• Home
  • Modi government's historic initiative to remove Section 370 from Kashmir motion tabled in Parliament

कमेंट /वरिष्ठ कानूनविद हरीश साल्वे का दावा- सरकार ने अनुच्छेद 370 को नहीं, उसके प्रावधानों को रद्द किया

  • कहा- जम्मू कश्मीर को बांटने का फैसला राजनीति, संसद से पारित कराना होगा प्रस्ताव

Moneybhaskar.com

Aug 05,2019 06:34:02 PM IST

नई दिल्ली। वरिष्ठ कानूनविद हरीश साल्वे का कहना है कि केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 को नहीं बल्कि उसके प्रावधानों को खत्म किया है। साल्वे ने सुप्रीम कोर्ट में मीडिया से बातचीत में कहा कि अनुच्छेद 370 कहता है कि उसके तहत प्रावधानों को राष्ट्रपति के आदेश के जरिए लागू किया जाएगा। 1954 में राष्ट्रपति के आदेश के जरिए अनुच्छेद 35ए को संविधान में शामिल किया गया था। आज उसी आदेश को रद्द किया गया है।

राज्य के पुनर्गठन विधेयक को संसद से पारित कराना होगा

एजेंसी की खबरों के मुताबिक राज्य की सीमाओं को फिर से निर्धारित करने या राज्य के पुनर्गठन पर सरकार के विधेयक पर साल्वे ने कहा कि राज्य को दो भागों में बांटने से संबंधित विधेयक को संसद में दो बार पेश किया जाएगा। विधेयक का महत्व तभी होगा, जब यह संसद में पारित होगा..यह एक राजनीतिक फैसला है। अनुच्छेद 35ए के अनुसार, राज्य की विधायिका को जम्मू एवं कश्मीर के स्थायी नागरिकों के दर्जे को परिभाषित करने का अधिकार है। साल 1954 में राष्ट्रपति के एक आदेश के जरिए इसे संविधान में शामिल किया गया था। इसके अनुसार, कोई भी बाहरी व्यक्ति जम्मू एवं कश्मीर में संपत्ति नहीं खरीद सकता और राज्य में नौकरी नहीं कर सकता। यह अनुच्छेद राज्य की महिला नागरिकों को भी किसी बाहरी व्यक्ति से शादी करने की स्थिति में राज्य में किसी भी संपत्ति के अधिकार से वंचित करता है। इसे एक याचिका के जरिए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी दी गई है। शीर्ष अदालत में अनुच्छेद 35ए को चुनौती देती छह याचिकाएं दायर की गई हैं।

राज्यसभा में पेश हुआ प्रस्ताव

गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवर को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का प्रस्ताव संसद में पेश कर दिया। इसके तहत जम्मू कश्मीर राज्य का पुनर्गठन होगा। संसद में पेश प्रस्ताव के मुताबिक जम्मू कश्मीर से लद्धाख क्षेत्र को हटाकर एक अलग विधानसभा बनाई जाएगी, जिसे केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा हासिल होगा। वहीं, लद्दाख बिना विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश होगा।

बिल का हुआ जोरदार विरोध

शाह की ओर से पेश किए गए इस बिल का जोरदार विरोध हुआ। पीडीपी सांसदों ने अपने कपड़े फाड़ लिए। वहीं विपक्षी दलों की ओर से सदन के फ्लोर पर बैठकर विरोध दर्ज कराया गया। हंगामे बढ़ने पर राज्‍य सभा चेयरमैन वेंकैया नायडू ने पीडीपी के मिर फयाज और नजीर अहमद को सदन से बाहर जाने को कहा। दोनों ने संविधान फाड़ने की कोशिश की थी।

राष्ट्रपति की मिली मंजूरी

मोदी सरकार की तरफ से पेश प्रस्ताव को राष्‍ट्रपति की मंजूरी मिल गई है। राष्‍ट्रपति की मंजूरी के बाद अनुच्‍छेद 370 के सभी खंड लागू नहीं होंगे। इसमें सिर्फ एक खंड रहेगा।

X

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.