लोक सभा चुनाव 2019 /चुनावी खर्च में दुनिया में नंबर वन बन गया भारत, 60,000 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान

  • 2014 में देश में 30,000 करोड़ खर्च हुए थे चुनाव में, चुनाव आयोग ने जब्त किए थे 1200 करोड़ रु। 
  • 2019 में 6 मई तक चुनाव आयोग 3361 करोड़ जब्त कर चुका है। 
  • चुनाव आयोग की तरफ से लोक सभा प्रत्याशी के लिए खर्च करने की सीमा 70 लाख रु।

Money Bhaskar

May 15,2019 07:05:00 PM IST

मनी भास्कर। नई दिल्ली.

लोकतंत्र के सबसे महान पर्व चुनाव पर खर्च करने में भारत ने दुनिया के सभी देशों को पीछे छोड़ दिया है। गैर सरकारी संगठन सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज ने अभी चल रहे लोक सभा चुनाव में 60,000 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान लगाया है। वर्ष 2016 में अमेरिका में राष्ट्रपति के चुनाव के दौरान 45,000 करोड़ रुपए खर्च किए गए। इस प्रकार वर्ष 2019 का भारतीय चुनाव दुनिया का सबसे खर्चीला चुनाव बन गया है। 19 मई को आखिरी चरण का मतदान होगा।

3000 करोड़ रुपए हुए जब्त

चुनाव में अवैध तरीके से भी खूब पैसे बांटे गए। इस बात की पुष्टि चुनाव आयोग की तरफ से जब्त रुपए से की जा सकती है। चुनाव आयोग ने अवैध तरीके से बांटने के लिए या चुनाव में गलत इस्तेमाल के लिए लाए गए 3000 करोड़ से अधिक रुपए जब्त किए है। गत 6 मई तक के आंकड़ों के मुताबिक सबसे अधिक 944.87 करोड़ रुपए तमिलनाडु से जब्त किए गए। गुजरात से 545 करोड़ रुपए जब्त किए गए। देश की राजधानी दिल्ली जहां लोकसभा के लिए मात्र 7 सीटें हैं, वहां से चुनाव आयोग ने 418 करोड़ रुपए जब्त किए। पंजाब से 276 रुपए तो आंध्र प्रदेश से 225 करोड़ रुपए जब्त हुए। मजेदार बात है कि चुनाव से पहले जब्त की गई अधिकतर राशि लौटा दी जाती है। दिसंबर, 2018 में तेलंगाना विधान सभा चुनाव में 55.6 करोड़ रुपए जब्त किए गए। इनमें से 6 करोड़ को छोड़ बाकी सभी रुपए लौटा दिए गए। कई बार इस बात को साबित करना कठिन हो जाता है कि जब्त राशि का इस्तेमाल चुनाव में वोट खरीदने या वोटर को रिझाने के लिए किया जाना था। हालांकि अदालत में इस धन को जमा कर देने से राशि पूरी तरह से जब्त हो सकती है, लेकिन अमूमन ऐसा नहीं होता है।

ऐसे लगता है रैली में खर्च का अनुमान

विशेषज्ञों के मुताबिक एक औसत टाइप की रैली के आयोजन पर कम से 20,000 रुपए खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। अगर रैली एक लाख की भीड़ वाली है तो इसके लिए एक करोड़ रुपए तक खर्च हो सकते हैं। चार्टर विमान का किराया 1.5 लाख रुपए प्रति घंटा से लेकर 3.5 लाख प्रति घंटा बताया जा रहा है। चुनाव प्रचार में इस्तेमाल होने वाले एसयूवी का किराया 10,000 प्रतिदिन चल रहा है।

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