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नई नेशनल इलेक्ट्रॉनिक पॉलिसी जल्द, आसान होगी मोबाइल-TV-लैपटॉप की मैन्युफैक्चरिंग

सरकार जल्द ही नई नेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स पॉलिसी लाने जा रही है।

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नई दिल्ली. सरकार जल्द ही नई नेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स पॉलिसी लाने जा रही है। इसके जरिए मोबाइल हैंडसेट, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, एलईडी प्रोडक्ट, इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग से लेकर उसके बिजनेस को बढ़ाने पर फोकस होगा। सरकार की  तैयारी है कि नए साल से इलेक्ट्रॉनिक पॉलिसी का खाका सामने पेश कर दिया जाए।
 
सरकार ने बनाए 9 वर्किंग ग्रुप
मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार रिवाइज्ड नेशनल इलेक्ट्रॉनिक पॉलिसी लाएगी। जिसके लिए इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के साथ-साथ दूसरे स्टेकहोल्डर्स को शामिल कर 9 वर्किंग ग्रुप का गठन किया है, जो 30 नवंबर तक सरकार को सुझाव देंगे। जिसके आधार पर रिवाइज्ड पॉलिसी का खाका तैयार होगा।
 
इन सेक्टर्स के लिए तैयार होगा रोडमैप
मिनिस्ट्री द्वारा जारी प्रपोजल के अनुसार नई पॉलिसी में मोबाइल हैंडसेट, एलईडी प्रोडक्ट्स, मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स, कन्ज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड एप्लायंस, इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर फोटोवोल्टिक, फैबलेस चिप डिजाइन, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विस, एलईडी, सेट टॉप बॉक्स, सेमीकंडक्टर, कंपोनेंट, आईटी एंड टेलिकॉम प्रोडक्ट्स, बैटरी आदि इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स के लिए नई पॉलिसी तैयार होगी।
 
किन बातों पर होगा फोकस
सूत्रों के अनुसार नई पॉलिसी में इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स के टैरिफ रेट, प्रोडक्ट का स्टैण्डर्डराइजेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, एक्सपोर्ट प्रमोशन, ई-वेस्ट मैनेजमेंट, ब्रॉन्ड बिल्डिंग पर प्रमुख रुप से फोकस होगा।
 
नए कारोबारियों पर बढ़ेगा फोकस
नई पॉलिसी में ग्लोबल लेवल पर प्रतिस्पर्धा को देखते हुए सरकार का फोकस है कि देश में स्टार्टअप को बढ़ावा मिले। इसके लिए रिसर्च और डेवलपमेंट को बढ़ावा देने पर भी फोकस होगा।
 
इंडस्‍ट्री का क्‍या कहना है 
इंडियन सेलुलर एसोसिएशन के प्रेसिडेंट पंकज महेंद्रू, गर्वेमेंट की बनाई गई कमिटी के जो सदस्‍य हैं, ने कहा कि सरकार इसके जरिए इलेक्‍ट्रॉनिक प्रोडक्‍ट्स में ग्‍लोबल लीडर बनाना चाहती है। जिस तरह मोबाइल हैंडसैट मैन्युफैक्चरिंग से करीब 100 कंपनियां भारत में आ चुकी हैं वैसे ही सफलता सरकार दूसरे इलेक्‍टॉनिक आइटम्‍स में भी दोहराना चाहती है। नई पॉलिसी में इन्‍हीं सब बातों पर जोर होगा। 
 
इम्पोर्ट बिल घटाना चाहती है सरकार
भारत अभी अपनी जरूरतों का करीब 65 फीसदी इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट इम्पोर्ट करता है। ऐसा अनुमान है कि साल 2020 तक 400 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। जिसमें से घरेलू लेवल पर केवल 100 अरब डॉलर के ही इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट की मैन्युफैक्चरिंग होगी। सरकार नई पॉलिसी के जरिए अपने इम्पोर्ट बिल को भी घटाना चाहती है।
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