मनी भास्कर खास /विदेश की तर्ज पर अब भारत के आइलैंड पर बनेंगे वाटर विला, पर्यटन को प्रोत्साहित करने की नई योजना

Moneybhaskar.com

Jun 20,2019 03:22:52 PM IST

मनोज कुमार

नई दिल्ली। देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने एक नई पहल शुरू की है। सरकार ने देश के द्वीपों पर वाटर विला बनाने की योजना बनाई है। इसके लिए सरकार ने थिंक टैंक नीति आयोग ने एक रोडमैप तैयार किया है। वाटर विला बनाने के लिए सबसे पहले लक्षद्वीप का चयन किया गया है। यहां पहले चरण में कुल 125 वाटर विला का निर्माण किया जाएगा।

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लक्षद्वीप में तीन स्थानों पर होगा वाटर विला का निर्माण

नीति आयोग की ओर से द्वीपो के विकास को लेकर 'ट्रांसफॉर्मिंग द आईलैंड थ्रो क्रिएटिविटी एंड इनोवेशन' के नाम से एक रिपोर्ट तैयार की गई है। इस रिपोर्ट में वाटर विला बनाने का जिक्र किया गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, सबसे पहले भारत का स्वर्ग माने जाने वाले लक्षद्वीप पर वाटर विला का निर्माण किया जाएगा। यह वाटर विला लक्षद्वीप में कदामत, मिनिकॉय और सुहेली नाम स्थानों पर बनाए जाएंगे। यह तीनों स्थान पर्यावरणीय तौर पर वाटर विला बनाने के लिए उपयुक्त हैं और इनका चयन इंटीग्रेटिड आइलैंड मैनेजमेंट प्लान्स और फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की सिफारिशों के आधार पर किया गया है।

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पहले चरण में 125 वाटर विला का निर्माण

पर्यटन को बढ़ावा हेतु वाटर विला बनाने के लिए पहले चरण में लक्षद्वीप का चयन किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, कदामत में 35, मिनिकॉय में 50 और सुहेली में 50 वाटर विला का निर्माण किया जाएगा। रिपोर्ट में क्लब लैंड आधारित और वाटर आधारित विला बनाने की सिफारिश की गई है। इन विला का निर्माण इको-फ्रेंडली निर्माण सामग्री से किया जाएगा।

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डीजल का नहीं होगा इस्तेमाल

अंडमान और निकोबार द्वीप और लक्षद्वीप को पर्यावरणीय रूप से सुरक्षित रखने के लिए नीति आयोग ने क्लीन और ग्रीन एनर्जी इनिशिएटिव शुरू किया है। इसके तहत इन द्वीपों पर बिजली की आपूर्ति के लिए सोलर और एलएनजी जैसे गैर परंपरागत ईंधन का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए इन दोनों द्वीपों पर कई सोलर पावर प्लांट लगाए जा रहे हैं। पहले चरण में यहां पर 20 इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन किया जा रहा है। नीति आयोग का प्रयास है कि पर्यावरणीय दृष्टि से इन द्वीपों पर डीजल का इस्तेमाल ना किया जाए।

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