अब तेजी से आर्थिक सुधारों को पूरा करना चाहती है। सरकार चाहती है कि एअर इंडिया को बेचने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। लिहाजा, कंसलटेंसी फर्म अर्न्स्ट एंड यंग (ईवाई) को फिर से काम पर लगाया गया है। फर्म से कहा गया है कि वह जल्द ही इस बारे में रुचि पत्र (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) जारी करे। रुचि पत्र जारी होने पर खरीदारी के इच्छुक अपना प्रस्ताव देते हैं। यह प्रक्रिया तब हो रही है जबकि अभी तक जेट एयरवेज संकट का समाधान नहीं हो पाया है।

अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचना चाहती है सरकार

एविएशन मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक एयर इंडिया को पूरी तरह प्राइवेट प्लेयर के हाथों में सौंपने की तैयारी है। इसकी शुरुआत इसी अगस्त या सितंबर महीने में हो सकती है। केंद्र में मोदी सरकार और ज्यादा बहुमत के साथ दूसरी बार लौटी है। इससे पहले भी सरकार ने एयर इंडिया में हिस्सेदारी बेचने की तैयारी की थी, लेकिन कोशिश सफल नहीं हो पाई थी। पिछली बार सरकार एयर इंडिया में 25% हिस्सेदारी रखना चाहती थी और 75%हिस्सेदारी बेचना चाहती थी। लेकिन, इस शर्त की वजह से एयर इंडिया को कोई निवेशक नहीं मिला। इस तरह हिस्सेदारी बेचने की कोशिश विफल रही थी

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एयर इंडिया पर 55 हजार करोड़ रुपए का है कर्ज


अगर किसी कंपनी में किसी का 25 फीसदी या इससे ज्यादा शेयर होता है तो वह कंपनी के फैसले को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। इसी वजह से निवेशक एयर इंडिया से पीछे हट गए थे। गौरतलब है कि एयर इंडिया पर 55 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है।

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