योजना /गरीबी मिटाने के बाद मनरेगा को खत्म कर देगी मोदी सरकार- नरेंद्र सिंह तोमर

  • तोमर ने कहा, हमारा लक्ष्य देश से गरीबी मिटाने का होना चाहिए।
  • इस वित्त वर्ष में मनरेगा के तहत 60,000 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है।

Moneybhaskar.com

Jul 18,2019 01:39:53 PM IST

नई दिल्ली. केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि मोदी सरकार मनरेगा को हमेशा के लिए जारी रखने के पक्ष में नहीं है। यह योजना गरीबों के हित के लिए है, जबकि सरकार का अंतिम लक्ष्य गरीबी खत्म करना है। ऐसे में गरीबी मिटाने के बाद सरकार मनरेगा को खत्म कर देगी।

बढ़ा है मनरेगा का बजट

एजेंसी की खबर के मुताबिक उन्होंने कहा कि 2018-19 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी एक्ट (मनरेगा) के तहत 55,000 करोड़ रुपए का आवंटन हुआ था, जबकि इस वित्त वर्ष में यह बढ़कर 60,000 करोड़ रुपए हो गया है। उन्होंने बताया कि हमने मनरेगा स्कीम में कुछ सुधार किए हैं जिससे यह बेहतर हुई है। अब 90 फीसदी मजदूरों की मजदूरी सीधे उनके बैंक अकाउंट में आती है। अब कोई बिचौलिया नहीं है।

सरकारी योजनाओं में हो रहा अधिक निवेश

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के पहले कार्यकाल के दौरान MGNREGA, PMAY, PMGSY जैसी विभिन्न सरकारी स्कीमों का कुल बजट पिछली सरकार के कार्यकाल के मुकाबले 76 फीसदी बढ़ा था। यह 2009-2014 में 3.58 करोड़ रुपए था, जबकि 2014-2019 में यह 5.77 लाख करोड़ रुपए हो गया। इसके अलावा NABARD की तरफ से ग्रामीण विकास मंत्रालय को बजट के अतिरिक्त भी धन का आवंटन किया जाता है।

महिला स्वयं सहायता समूहों की सराहना की

नरेंद्र सिंह तोमर ने महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों की सराहना करते हुए कहा कि, ये समूह ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार मुहैया करा रहे हैं। सरकार ने इन समूहों को दो लाख करोड़ रुपए के लोन दिए हैं और ये समूह समय पर अपना कर्ज चुका रहे हैं, इनका एनपीए सिर्फ 2.7 फीसदी है। बड़े काॅरपोरेट‌ को इन समूहों से सीखना चाहिए।


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