इकोनॉमी /भारत सरकार को कोरोना वायरस का सबक- जनता की सेहत खतरे में पड़ेगी, तो देश में घट जाएगा एफडीआई

  • कोरोना वायरस के कारण फरवरी में चीन में 25.6 फीसदी घट गया एफडीआई

Moneybhaskar.com

Mar 13,2020 08:00:00 PM IST

नई दिल्ली. कोरोना वायरस की वैश्विक आपदा में भारत सरकार के लिए एक सख्त संदेश भी छुपा हुआ है। वह यह है कि यदि जनता की सेहत खतरे में पड़ेगी, तो देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) घट जाएगा। ऐसा ही चीन में हुआ, जहां कोरोना वायरस के कारण फरवरी महीने में एफडीआई 25.6 फीसदी घट गया। यही वह महीना है, जब चीन में कोरोना वायरस का प्रकोप सबसे खतरनाक स्थिति में था।

भारत के लिए काफी अहम है एफडीआई

भारत के आर्थिक विकास के लिए एफडीआई काफी अहम है। इसके अभाव में पहले से सुस्त चल रही भारत की विकास दर और नीचे जा सकती है। एफडीआई कम आएगा, तो रोजगार में भी कमी आएगी। इसलिए सरकार को यदि ज्यादा से ज्यादा एफडीआई जुटाकर देश की विकास दर बढ़ानी है, तो आम जनता की सेहत की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से चौकस रहना होगा।

चीन में जनवरी में 4 फीसदी बढ़ा, लेकिन फरवरी में 25.6 फीसदी घटा एफडीआई

चीन के एक वाणिज्यिक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना वायरस और चीन के नव वर्ष की छुट्‌टी के सम्मिलत प्रभाव से इस साल के पहले दो महीने में एफडीआई 8.6 फीसदी घट गया। वाणिज्य मंत्रालय के विदेशी निवेश विभाग के निदेशक जोंग चांगकिंग ने कहा कि जनवरी-फरवरी में चीन को 134.4 अरब युआन (करीब 19.2 अरब डॉलर) का एफडीआई मिला। उन्होंने कहा कि पिछले साल की समान अवधि की तुलना में जनवरी 2020 में तो एफडीआई 4 फीसदी बढ़ा, लेकिन फरवरी में इसमें 25.6 फीसदी की गिरावट आई। फरवरी में चीन में कोरोना वायरस का प्रकोप काफी खतरनाक स्थिति में था। उन्होंने पूरे साल एफडीआई में कमी रहने की आशंका जताई।

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