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 अध्यात्म  /काशी में 683 करोड़ रुपए में बनेगा मोक्ष का कॉरिडोर, खत्म हो सकेगी वेटिंग

Moneybhaskar.com

Jun 20,2019 02:20:33 PM IST

नई दिल्ली. भारत की सांस्कृतिक चेतना और विरासत के मुख्य शहर वाराणसी (पूर्व नाम -काशी) के बारे में कई मान्यताएं हैं। ऐसा कहा जाता है कि जो भी व्यक्ति गंगा के तट पर बसे इस धाम में प्राण त्यागता है उसे निश्चित तौर पर मोक्ष की प्राप्ति होती है। मतलब यहां मरने वाला व्यक्ति जन्म- मरण के चक्र से छूट जाता है। इसी मान्यता के मद्देनजर लोग बड़ी संख्या में अपने जीवन का अंतिम समय बनारस में बिताने के लिए पहुंचते हैं और यहां बने मोक्ष केंद्रो में रहते हैं। लोगों की इसी भावना को ध्यान में रखते ही मोदी सरकार की 683 करोड़ रुपए वाली काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में आधुनिक मोक्ष केंद्र बनाए जाएंगे। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह संसदीय सीट है। वे यहां से लगातार दूसरी बार चुनाव जीते हैं। उनकी सरकार के पहले कार्यकाल में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी गई थी।



अभी रहती है लंबी वेटिंग लिस्ट


मोक्ष केंद्रों में रहने के लिए हर रोज दर्जनों आवेदन आते हैं और सालों तक लगातार यह आवेदन लंबी वेटिंग लिस्ट का हिस्सा बने रहते हैं। अब नई परियोजना के तहत सरकार बनारस में और ज्यादा मोक्ष केंद्र बनाने की योजना बना रही है। यह काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर प्रोजेक्ट का हिस्सा होंगे। इसके तहत सरकारी फंड से इनका निर्माण होगा इनमें महिलाओं और पुरुषों के लिए बराबर संख्या में सीटें होंगी।

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मणिकर्णिका घाट से मंदिर के बीच होंगे नए केंद्र


काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशाल सिंह ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया फिलहाल काशी में मोक्ष भवन जोड़ों के लिए हैं जबकि कई ऐसे लोगों के लिए हैं जो बेहद वृद्धावस्था से होकर गुजर रहे हैं। हाल ही में बनने जा रहे मोक्ष भवन में ऐसा कोई नियम नहीं होगा। एक अहम बात जो नए मोक्ष केंद्रों को मौजूदा केंद्रों से अलग बनाएगी वह ये है कि यह मोक्ष केंद्र पवित्र स्थान पर बनाए जाएंगे। यह मोक्ष केंद्र अविमुक्त चक्र के अंतर्गत बनाए जाएंगे जो काशी विश्वनाथ मंदिर और मर्णिकर्णिका घाट के बीच मौजूद है।
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