परियोजना /पीएम मोदी ने किया भारत और नेपाल के बीच तेल पाइप लाइन का उद्घाटन

  • पीएम ने अपने संबोधन में कहा, 'यह प्रोजेक्ट दोनों देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, इससे दोनों देश को आर्थिक फायदा होगा'
  • इस पाइपलाइन की लंबाई 69 किलोमीटर है
  • इसे 350 करोड़ रुपए की लागत से एक साल में बनाया गया है

Moneybhaskar.com

Sep 10,2019 04:07:10 PM IST

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मोतिहारी-अमलेखगंज पाइपलाइन परियोजना शुभारंभ किया जो दक्षिण एशिया की पहली अंतर्राष्ट्रीय पाइपलाइन है। मोदी ने इस मौके पर कहा कि इस पाइपलाइन के माध्यम से हर साल नेपाल को 20 लाख टन स्वच्छ ईंधन की आपूर्ति की जा सकेगी। इससे नेपाल के लोगों को मदद मिलेगी। उन्होंने इस बात पर संतोष जताया कि इस परियोजना के कारण नेपाल में ईंधनों की कीमत कम होगी। बता दें कि फिलहाल भारत और नेपाल के बीच पेट्रोलियम उत्पादों का ट्रांसपोर्ट 1973 में बनाए गए नियमों के आधार पर ही हो रहा है।

इस पाइपलाइन की लंबाई 69 किलोमीटर है

इससे नेपाल को पर्यावरण अनुकूल पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इस पाइपलाइन की लंबाई 69 किलोमीटर है। इसे 350 करोड़ रुपए की लागत से एक साल में बनाया गया है। इसकी पूरी लागत भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन द्वारा वहन किया गया है। मोदी ने परियोजना को 'द्विपक्षीय संबंधों का प्रतीक' बताया। उन्होंने दोहराया कि इससे क्षेत्र में सुरक्षा को बढ़ाने में मदद मिलेगी और 'पारगमन लागत में काफी हद तक कमी आएगी।' इस मौके पर मोदी ने 2015 में नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप को याद किया, और इस पर खुशी जताई कि उसके बाद कैसे हिमालयी राष्ट्र आगे बढ़ा है। उन्होंने नेपाल के विकास कार्यों में सहायता करने की भारत की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन ने की पेट्रोल और डीजल की कीमतों में दो-दो रुपए की कटौती

ओली ने अपने देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तत्काल प्रभाव से कटौती की घोषणा करते हुए कहा “मुझे आपको यह बताते हुये खुशी हो रही है कि नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन ने आज से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में दो-दो रुपये की कटौती कर दी है।” उन्होंने कहा कि इस परियोजना से दोनों देशों के परस्पर संबंधों को नयी दिशा मिलेगी। उन्होंने मोदी को जल्द से जल्द नेपाल की यात्रा पर आने का निमंत्रण देते हुये कहा कि निस्संदेह यह परियोजना दोनों देशों के बीच आपसी संपर्क और आपसी निर्भरता बढ़ायेगी। यह व्यापार के क्षेत्र में संपर्क के बेहतरीन उदाहरणों में से एक है। उन्होंने कहा कि ‘समृद्ध नेपाल’ बनाने के लिए वह भारतीय प्रधानमंत्री के साथ मिलकर काम करने के इच्छुक हैं।

इस परियोजना के फायदे

शुरुआत में इस परियोजना की लागत का आकलन 275 करोड़ रुपए किया गया था जिसमें से भारत को 200 करोड़ रुपए का खर्च वहन करना था। इसके बाद NOC ने बताया कि परियोजना की कुल लागत बढ़ गई है और करीब 325 करोड़ रुपए खर्च आएगा। NOC डिप्‍टी एग्जीक्यूटिव डायरेक्‍टर सुशील भट्टाराई ने कहा, ‘सीमा पार ईंधन परियोजना के कॉमर्शियल ऑपरेशन ईंधन में कम से कम करीब एक रुपए प्रति लीटर कीमत कम जाएगी।’

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