Home »Economy »Policy» Minister Ram Vilas Paswan Says Service Charge Is Totally Voluntary And Not Mandatory

होटल में सर्विस चार्ज देना कस्‍टमर की मर्जी, सरकार ने तय की गाइडलाइन

नई दिल्‍ली.  कंज्‍यूमर अफेयर्स मिनिस्‍टर रामविलास पासवान ने कहा है होटल और रेस्‍टोरेंट्स में सर्विस चार्ज देना जरूरी नहीं है, बल्कि पूरी तरह से कस्‍टमर की इच्‍छा पर है कि वह इसे दे या नहीं। इसलिए होटल यह तय नहीं कर सकते हैं कि वह कितना पैसा सर्विस चार्ज के रूप में लेंगे। सरकार ने आज इस बारे में गाइडलाइन को मंजूरी दे दी है। Q&A में समझें पूरा मामला...
 
Q. मसला क्या था?
A. कंज्यूमर अफेसर मिनिस्ट्री के मुताबिक उसे लोगों की तरफ से कई शिकायतें मिली थीं कि होटल्स और रेस्टोरेंट में टिप के नाम पर 5 से 10% तक सर्विस चार्ज वसूला जा रहा है। शिकायतों के मुताबिक- कई होटल और रेस्टोरेंट्स में सर्विस बेहतर ना होने के बावजूद कस्टमर्स को यह चार्ज देना पड़ रहा है।  
 
Q. सरकार ने पहले क्या कहा था?
A. कंज्यूमर अफेयर मिनिस्टर रामविलास पासवान के मुताबिक, "सर्विस चार्ज नहीं लगेगा। इसे गलत चार्ज किया जा रहा है। हमने इस पर एक एडवायजरी तैयार की है। इसे अप्रूवल के लिए पीएमओ को भेजा गया है।" 
 
Q. अब सरकार ने क्या कहा?
A. पासवान ने कहा, "सरकार ने सर्विस चार्ज पर तैयार गाइडलाइन को मंजूरी दे दी है। सर्विस चार्ज देना है या नहीं ये होटल्स और रेस्टोरेंट्स तय नहीं करेंगे, बल्कि कस्टमर तय करेगा।"
 
Q. नई गाइडलाइन के हिसाब से क्या होगा?
A. गाइडलाइन के मुताबिक, बिल में सर्विस चार्ज का कॉलम कस्टमर के लिए खाली छोड़ना होगा। वो फाइनल पेमेंट के वक्त इसे भरेगा।
 
Q. कस्टमर को क्या हक मिलेगा?
A. अगर सर्विस चार्ज देना जरूरी किया गया तो कस्टमर्स कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
 
Q. क्या कोई नया कानून भी आ रहा है?
A. कंज्यूमर अफेयर मिनिस्ट्री के सीनियर ऑशियल के मुताबिक, "मौजूदा कंज्यूमर प्रोटेक्शन लॉ के तहत इसमें बड़ा जुर्माना लगाने या कड़ी कार्रवाई करने का मिनिस्ट्री को पावर नहीं है। हालांकि, नए कंज्यूमर प्रोटेक्शन बिल में उसे यह पावर दिया जाएगा।"
 
Q. कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट क्या कहता है?
A. कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 1986 के मुताबिक, अगर किसी कंज्यूमर को गलत तरीके से सर्विस के बदले पैसा देने के लिए मजबूर किया जाता है तो वह इसकी शिकायत कंज्यूमर फोरम से कर सकता है। 
 
Q. गाइडलाइन पर होटल-रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन का क्या कहना है?
A. होटल्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया के प्रेसिडेंट दिलीप दतवानी ने कहा, "सर्विस चार्ज दुनियाभर में लगता है और यह भारत मंे करीब 50 सालों से लगाया जाता रहा है। यह चार्ज ढका-छुपा तो है नहीं। मैन्यु में इसका साफ-साफ जिक्र किया जाता है। फूड आउटलेट पर आने वाला कस्टमर अच्छी तरह जानता है कि उसे सर्विस चार्ज देना होगा। सिर्फ हॉस्पिटैलिटी में ही नहीं, बल्कि कई बिजनेस हैं, जिनमें ऐसे चार्ज लगाए जाते हैं। मुझे समझ नहीं आ रहे कि अकेले हमें ही क्यों इससे बाहर किया जा रहा है।"

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