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मोदी ने की 'मन की बात', आतंकवाद से एकजुट होकर लड़ना होगा

गुजरात में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, अरुण जेटली के साथ पीएम मोदी की 38वीं 'मन की बात' के दौरान लोगों संग चाय पी।

Mann ki Baat, PM Modi Remembers Victims of 26/11 Attacks
 

नई दि‍ल्‍ली. गुजरात में आज बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ कई अन्य बीजेपी नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 38वीं 'मन की बात' के दौरान लोगों के साथ चाय पी। इस कार्यक्रम का नाम ‘मन की बात-चाय के साथ’ रखा गया था। इस दौरान बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह अहमदाबाद के दरियापुर निर्वाचन क्षेत्र में इस कार्यक्रम में शामिल हुए। वहीं, केंद्रीय वित्त मंत्री सूरत पश्चिम सीट के अडाजन क्षेत्र में एक बूथ पर लोगों के साथ चाय पी। ऐसे ही लगभग 50 हजार बूथों हुए इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान, उमा भारती, स्मृति ईरानी, जुएल ओराव, पुरुषोत्तम रूपाला, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जीतू वघानी, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और गुजरात के कई मंत्री, विधायक तथा सांसद शामिल हुए। 


क्‍या थी पीएम के मन की बात 

 

'मन की बात' कार्यक्रम की शुरुअात पीएम मोदी ने बाल दिवस के मौके पर कर्नाटक में बच्चों से हुई बातचीत से की। उन्होंने कहा कि कन्नड़ अखबार में छपे बच्चों के लेखों से पता चलता है कि बच्चों को भी आस-पास की घटनाओं के बारे में पता है। पीएम मोदी ने कहा कि आज 26/11 है। इसके अलावा आज का दिन हम संविधान दि‍वस के रूप में मनाते हैं। हमारा संविधान बहुत व्यापक है, हमारे संविधान में सबको समानता का अधिकार है। इसलिए हमारा कर्तव्य है कि हम अपने संविधान की रक्षा करें। इस मौके पर पीएम मोदी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को भी याद किया। 


मुंबई हमले को कि‍या याद 

 

पीएम मोदी ने आज के दिन 9 साल पहले हुए मुंबई हमले को भी याद किया। उन्होंने कहा कि इस दिन को देश कभी भूल नहीं सकता। उन्होंने हमलों में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि‍ देश उन बहादुर नागरिकों, पुलिसकर्मियों, सुरक्षाकर्मी और हर उनको स्मरण करता है, उनको नमन करता है जिन्होंने अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा कि‍ आतंकवाद के कारण हजारों निर्दोश लोगों ने अपनी जान गंवाई है। उन्‍होंने कहा कि कुछ साल पहले भारत जब आतंकवाद के बारे में बात करता था तो दुनिया के देश इस पर गंभीर नहीं होते थे, लेकिन अब आतंकवाद उनके दरवाजे पर दस्तक दे रहा है तो यह बात उनको समझ में आ रही है। 

 

नौसेना का भी जि‍क्र कि‍या 

 

नरेंद्र मोदी ने इस कार्यक्रम में नौसेना का जिक्र करते हुए भारतीय नौसेना की उपलब्धियों का बखान किया। उन्होंने कहा कि 4 दिसम्बर को हम सब नौ-सेना दिवस मनाएंगे। हमारे समुद्र-तटों की रक्षा करने वालों को मैं प्रणाम करता हूं। इस साल सिंतबर में रोहिंग्या मामले में हमारी नौसेना ने बांग्लादेश में सहायता पहुंचाई थी। हमारी नौसेना ने हमेशा हमें गौरव के पल दिए हैं। 

उन्होंने कहा कि एक से सात दिसंबर तक हम आर्म फोर्स की उपलब्धियों के बारे में बताएंगे और सैनिकों के कल्याण के लिए धनराशि जुटाएंगे। उन्होंने कहा कि 5 दिसंबर को वर्ल्ड स्वॉयल-डे है। दुनिया में सबकुछ मिट्टी पर ही तो निर्भर है। मिट्टी के महत्व को लेकर सभी को जागरुक रहना होगा। वैज्ञानिक तरीकों से मिट्टी का पोषण होता रहे और किसानों को फसल उगाने में फायदा मिलता रहे। पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम के जरिए स्वच्छता अभियान पर भी चर्चा की। 

 

सुझाव भी मांगे 

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लोगों से इस कार्यक्रम के लिए सुझाव भी मांगे थे। उन्होंने आम जनता से अनुरोध किया था कि वह इस बार भी पिछली बार की तरह ही बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। मोदी ने जनता से नरेंद्र मोदी मोबाइल एप के जरिए भी अपना संदेश साझा करने की बात कही। प्रधानमंत्री ने जनता से सुझाव लेने को लेकर एक ट्वीट भी किया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि आप अपने सुझाव मुझतक पहुंचाने के लिए 1800-11-7800 नंबर भी डायल करे सकते हैं। इसके साथ ही अपना संदेश रिकॉर्ड करके भी भेज सकते हैं। 

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